पड़ोसन भाभी के साथ लेज़्बीयन सेक्स की

हेलो दोस्तों, मेरा नाम रीना है, और मेरी उमर 21 है, और मैं आमेडबॅड से हू. अगर कोई आमेडबॅड से है, और अगर लेज़्बीयन सेक्स में इंट्रेस्टेड हो, तो मैल या फीडबॅक ज़रूर देना. और पिछली स्टोरी पर कोई फीडबॅक ही नही मिला है, तो इस कहानी पर फीडबॅक ज़रूर देना. एमाइल ईद है क्राज़्ीबल्ल893@गमाल.कॉम

इस कहानी में पढ़िए की कैसे मैने एक पड़ोस में रहने वाली भाभी को सिड्यूस किया, और फिर हमने खूब लेज़्बीयन सेक्स के मज़े लिए. तो चलिए देर ना करते हुए अपनी कहानी पर आते है.

मैं एक सोसाइटी में रहती हू. हमारी सोसाइटी में सभी रॉ हाउस है. हमारी नेबर में एक भैया है. उनका नाम अनुज है, और उनकी वाइफ का नाम कृपा है. उनकी वाइफ की आगे लगभग 28-30 होगी, और वो बड़ी ही खूबसूरत है. मेरी हमेशा से ही उन पर नज़र थी. उनका फिगर भी कमाल का है, और साइज़ 34-30-32 है. उनके बूब्स बहुत ही मस्त लगते है जब वो सारी पहनती है.

बात कुछ महीनो पहले की है. मुझे कुछ काम से मम्मी ने कृपा भाभी के घर भेजा था. जब घर गयी तो भाभी ने मुझे अंदर बुलाया, और मैने बताया की मम्मी ने कुछ काम से भेजा था. फिर बाद में वो काम ख़तम करने के बाद मैं जाने लगी तो भाभी ने मुझे रुकने को कहा और बोली-

कृपा: कहा जेया रही हो? रूको मैं तुम्हारे लिए छाई बनती हू, पी कर जाओ.

फिर हम दोनो छाई पीने बैठ गयी, और यहा-वाहा की बातें करने लगी.

कृपा: और, क्या चल रहा है आज-कल तेरी लाइफ में?

मैं: कुछ नही, बस सब अछा ही चल रहा है. आप बताए आपकी लाइफ में क्या चल रहा है?

कृपा: बस सब ठीक ही चल रहा है.

ये खेटे ही भाभी का मूह उतार गया. फिर मैने उनसे पूछा की-

मैं क्या हुआ? आपको देख कर लगता नही है की सब कुछ ठीक चल रहा है. क्या बात है बताए?

कृपा: तेरे भैया.

मैं: भैया क्या?

कृपा: तेरे भैया का अफेर है बाहर किसी के साथ.

मैं उनकी ये बात सुनते ही शॉक हो गयी, और भाभी अचानक से रोने लग गयी. फिर मैं उनको शांत करने लगी और बोलने लगी-

मैं: भाभी मत रो आप, सब ठीक हो जाएगा.

और ये बोल कर मैने उनको गले लगा लिया, और पीठ पर हाथ फेरने लगी. फिर मैं एक हाथ उनकी जांघों पर रख दी. मैं जैसे ही हाथ हटाई, तो भाभी ने मेरी आँखों में देखा. मैने भी उनकी आँखों में देखा. फिर मैं एक-दूं से उनके मूह पर झपट पड़ी, और यहा-वाहा पागलों की तरह किस करने लगी. मैं कभी गले पर, कभी इयर्स पर, और कभी लिप्स पर किस करने लगी.

कृपा: ह रीना, क्या कर रही हो? ये सब ग़लत है, रुक जाओ.

मैं: कुछ ग़लत नही है भाभी. मुझे करने दो. तुम मुझे बहुत हॉट लगती हो. क्या मैं तुम्हे सेक्सी नही लगती?

कृपा ये सुनते ही मदहोश हो गयी, और मेरे बाल पकड़ कर मेरे होंठो पर बहुत ज़ोर से किस किया. फिर उसने मेरे लिप्स पर काट लिया. उसके बाद वो मुझसे बोली-

कृपा: हा, तू मुझे सेक्सी नही हॉट रंडी और मेरी पर्सनल स्लट लगती है.

