एक रात जवान मौसी के साथ की मजेदार चुदाई

मासी भी बेफिक्र होकर चुदवा रही थी। मासी को मैंने कुतिया बनाया। मासी को मैं डॉगी स्टाईल में चोद रहा था। मासी को बहुत मजा आने लगा। मासी भी गांड मटका मटका के चुदवाने लगी। मासी की चूत अपना पानी छोड़ रही थी। मासी को मै छप छप को आवाज के साथ चोद रहा था। मासी की चूत का गिरता पानी मैंने अपने हाथों में ले लिया। थोड़ा सा खुद चख के मासी को चखा दिया। मासी ने अपने चूत के माल को थूक दिया। मैने मासी कों खड़ा किया। मासी की एक टांग उठाकर मैने मासी की चूत में लंड डाल दिया। मासी बार बार अपनी चूत से माल निकाल रही थी। मैंने मासी की चूत चोद कर उसका भरता लगा डाला। मासी अपनी चूत पर उंगलियों से मसाज कर रही थी। मैंने मासी को लिटा दिया। उनकी दोनों टांगो को उठाकर मै उन्हें आगे पीछे करके चोद रहा था। मासी की चूत पानी छोड़ रही थी। मैंने मासी की चूत से अपना गीला लंड बाहर निकाला। मैंने मासी की गांड में अपना लंड घुसाने लगा। मासी मेरे लंड से गांड मारवाने से डर रही थी। मासी की चूत का तो कीमा बन चुका था। मैंने मासी के मना करने पर भी मैंने अपना लंड मासी की गांड में घुसा दिया। मासी जोर जोर से “..आ आ आ आ अह्हह्ह.अई.अई ..ईईईई ईईई मर गयी..मर गयी–मर गयी.मैं तो आजजजजज!!” चिल्लाने लगी। मासी की गांड भी फाड़ डाली। मासी रोने लगी। मैंने अपना लंड उनकी गांड में पेलता रहा। कुछ देर बाद मासी के गांड का दर्द आराम होते ही मासी भी गांड उठा उठा के मरवाने लगी।

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मासी की कभी गांड मारता तो कभी उनकी चूत में लंड घुसा के गीली करके मासी के गांड में पेल देता था। मैं लेट गया। मासी के गांड की छेद को लंड से लगाकर बैठा लिया। मासी अब खुद ही गांड मरवा रही थी। मैं मासी की दोनो चूंचियों को निचोड़ रहा था। मासी जल्दी जल्दी ऊपर नीचे हो रही थी। मैंने मासी की गांड में अपना लंड उठा उठा के पेलने लगा। मासी की गांड में पूरा लंड घुसेड़ देता था। मासी की चीखे निकल जाती। फिर भी मासी “..उंह उंह उंह हू. हूँ.हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह.अई. अई.अई…” करती रहती और गांड उठा उठा के मरवाती रहती। मैं कब झड़ने वाला हो रहा था। मासी को मैंने बैठा दिया। मैंने मासों की चेहरे पर अपना लंड घुमा घुमा के मुठ मार रहा था। मैंने मासी की चेहरे को अपने लंड के माल से धो दिया। मासी ने जीभ से मेरे लंड के माल का स्वाद चखा। मासी ने अपना चेहरा साफ किया। पूरी रात मासी और हम नंगे ही एक दूसरे से चिपक कर लेटे रहे। रात में मैंने कई बार चुदाई की। दो तीन दिन बाद मैं अपने घर चला आया। मासी की चूत जब भी मुझे चोदनी होती है। मैं इलाहाबाद चला जाता हूँ। मासी भी जब मेरे घर आती है। मै उनकी खूब चुदाई करता हूँ।

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