पति ने बीवी और उसके यार की छत पर चुदाई देखी

ही फ्रेंड्स, मेरा नाम हेमंत है. मैं पुंजब के लुधियाना शहर से हू. मेरी उमर 33 साल है, और मैं एक शादी-शुदा आदमी हू. मेरे 2 बच्चे भी है. ये कहानी मेरी बीवी और उसके नये ऑफीस के कोलीग की चुदाई की है. तो चलिए कहानी शुरू करता हू.

सबसे पहले मैं आपको मेरी बीवी के बारे में बता देता हू. मेरी बीवी का नाम रीता है. वो 36 साल की है. हा मुझसे 3 साल बड़ी है. रंग उसका गोरा है, और वो बहुत सेक्सी भी है. उसका फिगर 36-30-38 है. वो ज़्यादातर वेस्टर्न ड्रेसस पहनती है, जिसमे उसका फिगर उभर कर आता है, और उसका अंग-अंग सॉफ दिखता है.

हमारी शादी 5 साल पहले हुई थी, और ये एक अरेंज्ड मॅरेज थी. मेरी बीवी शादी से पहले प्रॉपर्टी लाइन में जॉब करती थी. शादी के 6 महीने बाद उसने फिरसे वही कंपनी जाय्न कर ली, जहा वो शादी से पहले जॉब करती थी. फिर अगले 4 साल में हमारे 2 बच्चे हो गये.

6 महीने पहले उसने कहा की उसको दूसरी कंपनी से जॉब ऑफर मिला था, और वाहा ग्रोत भी अची थी. वो वाहा जाय्न करना चाहती थी, तो मैने उसको गो अहेड कर दिया. वाहा जाय्न करने के साथ ही उसके साथ एक लड़का आस आ टीम जोड़ दिया गया. उस लड़के का नाम आशु था.

वो लड़का दिखने में काफ़ी हॅंडसम था, और रीता अक्सर मेरे साथ उसकी बातें करती थी. मैं अक्सर उसको आशु का नाम लेके चिढ़ता था की कही उसको आशु से प्यार तो नही हो गया. वो कहती थी की उसकी लाइफ में मैं ही सब कुछ था. हम दोनो के बीच ये मज़ाक चलता रहता था. लेकिन मुझे क्या पता था की ये मज़ाक एक दिन सच हो जाएगा.

रीता को जॉब जाय्न किए 2 महीने हो चुके थे. एक दिन मुझे अपने ऑफीस के काम से आउट ऑफ स्टेशन जाना था. मैं 2 दिन के लिए जाने वाला था. रीता मुझे एरपोर्ट छ्चोढ़ कर घर चली गयी. मेरी फ्लाइट चलने में आधा ही घंटा बाकी था, की मुझे मेरे बॉस का फोन आ गया.

बॉस ने मुझे कहा की जिन क्लाइंट्स को मैं मिलने जेया रहा था, किसी वजह से उनका आना कॅन्सल हो गया था. इसलिए मुझे अब वाहा जाने की ज़रूरत नही थी. मैने तुरंत कॅब बुक की, और घर के लिए निकल पड़ा. मैने रीता को नही बताया, क्यूंकी मैं उसको सर्प्राइज़ देना चाहता था. कुछ ही देर में मैं घर पहुँच गया.

जब मैं घर के बाहर पहुँचा, तो गाते के बाहर एक स्पोर्ट्स बिके खड़ी थी. उस स्पोर्ट्स बिके को देख कर मुझे सीधे अपनी बीवी के ऑफीस कोलीग आशु का ख़याल आया. मुझे रीता अक्सर बताती थी, की आशु के पास बड़ी की सेक्सी बिके थी. लेकिन मैं ये नही समझ पाया की इस वक़्त आशु मेरे घर में क्या कर रहा था.

फिर मैने अपनी चाबी से गाते खोला, और घर के अंदर चला गया. सबसे पहले मैं अपने रूम में गया. वाहा दोनो बच्चे सोए हुए थे. फिर मैने गेस्ट रूम और हॉल में देखा, लेकिन वाहा भी कोई नही था. मैं सोचने लगा की रीता कहा थी.