मैं: हाहाहा तुम इतनी डॉमैनेटिंग हो, पता नही था मुझे. और करो, हा मैं तुम्हारी रंडी हो. और करो भाभी. प्लीज़ मत रूको.

कृपा: आह अहह रीना, चूस और चूस, हाए तेरे होंठ. रीना तेरे होंठ इतने रसीले है की क्या बतौन? हा और रुक, आज तुझे पूरा शांत कर दूँगी. तेरी छूट का सारा पानी निकाल दूँगी. रुक रंडी, मदारचोड़. मेरे पति का गुस्सा आज तुझ पर निकालूंगी.

मैं: धीरे करो प्लीज़. बहुत दर्द हो रहा है. आ भाभी आ.

कृपा: बोल तू रंडी है ना? तू और तेरी मा दोनो रंडियन है ना? मदारचोड़ बोल.

मैं: हा मैं रंडी हू, आपकी रंडी, और मेरी मा भी आपकी ही रंडी है भाभी. आ भाभी धीरे-धीरे करो प्लीज़.

कृपा: आज धीरे नही फास्ट होगा, बहुत फास्ट होगा. आज से पहले कही चूड़ी हो?

मैं: हा भाभी. मेरे ब्फ से एक बार.

कृपा: ओह तो पहले भी मरवा चुकी हो, और नाटक कर रही हो. चल लेट जेया, आज तुझे मेरी छूट चत्वौुनगी रंडी कही की. आह ले चाट, और चाट-चाट के सॉफ कर दे आचे से. मूह खोल रंडी.

मैं: क्यूँ भाभी?

(मुझे कहानी की फीडबॅक ज़रूर देना. कोई लेज़्बीयन लड़की है, तो मुझे ज़रूर बिना टेन्षन के मेसेज कर सकती है).

कृपा: तू प्यासी है ना? तेरा गला गीला कर डू तोड़ा, और प्यास भी बुझा डू.

जैसे ही मैने मूह खोला, भाभी ने मेरे मूह में सस्यू कर दिया.

कृपा: ऑश ह ले पी ले. सारा पी रंडी, एक बूँद भी नही गिरना चाहिए.

मुझे टेस्ट अछा नही लग रहा था, पर मज़ा भी आ रहा था, तो मैं पी गयी.

कृपा: ले अब सॉफ कर मेरी छूट. ले रंडी ले. ज़ुबान से चाट-चाट कर सॉफ कर आह.

फिर भाभी मेरे पे से हटती, और मेरे बूब्स को आज़ाद करके सहलाने लग गयी. वो मुझे किस करने लग गयी. अब मुझे भी मज़ा आ रहा था, तो मैं भी साथ देने लगी, क्यूंकी भाभी पर मेरी नज़र तो पहले से ही थी. फिर भाभी मेरे बूब्स को पागलों की तरह चूस रही थी, और मेरे दूसरे बूब्स पर लाफे मार रही थी ह.

मैं: आ भाभी, धीरे, मारो मत प्लीज़ भाभी.

कृपा: बहुत गोरे है ना तेरे बूब्स. आज मार-मार के लाल कर दूँगी इन्हे. रंडी के बूब्स कितने रसीले है उम्म्म्म मुआः.

मैं: अहह्ा थॅंक योउ भाभी. पर आराम से करो प्लीज़ भाभी.

फिर कृपा भाभी ने मेरे निपल्स को ज़ोर से पिंच किया तो मेरी ह निकल गयी. उसके बाद फिर मेरे मूह पर हाथ रख के, मेरी पंत के अंदर हाथ डाल कर, मेरी छूट मसालने लगी. अब वो अपने मूह से मेरे निपल्स चूस रही थी, तो कभी काट रही थी. क्या सीन होगा मेरे दोस्तों आ

इसके आयेज की कहानी के लिए. मुझे फीडबॅक ज़रूर देना. अगर मुझे अछा रेस्पॉन्स मिला, तो ही नेक्स्ट पार्ट उपलोआड करूँगी. कहानी पसंद आई हो तो इसको अपने फ्रेंड्स के साथ भी शेर करे. कहानी पढ़ने के लिए धन्यवाद.

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