सेक्स की कोशिश कॉलेज की खूबसूरत मैडम के साथ

हेलो दोस्तों, मेरा नाम राकेश है। मैं आज जो आपको बात बताने जा रहा हूं, वो बात मेरे कॉलेज के समय की है। ये बात है जब मैं प्रथम वर्ष में था। तो चलो मैं बाते घुमाता नहीं हूं, और आपको बताता हूं इस बात को। देखो 18-19 साल की उम्र एक ऐसी उम्र होती है, जब लड़के अपनी हार्मोनल गतिविधियों से सेक्स की तरफ बहुत ज्यादा ध्यान देने लगते है। तो मेरे साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ।

मैं अपनी क्लास का काफी शांत और शर्माने वाला लड़का था और मेरा लड़कियों की तरफ इंटरेक्शन भी कम ही था। मेरा हमेशा से सेक्स करने का बड़ा मन था। हमारे कॉलेज में एक मैम थी, जिनका नाम सुनीता था।

सुनीता मैम हमारी क्लास टीचर भी थी। दोस्तों मैं आपको क्या बताऊं, सुनीता मैम शादी-शुदा थी और शायद उनका एक बच्चा भी था।

सुनीता मैम के बारे में दोस्तो अब मैं ये कैसे कहूं? पर बोल ही देता हूं, वरना आप समझ नहीं पाओगे। सुनीता मैम का फिगर बहुत ही अच्छा था। उनका फेस, वो मेकअप और ब्रेस्ट साइज, फिर सबसे अच्छी उनकी गांड, उसे देख कर तो बस मानो शरीर करंट मारता था। और सबसे बढ़िया बात थी कि सुनीता मैम बहुत ही स्ट्रिक्ट थी। इसी वजह से उन्हें ज्यादा चोदने का मन करता था। जब सुनीता मैम कभी सूट और लैगिंग मे आ जाए, तो फिर तो हम क्लास में ही मुठ मार लिया करते थे।

और दोस्तों बात तो यह भी थी कि सुनीता मैम लगभग पूरे कॉलेज की ही क्रश थी मानो। सुनीता मैम कभी आस-पास खड़ी हो जाती तो बस अपनी नज़र सीधे गांड पर। मुझे कहने में भी अजीब लग रहा है पर ये सच बात थी।

दोस्तो हमारा कॉलेज काफी बड़ा कॉलेज था। उसकी बहुत शाखाएं थी। वहां टीचर के ठाठ थे। इतने ठाठ की कोई कॉलेज भूल के भी ना छोड़े। तो ये बात है, जब हमारे कॉलेज का एनुअल फंक्शन था। तब हमें कॉलेज में मोबाइल ले जाना अलाउड था, इसलिए मैं भी लेके गया था।

तभी मेरी जिंदगी में वो बदलाव आया जिसने क्या कहूं दोस्तों मेरी दुनिया ही बदल दी मानो। सुनीता मैम का आर्यन सिर से कुछ अफेयर चल रहा था, ऐसा सुनने में आया था। आर्यन सर हमारे मैथ्स के टीचर थे। पर इतना मालूम था कि सुनीता मैम ऐसा तो नहीं करेगी।

तो हुआ यू कि प्रोग्राम की तैयारियां चल रही थी और सब बिज़ी थे। मुझे जोर से टॉयलेट आई तो मैं टॉयलेट चला गया। हमारे टॉयलेट का रास्ता स्टाफ रूम के बाहर से जाता था। वहां मैंने जो देखा, मेरी आंखे दंग रह गई। दोस्तों वहां आर्यन सर ने सुनीता मैम के हाथ पकड़े हुए थे, और मैम को किस करने की कोशिश कर रहे थे।

मैम ‌उनको मना ही कर रही थी, लेकिन रोक नहीं पा रही थी। मेरा तो मानो लंड उबाले मारने लगा। फिर आर्यन सर ने मैम के पेट में हाथ लगाया। मैम पीछे होने लगी। तभी आर्यन सिर ने मैम के बूब्स भी दबा दिए। इतने में मैम तड़पने लगी, और आगे की तरफ आ गई।

