जुली को पता चल गया की मैं गिगोलो हूँ

फिर मैं कुछ बुँदे अपनी उँगलियों के ऊपर ले के उसकी चूत के ऊपर मसाज देना चालू कर दिया. जुली अब एकदम से हॉट हो गई और बोली, अभी अपने लंड से मेरी चूत मार दो अब तुम, मुझे इतना मत तडपाओ ना मेरी जान!

लेकिन मैं जानता था की वो जितनी और हॉट होगी उसे भी सेक्स का उतना ही मजा आएगा. इसलिए मैंने मसाज के बाद उसकी चूत के होंठो से अपने मुहं के होंठो को लगा दिया. जुली की रसीली चूत को चाटने लगा मैं और उसका पानी छुट गया. गीली चूत के अन्दर अपनी ऊँगली डाल के मैंने अंदर बहार किया और फिंगर फकिंग से जुली और भी बेचेन सी होने लगी थी. उसके मुहं से अह्ह्ह अह्ह्ह्ह ओह ओह निकल रहा था और मैं और भी जोर जोर से फिंगर फक कर रहा था उसके साथ.

उसे फिंगर सेक्स का मजा देने के बाद मैंने सोचा की अब उसकी चूत में लंड डालने का सही टाइम हो गया हे! मैंने उसके बूब्स को दबाये और उसके निपल्स को अपनी जीभ से हिलाने लगा. जुली ने अब खड़े हो के मेरे बदन के ऊपर से सब कपडे उतार डाले. अब हम दोनों पुरे न्यूड थे. उसने इम्रे लंड को देखा और उसके चहरे के ऊपर एक अलग ही ख़ुशी झलक उठी. शायद इतने बड़े लंड से चुदने के ख्याल से ही वो फुदक रही थी.

मैंने कहा, जुली इसे अपने मुहं में तो ले लो.

वो अपने घुटनों के ऊपर बैठ गई और मेरे लंड को हाथ से हिलाते हुए वो उसे सक करने लगी. मैं तो जैसे जन्नत में घूम रहा था क्या मस्त लंड को चूस रही थी जुली. वो 10 मिनिट तक ऐसे ही मेरे लोडे को चुस्ती गई और मेरे लंड से पानी छुडवा दिया उसने. और एक भी बूंद को वेस्ट नहीं किया उसने, सब का सब पानी वो पी गई!

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अब मैंने उसे कहा चलो अब करते हे. फिर मैंने उसे बिस्तर के अन्दर टाँगे खोल के लिटा दिया. और अपने लोडे को मैंने उसकी चूत की फांको के ऊपर रख दिया. जुली सिहर उठी और वो तडप रही थी लंड लेने के लिए. वो बोली, अभी प्लीज़ डाल भी दो उसे अन्दर!

मैंने उसके बूब्स पकडे और एक धक्का लगा दिया. बहुत दिनों से जुली ने अपनी चूत में लंड नहीं लिया था इसलिए छेद वापस सिकुड़ गया था. पहले झटके में सिर्फ आधे जितना ही लोडा अन्दर घुसा मेरा. जुली को खूब दर्द हुआ और उसकी आँखों में पानी भी आ गया. मैंने कुछ देर रुक के उसे किस की और उसके बूब्स को चुसे. बोबे चूसते हुए ही मैंने एक और धक्का दे के अपने लंड को उसकी चूत में पूरा डाल दिया. जुली भी अब मेरे लंड को एन्जॉय कर रही थी. वो भी अपनी गांड उचका उचका के मेरे से चुदवा रही थी और उसके मुहं से चुदाई की वजह से सिसकियाँ छूटने लगी थी. कुछ देर स्लो चोदने के बाद मैंने अब जोर जोर से अपने लंड को उसकी प्यासी चूत में ठोकना चालू कर दिया. वो आह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्ह जोर से चोदो अभी, आज मेरी निगोड़ी चूत को फाड़ दो अपने लंड से ऐसे बोल रही थी.

मैंने कहा, जुली आज तो तेरी चूत का बर्था बना के खा जाऊँगा मेरी जान और लंड पर बिठा के तुझे स्वर्ग दिखाऊंगा. आज तो तेरी चूत को बिना कंडोम के फाडून्गा मैं. आज से तू मेरी रंडी हे मेरी जान, जब चाहे मेरा लंड लेने के लिए आ जाना मेरे पास.\

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जुली भी गांड हिला के बोली, हां चोद मुझे और मुझे अपने लोडे की दासी बना ले!

फिर मैंने जुली को कुतिया बना दिया और अपने लोडे को पीछे से उसकी चूत में डाल दिया. आधे घंटे तक मैंने उसे खूब चोदा. तभी मुझे लगा की मेरे लंड का पानी निकल जाएगा. मैंने जुली से पूछा तो उसने कहा मेरी चूत में ही निकाल दो अपने पानी को.

मैंने अपने झटके और तेज किये और अपने लंड का सब पानी जुली की जवान चूत में खाली कर दिया. और मेरे साथ चुदने में वो भी दो बार झड़ गई थी. और आज उसे चुदाई का अलग ही आनंद और संतोष मिला था.

चुदाई के बाद मैं और जुली नंगे ही बाथरूम में नहाने के लिए गए. वहां पर मैंने उसे खड़े खड़े चोदा. अंकल आंटी के शादी से वापस आने का टाइम हो रहा था इसलिए मैं नहाने के बाद सीधे अपने कमरे में चला गया.

जुली आज भी मेरे लंड की दासी हे और जब उसका मन होता हे मेरे से चुदवा लेटी हे. और मैं कभी भी उसके पास से पैसे नहीं लेता हूँ.

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