मेरी सौतेली बहन की कामुकता

वो जिस बेदर्दी से वह उसका मुंह चोद रहा था, आशिमा का दम घुटने लगा. उसने उठने की कोशिश की मगर लड़के ने उसे उठने नहीं दिया.
कुछ देर बाद लड़के ने खुद ही आशिमा को पकड़ कर उठाया. और उसे फिर से किस करने लगा. उसने आशिमा की टीशर्ट के नीचे से एक हाथ अन्दर डाल दिया और बेदर्दों की तरह उसकी चूचियां भींचने लगा.

कुछ ही देर में उसने मोम्मे छोड़ दिए और उसने आशिमा की जींस का बटन खींच कर खोल जीन्स नीचे खिसका दी, साथ-साथ आशिमा की पैंटी भी नीचे खिसक गयी.
उसने अपना हाथ नीचे की ओर करके आशिमा की चूत पर रखा और शायद एक या दो उंगली आशिमा की चूत में डाल दी. आशिमा के मुंह से एक दबी हुई चीख सी निकली. इस सब से वह ठरक से बेहाल हो गयी, और उस लड़के से बुरी तरह से चिपकने लगी.
कोई भी लड़का अपने साथ सेक्स करने वाली लड़की की यही दशा करना चाहता है. ऐसी हालत में लड़की वासना में डूब कर अपने होश खो बैठती है. ऐसे में आप उसको चौक में नंगा करके भी चोदोगे तो मना नहीं कर पाएगी.

खैर, अब लड़के का पूरा ध्यान आशिमा कि चूत पर था, उसने नीचे की और हाथ करके उसकी चूत में उंगलियाँ जल्दी-जल्दी अन्दर बाहर करनी शुरू कर दीं. वह चाहता था कि आशिमा जल्द से क्लाइमेक्स पर पहुँच जाए.
और ठीक वैसा ही हुआ, आशिमा की हालत बदहवास हो चली थी, वह उस लड़के पर गिरती चली गयी, जब तक वह चरमोत्कर्ष तक नहीं पहुंची लड़का नीचे से उसे फिंगर-फक करता ही रहा.

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मैंने कभी अपनी बहन के बारे में नहीं सोचा था कि वह इतनी गज़ब की सेक्सी होगी. इस समय वह एक वासना से भरी हुई कुतिया लग रही थी, जिसे सिर्फ और सिर्फ एक मर्द की जरूरत थी,

सच बात तो यह कि मैंने आज से पहले मैंने कभी उसकी और इस निगाह से देखा ही नहीं था. हर लड़की किसी की बेटी और किसी की बहन तो होती ही है मगर सेक्स में तो हर लड़की को रंडी की तरह बनना ही पड़ता है तभी उसे भी सुख मिलता है और आदमी को भी मज़ा आता है.

इधर आशिमा को फारिग करने के बाद उस लड़के को अपने माल निकालने की जल्दी थी.
उसने अपने होंठ फिर से आशिमा के होंठ पर रखे और पूरी जीभ उसके मुंह में डाल दी.
एक हाथ से वह अपने अकड़े हुए लंड पर मुठ मारने लगा, दूसरा हाथ अब भी आशिमा की चूत में था, उसका लोड़ा पूरी तरह चिकना हो रहा था और उसकी चमड़ी फटाफट आसानी से उसके सुपारे पर ऊपर-नीचे हो रही थी.

अचानक उस लड़के ने आशिमा की चूत से हाथ निकाला और पहले सूंघा फिर चारों उँगलियों को चूसने लगा. शायद उनमें आशिमा की चूत का पानी लगा था.
उसकी आँखें बंद हो गयीं थीं और उसका मुंह ऊपर की ओर था, वह वासना के उस क्षण तक पहुँच गया जहाँ से अब वापसी संभव नहीं. तभी मैंने देखा उसके लंड से एक के बाद तीन चार धार निकली और आगे सीढ़ी पर जा गिरी. लगभग एक मिनट तक वह अपना लंड हिलाता रहा और आह-आह करता रहा.

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जिस पल वह शांत हुआ उसकी आँखें खुली तो उसे लगा कि कोई ऊपर से उसे देख रहा है. वह एकदम घबरा गया, उसने आशिमा को कुछ धीरे से बोला, लोड़ा पैन्ट में ठूसा और पैन्ट बंद करता हुआ नीचे की तरफ भागा.

जब तक आशिमा ऊपर देखती, मैं चुपके से घर के अन्दर खिसक गया और धीमे से लॉक बंद कर दिया.

कहानी जारी रहेगी.

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