मा ने बेटे को बाय्फ्रेंड समझ कर की चुदाई

हेलो फ्रेंड्स, मेरा नाम विक्रांत है. मैं पुंजब का रहने वाला हू. मेरी उमर 22 साल है, और मैं कॉलेज में पोस्ट ग्रॅजुयेशन कर रहा हू. मेरा लंड 7 इंच का है, और जिम बॉडी है. हाइट मेरी 5’11” है. ये कहानी मेरी और मेरी मा की अचानक हुई चुदाई की है. तो चलिए शुरू करते है.

सबसे पहले मैं आपको अपनी फॅमिली के बारे में बता देता हू. मेरी फॅमिली में मैं, मेरी मम्मी, पापा, दादा जी, और दादी रहते है. हमारा काफ़ी तगड़ा फॅमिली बिज़्नेस है, जो किसी ज़माने में दादा जी ने शुरू किया था. अब पापा और दादा जी मिल कर बिज़्नेस संभालते है. मेरी दादी एक धार्मिक औरत है, और सारा दिन गो में रहती है, जिसके ट्रस्टी मेरे दादा जी है.

उसके बाद बात आती है मेरी मम्मी की. मेरी मम्मी का नाम कोमल है. मा की आगे 44 साल है, लेकिन वो लगती 30-35 की है. बिज़्नेस की वजह से पापा बिज़ी रहते है तो मम्मी अपना टाइम किटी पार्टीस, क्लब्स, फंक्षन्स में जेया कर पास करती है. मम्मी एक मॉडर्न औरत है, और खुल कर खर्चा करती है.

वो मॉडर्न ड्रेसस पहन कर फंक्षन्स पर जाती है, जिनमे वो काफ़ी सेक्सी लगती है. इसके अलावा मम्मी जिम में भी काफ़ी टाइम बिताती है जिसकी वजह से उनकी बॉडी काफ़ी फिट है. मैने अपनी मम्मी को कभी ग़लत नज़र से नही देखा था, लेकिन फिर एक दिन बात सीधी चुदाई तक पहुँच गयी. चलिए बताता हू क्या हुआ था.

एक दिन मम्मी शाम को अपनी किसी फ्रेंड की बर्तडे पार्टी पर गयी थी. पापा और दादा उस दिन बिज़्नेस ट्रिप पर फॉरिन गये हुए थे, और दादी गो में ही थी. घर पर सिर्फ़ मैं था. कुछ घंटे बाद जब मैं सोने जेया रहा था, तो मुझे किसी अननोन नंबर से कॉल आया. मैने फोन उठाया और बोला-

मैं: हेलो.

कॉलर: हेलो, विक्रांत बेटा?

मैं: हंजी कों?

कॉलर: बेटा मैं तुम्हारी मम्मी की फ्रेंड सुमन बोल रही हू.

मैं: ओह नमस्ते आंटी, कैसी हो आप?

सुमन आंटी: मैं ठीक हू बेटा. तुम कैसे हो?

मैं: मैं भी ठीक आंटी.

सुमन आंटी: अछा बेटा एक प्राब्लम हो गयी है.

मैं: क्या हुआ आंटी, सब ठीक तो है.

सुमन: नही ऐसी कोई घबराने वाली बात नही है. आक्च्युयली मैं भी तुम्हारी मम्मी के साथ पार्टी पर आई थी. तुम्हारी मम्मी ने ड्रिंक थोड़ी ज़्यादा कर ली है, और अब वो गाड़ी नही चला सकती. क्या तुम उसको आके ले जेया सकते हो?

मैं: हा आंटी, मैं आ जाता हू. आप मुझे लोकेशन भेज दो.

फिर आंटी ने मुझे लोकेशन भेज दी. मैने गाड़ी निकली, और जल्दी से वाहा पहुँच गया. मैं पार्टी हॉल में गया, और मम्मी की फ्रेंड को कॉल लगाया. उसने मुझे एक रूम में बुलाया. मैं रूम में पहुँचा तो देखा मों नशे में डूबी हुई चेर पर बैठी थी.

मम्मी ने एक ब्लॅक कलर की ओनेपीएसए टाइट ड्रेस पहनी हुई थी, जिसमे उनका फिगर बहुत सेक्सी लग रहा था. वैसे उस वक़्त तक मेरे मॅन में ऐसा कोई ख़याल नही था. मैने देखा की मम्मी रो रही थी. जब मैने आंटी से उनके रोने का रीज़न पूछा तो वो बोली की मम्मी का उनके बाय्फ्रेंड से ब्रेकप हो गया था.