अब घर में एक ही जगह बची थी, और वो थी हमारी च्चत. फिर मैं च्चत पर जाने लगा. सीडीयान चढ़ कर देखा, तो च्चत का गाते खुला हुआ था. मुझे यकीन हो गया की वो च्चत पर ही थे. फिर जैसे ही मैने गाते खोल कर देखा, मेरे पैरों तले से ज़मीन निकल गयी.

मैने देखा रीता ब्रा और पनटी में अपने घुटनो पर बैठी हुई थी, और आशु उसके सामने सिर्फ़ त-शर्ट पहने खड़ा था. आशु का लंबा और मोटा लंड मेरी बीवी के मूह में था. वो किसी बाज़ारू रंडी की तरह उसका लंड चूस रही थी. ये देख कर मुझे बहुत गुस्सा आया.

पहले तो मेरा दिल कर रहा था की मैं च्चत पर जाके दोनो को च्चत से नीचे फेंक डू. लेकिन फिर मुझे बच्चो का ख़याल आ गया. ये सोच कर मैं वही खड़ा रहा. मैने सोचा की ये उनके बीच पहली बार तो हो नही रहा होगा, तो अब रोक कर फ़ायदा भी क्या था.

फिर मैं वही खड़ा उन दोनो का तमाशा देखने लगा. रीता आशु के लंड को चूज़ जेया रही थी. फिर कुछ देर बाद आशु ने उसके सर के पीछे अपने दोनो हाथ रख लिए, और ज़ोर-ज़ोर से उसके मूह में धक्के देने लगा. इससे रीता की साँस रुक रही थी, और उसके मूह से थूक निकल रहा था, जो नीचे ज़मीन पर गिर रहा था.

कुछ देर ऐसा ही चल्ट रहा. फिर आशु ने रीता के मूह से लंड बाहर निकाला, और उसको बालों से पकड़ कर खड़ा कर लिया. फिर उसने रीता के हाथ दीवार पर रखवा कर उसको घोड़ी बना लिया. रीता भी उसकी हर बात मान रही थी. अब वो उसके सामने गांद बाहर निकाल कर खड़ी थी.

फिर आशु नीचे बैठा, और उसकी पनटी उतार कर पीछे से उसकी छूट पर मूह लगा लिया. रीता ज़ोर-ज़ोर से सिसकियाँ लेने लगी. वो कुत्तों की तरह उसकी छूट चाट रहा था जिसमे रीता को बड़ा मज़ा आ रहा था. उसके मूह से ऐसी सिसकियाँ मैने पहले कभी नही सुनी थी. वो गांद हिला-हिला कर उससे अपनी छूट चटवा रही थी.

कुछ देर बाद आशु खड़ा हुआ, और मेरी बीवी के छूतदों पर 3-4 थप्पड़ रसीद किए. मेरी बीवी आ आ करने लग गयी. फिर उसने अपना लंड उसकी छूट पर सेट किया, और एक ही झटके में पूरा लंड अंदर घुसा दिया. रीता की चीख निकली, और आशु ने तेज़ी से लंड रीता की छूट में अंदर-बाहर करना शुरू कर दिया.

रीता आ आ करके उसको और ज़ोर से छोड़ने को बोल रही थी, और आशु अपने धक्को की स्पीड बढ़ाए जेया रहा था. उसकी जांघों के मेरी बीवी के छूतदों से टकराने से ठप-ठप की आवाज़ आ रही थी. दोनो पसीने-पसीने हो रहे थे, लेकिन स्पीड कम नही हो रही थी.

आधा घंटा हो चुका था, और अब मेरी बीवी की टांगे काँप रही थी. वो आशु को बस करने के लिए बोल रही थी, लेकिन वो धक्के मारे जेया रहा था. कुछ देर बाद जब आशु का निकालने वाला हुआ, तो रीता ने जल्दी से घुटनो पर आके उसके लंड को अपने मूह में डाल लिया.

आशु ने अपना सारा माल रीता के मूह में निकाल दिया, जिसे रीता मुस्कुराते हुए पी गयी. फिर दोनो वही बिछी चादर पर नंगे ही सो गये. मैं चुप-छाप घर से बाहर निकल आया, और अगली सुबा रीता को फोन करके घर आ गया. मैने रीता के खिलाफ कोई आक्षन नही लिया.

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