बाप ने खोली जवान बेटी की सील

हेलो फ्रेंड्स, कैसे हो आप सब लोग? आपका बहुत प्यार मिला मेरी पिछली स्टोरी में. और जिसने पिछली स्टोरी नही पढ़ी है, वो जाके स्टोरी पढ़े. मेरा नाम नयनिका है, और मेरे पापा कम सेक्स पार्ट्नर का नाम राज है.

जैसे आपने पिछली कहानी में पढ़ा की एक पार्टी में लोगों ने हमे पति-पत्नी समझ लिया, और राज ने ये कन्फ्यूषन कभी डोर नही किया. फिर हमारे बीच एक नये रिश्ते का आगाज़ हुआ. मैं और राज काफ़ी करीब आ गये, इतने की एक-दूसरे को नंगा देख रहे थे. मैने राज को मुझे पत्नी जैसा प्यार देने के लिए हा बोल दी थी. अब आयेज कहानी देखते है.

राज मेरी मर्ज़ी से ही मुझसे बहुत करीब आके प्यार करना चाहते थे. उनकी तड़प और प्यार देख कर मेरा दिल पिघल गया, और फाइनली मैने एक खूबसूरत रिश्ते के लिए हा बोल दी. अब वो चुदाई का रिश्ता बनाने जेया रहे थे.

राज मुझे मेरी मर्ज़ी के बिना चूना नही चाहते थे, और मैने उनको हा बोल दिया. मैने मेरा शॉर्ट्स आंड त-शर्ट निकाल कर फेंक दिया, और मैं राज के सामने पूरी नंगी खड़ी थी. 34-30-34 फिगर राज के सामने नंगा खड़ा था.

राज मेरे करीब आए, और अपने हाथ से मेरे नंगे बदन को छूने लगे. उनका हाथ मेरे गले से नीचे जेया रहा था, और मेरी चुचियों पर आ गया, और वो दोनो हाथ से मेरी चुचियाँ मसल दी. फिर धीरे से नीचे मेरी नाभि तक ले आए, और अपनी उंगली मेरी नाभि में घुसा दी. मेरे मूह से आअहह निकल गयी. वो उंगली घुमा रहे थे, और मैं सिसकियाँ ले रही थी.

राज समझ गये थे की ये मेरे बदन का सबसे उत्तेजित हिस्सा था, और यहा से वो मुझे कभी भी गरम कर सकते थे. राज धीरे-धीरे मेरी छूट के हिस्से पर आ गये, और आते ही पहले मेरी बालों वाली छूट पर किस कर लिया.

जब मैं और राज करीब आए, मैने तब तक मेरी छूट के बालों को सॉफ करना शुरू भी नही किया था. पापा ने मेरी बालों वाली छूट को खोला, और अंदर एक उंगली डाल दी. आअहह, और मैं झट से उछाल गयी. मुझे हल्का दर्द भी हुआ. राज ने मुझे संभालते हुए कहा-

राज: जान पहली बार है. तुम्हे जो एहसास हो रहा है उसका मज़ा लो. ये सब तुम्हारे लिए नया है, और ये तुम्हारा पहला अनुभव है. और पहली बार बहुत ख़ास होता है. तुम्हारा ये दिन मैं यादगार बना दूँगा.

राज एक उंगली मेरी छूट में घुमा रहे थे, और मुझसे प्यार भारी बातें भी कर रहे थे. और मैं आअहह आहह करके मोन कर रही थी. मैं बहुत ही ज़्यादा उत्तेजित थी.

मैं: आह आअहह राज बर्दाश्त नही हो रहा है. प्लीज़ ये फिंगर निकाल दो.

राज मेरी छूट में उंगली और ज़ोर से चलाने लगे, और मुझे लीप किस किया और कहा-

राज: जान एक उंगली बर्दाश्त नही हो रही है. पर आज तो पूरा लंड इसके अंदर जाएगा. और वो 3 उंगलियों जितना बड़ा है.

ये सुन के सडन्ली मेरी छूट ने पानी छ्चोढ़ दिया, और राज मेरी छूट का सारा पानी पी गये. उन्होने चाट-चाट के मेरी छूट को सॉफ कर दिया. राज ने छूट को चूस कर पूरा सूखा कर दिया. फिर वो मेरे उपर आए, और मुझे लीप किस किया और पूछा-

राज: जान, ज़िंदगी के सबसे सुनहरे पल का अनुभव लेना चाहती हो?