मुझे कोई हैरानी नही हुई उनके बाय्फ्रेंड के बारे में सुन कर. अब पापा टाइम नही देते थे, तो बाय्फ्रेंड तो बनना ही था. फिर मैं मम्मी के पास गया, और उनको सहारा देके खड़ा किया. वो “ई लोवे योउ राहुल” बोल रही थी. मैं समझ गया की राहुल उनके बाय्फ्रेंड का नाम था.

फिर जैसे तैसे मैने मम्मी को कार में बिताया और घर ले आया. घर आके मैने उनको अपनी बाहों में उठाया, और उनके रूम में ले गया. मों के मूह पर एक ही बात थी, और वो थी “ई लोवे योउ राहुल, मुझे छ्चोढ़ के मत जाओ”. फिर मैने मों को उनके बेड पर लिटाया, और उनके संडले उतार कर टांगे उपर की.

जैसे ही मैं उनको बेडशीट देके वापस आने लगा, उन्होने मेरा हाथ पकड़ लिया. वो बोली-

मों: ई लोवे योउ राहुल, मैं तुम्हे कही नही जाने दूँगी.

इससे पहले मैं कुछ समझ पाता, उन्होने मुझे खींच कर बेड पर लिटा लिया, और मेरे उपर आ गयी. उनकी आँखें बंद थी, और वो मुझे राहुल समझ रही थी. मैं मम्मी को कहने लगा-

मैं: मम्मी मैं राहुल नही हू विक्रांत हू.

मों ने एक ही बात की रत्त लगा रखी थी, और वो थी ” ई लोवे योउ राहुल”. इससे पहले मैं कुछ और कर पाता उन्होने अपने होंठ मेरे होंठो से मिला दिए, और मुझे वाइल्ड्ली किस करने लगी. नीचे से वो अपनी गांद मेरे लंड पर रगड़ने लगी.

अब इतनी सेक्सी औरत अगर ऐसा करेगी आपके साथ, तो आप ये तो भूल ही जाओगे की वो आपकी मा है. ऐसा ही मेरे साथ हुआ. मा के सेक्सी जिस्म ने मुझे उत्तेजित कर दिया, और मेरा लंड खड़ा हो गया. मैं मा का किस में साथ देने लगा, और उनकी गांद पर हाथ ले जेया कर उसको दबाने लगा.

कुछ ही देर में मा ने अपनी ड्रेस उतार दी. साथ ही उन्होने अपनी ब्रा भी उतार दी. अब वो मेरे उपर सिर्फ़ एक पनटी में थी. क्या क़यामत लग रही थी मा, मैं बता नही सकता. मैने उनके बूब्स पकड़ कर दबाने शुरू कर दिए.

फिर मा मेरे मूह पर झुक कर मुझे बूब्स का रस्स पिलाने लगी. मैं भी उनके बूब्स को ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगा. फिर वो मुझे चूमती हुई नीचे गयी, और मेरी जीन्स और अंडरवेर निकाल दिया. मेरा लंड पूरा तन्ना हुआ था.

मा ने देखते ही लंड मूह में डाल लिया, और किसी रंडी की तरह चूसने लगी. मैं भी उनके मूह में धक्के देने लगा. फिर मैं मा के उपर आया, और उनकी पनटी निकाल कर उनकी छूट चूसने लगा. मा पागल हो रही थी, और मुझे छोड़ने के लिए बोल रही थी.

मैने भी देर नही की, और अपना लंड अपनी मा की छूट में डाल दिया. उनकी ज़ोर की आ निकली, और मैने तबाद-तोड़ धक्के लगा कर उनको छोड़ना शुरू कर दिया. मा की छूट की गर्मी मुझे जन्नत का मज़ा दे रही थी. मैने उनको अलग-अलग पोज़िशन में 2 घंटे तक छोड़ा. फिर जाके कही वो शांत हुई.

उसके बाद मैं अपने रूम में वापस आ गया. सुबा जब मेरा मा से सामना हुआ, तो वो ऐसे बिहेव कर रही थी जैसे कुछ हुआ ही ना हो. मैने भी उनको कुछ नही बताया. लेकिन अब मैं दोबारा ऐसे मौके का इंतेज़ार कर रहा हू.

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