पति से ना मिला शादी का सुख

अब तो बात अपनी इज़्ज़त पर आ गई थी। अब तो कुछ सबसे अलग और सबसे बेहतर करना ही था।
मैंने उसे अपनी बांहों में लिया और उसके लबों पर अपने लब रख दिए. वो खुद से ही मेरे लबों को चूसने लगी. मेरे हाथ उसके चूतड़ों पर चल रहे थे, मैं उन्हें सहला कर मसल कर मजा ले रहा था.

कुछ देर बाद मैंने उसे कपड़े उतारने को बोला, मेरा इशारा पाते ही उसने अपनी जीन्स और टॉप उतार दिये, अंदर उसने ब्रांडेड ब्लैक ब्रा पैंटी पहन रखी थी। क्या ग़ज़ब का आइटम लग रही थी, दिल खुश हो गया। ऊपर से हाथों में लाल चूड़ियाँ, थोड़ी-थोड़ी सुहागरात वाली फीलिंग आ रही थी।

अब मैंने भी देर न करते हुए अपने कपड़े उतारे और केवल अंडरवियर में रह गया। अब वो बिल्कुल मेरे नजदीक आ गई। मैंने एक हाथ उसकी कमर पर रख कर उसे अपनी तरफ खींचा और उसे स्मूच करना शुरू कर दिया। स्मूच करते करते मैं उसकी चूचियों को ब्रा के ऊपर से ही मसलना चालू कर दिया।
उसके अंदर से हल्की हल्की उम्म्ह… अहह… हय… याह… निकलनी चालू हो गई।

थोड़ी देर में उसके शरीर से उसकी ब्रा और पैंटी अलग हो गयी और अब वो एकदम नंगी रह गई, मैंने भी अपनी अंडरवियर उतार दी। अब दो नंगे जिस्म एक दूसरे से लिपटे हुए थे। सच बताऊँ तो जन्नत वाली फीलिंग आ रही थी। हम दोनों एक दूसरे को चूमते चाटते जन्नत की सैर कर रहे थे।

थोड़ी ही देर बाद ओरल सेक्स करने के लिए हम दोनों 69 की अवस्था में थे, उसने अपनी चूत की झांटे एकदम ताजा ताजा साफ़ की हुई थी तो उसकी चूत एकदम चिकनी, गोरी, सफेद चमकदार थी। चूत की दोनों फलक आपस में सटी हुई थी, बस एक लकीर सी नजर आ रही थी। हल्की हल्की भीनी भीनी खुशबू बिखेरती उसकी चूत माहौल को और उत्तेजक बना रही थी।

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जैसे जैसे मेरी चूत चाटने की रफ्तार बढ़ रही थी, नीतू के मुंह से निकलने वाली कामुक सीत्कार बढ़ती जा रही थी उम्म…हाँ.. अह… हहा… करो.. मजा आ रहा है… हाँ.. उम्हह…

अचानक से नीतू मैडम का शरीर अकड़ने लगा और वो अपने चूतड़ उछाल उछाल कर ओरल सेक्स का मजा ले रही थी. कुछ ही देर बाद वो कटे पेड़ की तरह बिस्तर पर गिर कर निढाल हो गई। उसकी चूत ने मेरे मुँह पर गरम-गरम कामरस की बौछार कर दी जिसे मैं पूरा का पूरा चट कर गया।

उसने अपने मुँह से मेरा लंड निकाल दिया और आराम करने लगी।

फिर मैंने उससे फ्रिज के बारे में पूछा। उसके बताते ही मैं जा कर फ्रिज से आइस ट्रे लेकर आया। अब तक नीतू भी रिलैक्स हो गई थी, मैंने उसे दुबारा से सहलाना शुरू किया। उसे सहलाते सहलाते मैं उसे दुबारा गर्म करने की कोशिश कर रहा था।

जब उसकी हल्की हल्की सिसकारियाँ निकलने लगी तो मैंने आइस ट्रे से एक आइस क्यूब लेकर उसकी चूत में डाल दिया। वो अचानक हुई इस घटना से बिल्कुल पागल सी हो गई। उसकी चूत की गर्मी से बर्फ पिघल कर बाहर आ रही थी और बर्फ की ठण्ड उसे एक अलग ही अहसास दे रही थी। बर्फ के पूरी तरह पिघलने तक वो बिल्कुल पागल सी हो गई थी।

अब मैं उसकी चूत को चाटने लगा, वो बिस्तर पर अपने पाँव पटकने लगी थी. थोड़ी देर बाद मैंने उसकी चूत पर अपना लंड रखा, जो चाटने की वजह से एकदम गीली हो गई थी, और एक ज़ोर का झटका लगा दिया। लंड सरसराता हुआ उसकी चूत में पूरा घुस गया।

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वो चूत पर लंड के इस अचानक हमले से एकदम से चीख पड़ी। थोड़ी देर में वो नॉर्मल हो गई और इस ताबड़तोड़ चुदाई में अपने चूतड़ उठा उठा कर पूरा साथ देने लगी।
करीब 15 मिनट की धकापेल चुदाई के बीच वो 3 बार झड़ चुकी थी। आखिर में मैंने भी अपना माल उसकी चूत के अंदर ही डाल दिया। अब हम दोनों बिस्तर पर पड़े सुस्ता रहे थे। वो बहुत खुश थी और सबसे बड़ी बात वो पूरी तरह संतुष्ट थी।

उस पूरी रात में हम लोगों ने 2 राउंड चुदाई और की और कई नई चीजें हमने ट्राई की, जिसमें उसे बहुत मज़ा आया और उसे पूरी संतुष्टि मिली।

सुबह उसने मुझे थैंक्स बोला और मेरी पेमेंट मुझे दे दी और मैं वहां से चला आया।

तब से लेकर अभी तक उसने मुझे कई बार बुलाया है और कई बार अपने साथ बाहर ट्रिप पर भी लेकर गई है। साथ ही साथ 2 नई क्लाइंट भी दिलाई हैं।

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