मुझे ये भी लग रहा था मैम अब थप्पड़ मारेगी। पर मैम शायद सहन कर रही हो। उतने में ही सर ने मैम की लैगिंग मे हाथ डाल कर मैम की जांघ, और फिर गांड पकड़ ली। मैम ने हाथ हटाया और सर के जोरदार थप्पड़ दिया। वो उनके मुंह पर थूक कर चली गई। ऐसा शायद क्योंकि इतने अच्छे कॉलेज की नौकरी और साथ में मैम शादी शुदा भी थी। और ऐसे करने में क्या से क्या हो जाता।

एक बात बताऊं दोस्तों, मैंने ये सिर्फ देखा ही नहीं ये सब रिकॉर्ड भी कर लिया। और अपने लंड को दीवार में मार-मार कर मैं झड़ भी गया। फिर मैं टायलेट गया। ये सब हो जाने के बाद मैम घर जल्दी चली गई और दो- तीन दिन तक आई भी नहीं। दोस्तों एक बार तो मैं सोचने लगा कि वीडियो डिलीट कर दूं, पर मन नहीं माना।

फिर 15-20 दिन बाद हुआ यूं कि हमारी कॉपीज चेक हुई अचानक और मेरा काम पूरा नहीं था इंग्लिश में। तो मैम ने पकड़ लिया और दोस्तों मुझे बहुत बेइज्जत किया सच में। पता नहीं क्यों मेरे मन में विद्रोह की भावना जाग उठी। शायद मैम को मेरा घूरना भी पसंद नहीं था। पर मैंने कुछ नहीं किया। मैं कर ही क्या सकता था?

टाइम बीतता गया। फिर ठंड बढ़ गई। अब टीचर साड़ी मे कम आया करते थे। मैम लेगिंग मे रेगुलर आने लगी। उनकी जांघ बहुत दिखती थी, और जब ब्लैकबोर्ड पर लिखती तो गांड हिलती थी। मन करता दबा दूं, पर वो तो उनका पति ही करता होगा।

फिर एक दिन मैं कापी देने स्टाफ रूम में गया। वहां मैम बैठी थी। मैं पीछे से गया था तो मैंने एक मस्त चीज देखी। मैम की लेगिंग में बैठे हुए पूरी गांड दिख रही थी। मैं खुद को रोक नहीं पा रहा था।

शायद बैठते वक्त उनकी सूट दब गई थी। मैं रुक कर देखने लगा। और ये शायद मैम को पता चल गया। मैम उठी और पीछे हाथ लगाया तो मुंह लाल हो गया उनका। उन्होंने सूट नीचे करी और मुझे फिर से सुनाया। पता नहीं मुझे क्या हुआ, मैं मैम से जुबान चला दिया और बोल दिया, “सर के साथ जो सब करती हो, सब देखा है मैंने”। इतना कहते ही मैम रुक गई, और मैं भी चुप हो गया और उन्होंने मुझे जाने को कहा।

दोस्तों उस दिन मुझे रात को नींद नहीं आई, और दोस्तों अब मेरे मन में मैम को चोदने का बुखार चढ़ गया था। फिर 3-4 दिन मैम ने फिर छुट्टी लेली। तो प्रिंसिपल भी मैम से नाराज़ था। फिर मैम साड़ी में आने लगी। मैं सब समझने लगा था।

फिर 1-2 हफ्ते बाद मैं फिर कॉपी देने स्टाफ रूम गया। वहा मैम और सर दोनों थे। वो बहुत दूर-दूर बैठे थे। मैम ने मुझे देखा और अगले पीरियड मे आने को कहा। तो सर ने मैम की तरफ देखा भी नहीं।

दोस्तों उस समय तक सेक्स मेरे सर चढ़ चुका था। मैं फिर स्टाफ रूम पहुंच गया। मैम अकेली थी।

मैम मुझसे बोली: तुम क्या अनाब-शनाब बोल रहे थे?

मेरा मुंह डर से लाल हो गया।

इसके आगे क्या हुआ, वो आपको अगले पार्ट में पता चलेगा। यहां तक कि कहानी अगर अच्छी लगी हो तो फीडबैक जरूर दें।

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