ट्रेन में मिली एक हसीना के साथ चोदन

वो बोली कि तुम तो बड़ी जल्दी जल्दी करने लगे. तो मैंने कहा कि आप इतनी सेक्सी हो कि मुझसे अब रहा नहीं गया कसम से आंटी आप अगर मेरी होती तो में आपको अपनी रातों की रानी बना लेता.
तो वो हंसी और फिर से आख बंद करने लगी और फिर मैंने उनसे कहा कि देखो आंटी रात का वक़्त है और यहाँ पर चलती हुई ट्रेन में कोई भी नहीं आएगा क्यों ना हम दोनों मज़ा करे? फिर कौन सा दोबारा हम लोगो को मिलना है.. तुम अपनी जगह और में अपनी जगह. तो वो बोली कि नहीं, सिर्फ इतना ही बहुत है और फिर मैंने उनको छोड़ दिया और उनके पास में बैठ गया. तो वो कुछ सोचने लगी. मैंने अपना लंड बाहर निकाला और सहलाने लगा और फिर उसकी नज़र एकदम मेरे लंड पर पड़ी तो वो मेरे लंड को एकटक देखने लगी.
मैंने कहा कि देखो यह आपके पास में है और इतना तना हुआ है और अगर एक बार आप पकड़ लोगी तो क्या होगा? तो वो बोली कि तुम क्या समझ रहे हो.. क्या मैंने पी रखी है और में बहुत नशे में हूँ? तो मैंने बोला कि नहीं मैंने यह सब तो कहा ही नहीं और तभी उसने मेरा लंड पकड़कर कहा कि अच्छा है यार. तो मैंने कहा कि फिर भी तो आप एकदम दूर भाग रही हो.. में कह तो रहा हूँ हमारा थोड़ी दूर का साथ है क्यों ना हम मज़ा लेते है? तो वो बोली कि यार अब क्या बताऊँ?

फिर मैंने कहा कि कुछ मत बताओ.. बस मेरे और करीब आ जाओ. वो मेरे लंड को पकड़े हुए थी.. में उठा और मेरा लंड उसके गालो पर रगड़ गया और मैंने कहा कि देखो यह अपने आप अपनी राह में जा रहा है प्लीज़ आंटी. तो वो चिल्लाकर बोली कि छुओ मत मुझे.. तो मैंने कहा कि सॉरी. वो नशे में थी और में उसकी जाँघो के ऊपर बैठ गया और दोनों पैर आसपास कर लिए और उनके कंधे पर हाथ रखकर चूमने लगा. मुझे उनके एकदम चिकने गाल चूमने में बहुत मज़ा आ रहा था और में अपना एक हाथ उसकी सलवार में ले गया.
फिर उनकी गरम चूत पर फेरने लगा और मैंने महससू किया कि उनकी चूत एकदम गीली हो गई थी. शायद वो अब मूड में आ गई. तो मैंने मौका देखकर धीरे से सलवार को नाड़ा खोला और धीरे से उनकी सलवार को नीचे किया. तो वो बोली कि रूको और मुझे अपने ऊपर से हटाकर खुद ही अपनी सलवार पेंटी नीचे सरकाने लगी और उसकी चूत पर हल्के हल्के बाल थे.. मैंने उनसे कहा कि प्लीज हिलना मत और वो ऊपर की बर्थ को पकड़कर खड़ी हो गई.

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मैंने उसके सूट को हटाया और अपने ऊपर ढक लिया और उसकी चूत चाटने लगा. उनकी चूत का बहुत नमकीन पानी था और मैंने अपनी जीभ से उसकी चूत को चाट चाटकर साफ कर दिया और अब में फुल मूड में था और में उसके आगे से हटकर पीछे की तरफ गया और उसके चूतड़ो को फैलाया और बीच में मुहं करके उसकी चिकनी गांड को चाटने लगा और वो चुपचाप मज़ा ले रही थी.
फिर में ऊपर उठा और पीछे से उसके बूब्स को पकड़कर दबाने लगा. उसके इतने बड़े बूब्स थे कि वो मेरे हाथ में नहीं आ रहे थे और ऊपर से उसकी गांड का साईज़ भी कम नहीं था. तो में उसके कंधे को चूमते हुए बोला कि वाह क्या मस्त फिगर है तुम्हारा.. तुम्हे चोदने में बहुत मज़ा आएगा और तुम्हारे जैसी औरतें ही लड़को के लंड की राते रंगीन करती है.

वो बोली कि ज़्यादा मत बोलो.. मैंने अपने लंड को सेट किया और दोनों कूल्हो के बीच करके आगे की तरफ हुआ और कहा कि में सच कह रहा हूँ.. देखो मेरा लंड अपने आप अपनी जगह पर चला जा रहा है. फिर वो अपना एक हाथ पीछे की तरफ लाई और एकदम से लंड को पकड़कर अपनी चूत के पास कर लिया और बोली कि इसकी जगह यहाँ पर है. तो मैंने कहा कि हाँ यह अपना रास्ता भटक गया था फिसल गया था. वो क्या है कि आपके जैसी चिकनी चूत साथ में हो तो यही होगा.
मैंने मुहं से सईईईईईई कहा और लंड को चूत में सटाकर आगे कर दिया. लंड अंदर जाते ही वो सईईईईईईईइ आआहहह उह्ह्ह्ह सिसकियाँ लेने लगी और मैंने एक धक्के में लंड को पूरा ही अंदर कर दिया. वो नशे में सम्भल ना पाई और गिरने लगी तो नीचे बैठने वाली पट्टी को पकड़ लिया और ऐसे में उसका चूतड़ और अच्छे से खुल गया.

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तो मैंने उसकी तारीफ की.. आपका यह पोज़ तो लाजवाब है और में कमर पकड़ कर चोदने लगा वो आअहहा अह्ह्ह्हह आईईईई आह्ह्ह करने लगी. तो थोड़ी देर बाद मैंने कहा कि आपको क्या दर्द हो रहा ऐसे?
वो हाँ बोली और में पीछे से अलग हुआ और नीचे लेट गया.. मेरा लंड सीधा खड़ा था. वो अपना सूट दोनों हाथों में पकड़कर मेरे लंड पर चूत रखकर बैठ गई. पूरा लंड फिसलकर अंदर घुस गया वो आआआहह उह्ह्ह्ह बोली और मेरी छाती पर दोनों हाथ रखकर आगे पीछे होने लगी और ट्रेन के हिलने के कारण उससे ज़्यादा हिलना नहीं हो रहा था.

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