मैने अपनी आँखों से हा बोल दिया, और छूट में लंड डालने की अनुमति दे दी. राज ने अपने लंड को हाथ से हिला कर एक-दूं टाइट कर लिया. फिर मेरे दोनो पैरों को अलग किया, और मेरी गांद के नीचे पिल्लो लगा दिया.

मेरी दोनो टाँगों के बीच राज आ गये, और लंड को मेरी छूट पर रखा. मैं पहली बार लंड का टच फील कर रही थी. आज पहली बार चूड़ना भी चाहती थी, पर दर्र भी लग रहा था. राज अपना लंड मेरी छूट के उपर घुमा रहे थे, और मैं उनके टच को फील कर रही थी.

आहह ह, पहली बार लंड को छूट पर महसूस कर रही थी, और पुर बदन एक अजीब सिहरन दौड़ रही थी. उन्होने लंड का सूपड़ा मेरी छूट के होल पर रखा, और हल्का सा अंदर घुसने कोशिश की. उस टाइम मुझे हल्का सा दर्द हुआ, और मैने राज का हाथ पकड़ लिया. फिर राज ने मुझे फोर्हेड पर किस किया और कहा-

राज: जान बस थोड़ी देर हल्का सा दर्द होगा, बाद में बहुत एंजाय करोगी.

राज का लंड अभी भी मेरी छूट के होल पर था, और इस बार राज ने पूरी ताक़त लगा के लंड को मेरी छूट में धक्का दिया. उसी के साथ मेरी ज़ोर से चीख निकल गयी आहह आ आ. राज का लंड मेरी छूट में था, और मुझे बहुत तेज़ दर्द हो रहा था. मैं पूरी तरह से बेड में झटपटा रही थी.

मैं: राज बहुत दर्द हो रहा है. प्लीज़ इसे निकालो.

राज मुझे समझा रहे थे: जान बस हो गया है. एक बार अंदर चला गया, अब तुम्हे दर्द नही होगा.

थोड़ी देर बाद राज ने लंड को तोड़ा सा बाहर खींचा, क्यूंकी लंड अभी आधा ही मेरी छूट में गया था. फिर एक ज़ोर का धक्का दिया, और इस बार लंड मेरी सील तोड़ते हुए सीधा अंदर जेया चुका था. आ आ आ मैं बहुत ज़्यादा दर्द में थी, और मेरी आँखें दर्द के मारे बंद हो गयी थी.

राज ने मुझसे कहा: जान आज तुम एक औरत बन चुकी हो. मेरी जान ये तो मीठा दर्द है.

मेरी आँखों से आँसू निकल रहे थे, और राज मुझे प्यार से संभाल रहे थे. थोड़ी देर बाद राज ने पूरा लंड छूट से बाहर निकाला, और एक ही झटके में अंदर घुसा दिया. मेरे मूह से निकला-

मैं: आआहह ह राज, प्लीज़ इसे बाहर निकाल दो. मैं नही ले सकती.

राज अब बिना कुछ सुने मेरी छूट में लंड को चलाने लगे. वो ज़ोर-ज़ोर से लंड को अंदर-बाहर करने लगे, और जाम के बिना रुके राज मेरी छूट को छोड़े रहे थे. मेरी छूट में एक-एक धक्का बहुत ज़ोर से लग रहा था, और मैं आ आ करती जेया रही थी.

राज कभी मेरी चुचियाँ मसालते, और कभी पुर बदन पर किस करते हुए मुझे छोड़े जेया रहे थे. मुझे छूट में बहुत तेज़ दर्द हो रहा था, पर साथ एक अजीब सा एहसास था, जो मुझे बहुत सुकून दे रहा था. काफ़ी देर तक राज ने मेरी छूट को पेला, और अपना सारा माल मेरी छूट में खाली कर दिया. राज तक के मेरे उपर ही लेट गये.

मेरी छूट राज के अमृत से भर चुकी थी, और चरमसुख का जो अनुभव मैं कर रही थी, जैसे मुझे लगा की मैं जन्नत में आ गयी थी. राज का लंड अभी भी मेरी छूट में था, और हम दोनो ऐसे ही लेते रहे.

दोस्तों मेरी कहानी कैसी लगी मुझे मैल (नयनिका.अग्रवाल2005@गमाल.कॉम) में ज़रूर बताएगा. राज ने आज पहली बार मेरी चुदाई की थी, और उसके बाद आयेज क्या हुआ जानने के लिए आप मेरे अगले पार्ट का इंतेज़ार करे.

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