होली का दिन या चुदाई का दिन

तब मैने दरवाजा खोल दिया और जैसे ही उन्होने मुझे ऐसे देखा तो वो बोले की मुझे तुम्हारी चूत मारने का मन कर रहा है. तब मेरा भी मन कर रहा था पर मैने उन्हे जैसे तैसे मना किया और कमरे से बाहर जाने को कहा.

कमरे से बाहर जाते ही मेरा दोस्त राहुल क्यूबाय्ड से बाहर आ गया और मुझे फिर से बाहो मे भर लिया. तब मैने उसे मना किया की अभी कोई भी आ सकता है इसलिए मैं अब जीन्स टॉप पहेन कर सीधा नीचे आ गई.

नीचे आ कर मम्मी को देखने लग गई और पता चला की मम्मी किचन मे है और फिर मैं वही सीधा चली गई. वाहा जा कर मैने मम्मी से कहा की मुझे कोई अच्छा सा मोका दो ताकि मैं राहुल से चूत की प्यास मितवा सकु.

वैसे मैं आपको बता दू की मेरी मा अपने समये मे एक नंबर की रंडी थी और अभी भी है. वो बहोतो का लंड ले चुकी है और मैने अपनी मा को बचपन मे काफ़ी बार अलग अलग लंड लेते हुए देखा है.

इसलिए अब मैं अपनी मा से काफ़ी क्लोज़ हूँ और मैने कई बार इसका फयडा उठा कर राहुल से बहोत बार चुदि हूँ. वैसे राहुल ने मेरी मा को भी बहोत बार चोदा है.

मेरी बात सुन कर मेरी मा बोली की क्यो जब मैने तुम्हे चुदने के लिए बुलाया था तो तुम तब बड़ी सती- सावित्री बन रही थी.

ऐसा सुन कर मैने मा से सॉरी कहा तो मा ने फोन उठाया और किसी को मिलाया और रात का बंडो बस कर दिया. फिर फोन कट करके कहा की 12:30 बजे रात को रूम मे आ जाना.

फिर रात हो गई तो मेरे पापा दोस्तो के पास चले गये. अब घर पर मैं, मेरी मा, मेरे पति और राहुल ही थे. राहुल और मेरे पति ड्रॉयिंग रूम मे बैठ कर ड्रिंक कर रहे थे. तो राहुल ने नशा डाल कर मेरे पति को बेहोश कर दिया.

यह कहानी भी पड़े  मामा ने खूब चुदाई की

फिर उसने हमे आवाज़ मारी और कहा की अब होज़ा शुरू. तब राहुल ने कहा की क्यो पति के सामने चुदते हुए पाया है.
इतना कहते ही वो मेरे बूब्स को दबाने लग गया और फिर मा बोली की – राहुल चोद दे इसे पति और मा के सामने.
फिर मैं वही खड़े खड़े नंगी हो गई और अपने पति के मूह पर ब्रा उतार कर फेंक दी.

मैं – राहुल अब चूस्ता ही रहेगा या चोदेगा भी.

ये कहते ही मैं पीछे मूडी और राहुल के लंड के उप्पर बैठ गई. आज बहोत दीनो बाद मैं एक मजबूत और दमदार लंड पर बैठी थी. मेरी चूत को राहुल के लंड पर सेट हो कर बहोत ही खुश थी. मेरी कमर अपने आप हिलने लग गई और मैं अपनी चूत को राहुल के लंड पर रगड़ने लग गई.

इतने मे राहुल मेरे दोनो बूब्स अपने दोनो हाथो मे पकड़ लिया. और बहोत ज़ोर से मेरे दोनो बूब्स दबाने लग गया. मैने राहुल का सिर पकड़ा और अपने बूब्स मे दबा दिया. सच मे ये बहोत ही कमाल का टाइम था. जिसे मैं कभी भूल नही सकती थी. मेरे राइट वाले बूब्स का निप्पल्स राहुल के दातो के बीच फसा हुआ था. जिसे वो अपने दांतो से मसल रहा था.

मुझे दर्द तो बहोत हो रहा था. पर इस दर्द मे मुझे एक अलग ही मज़ा आ रहा था. मैं एक एक करके अपने दोनो बूब्स को काफ़ी अच्छे से चुसवाया. और अपने दोनो निप्पल्स को भी उसके दांतो से कटवा-कटवा कर लाल करवा लिया. मेरे दोनो बूब्स पर राहुल ने अपने दांतो के निशान डाल दिए थे. मेरे गोरे गोरे बूब्स पर उसके दांतो के निशान काफ़ी सेक्सी लग रहे थे.

यह कहानी भी पड़े  पंडितजी के साथ सुहाग रात

मेरे साथ खड़ी मेरी मा जो मुझे ये सब करते हुए देख रही थी. पर मुझे उसकी ज़रा भी परवाह नही थी. मैं अपनी सारी शरम हया छोड़ कर राहुल से चुदने को बेताब थी. क्योकि मेरी चूत काफ़ी टाइम से लंड के लिए तड़प रही थी. अब मैं खड़ी हुई और अपने सारे कपड़े उतारने लग गई. ताकि मैं अच्छे से और जम कर राहुल के लंड के मज़े ले सकूँ.

मैं अभी अपने कपड़े ही उतार रही थी. तभी मैने देखा की मम्मी नीचे बैठ कर राहुल का लंड चाट रही है. मुझे ये देख कर बहोत घुस्सा आया. मुझे लगा की मेरी मा मेरे माल पर कैसे हाथ डाल सकती है जब मैं उनके सामने खड़ी हूँ. मैं तभी बहोत घुस्से मे बोली.

मैं – ए रांडो की रांड़ चल खड़ी हो, अपनी बूडी जवानी कहीं और जा कर शांत कर समझी. ये लंड सिर्फ़ मेरा है चल खड़ी हो और दफ़ा हो जा यहा से. और लंड निकाल अपने मूह से अभी के अभी.

मम्मी ने राहुल का लंड अपने मूह से निकाला और वो भी घुस्से मे बोली – ए कुत्ति साली रंडी तू मुझे रोकेगी मेरे यार का लंड लेने से. ये मेरा यार है और मेरा लंड है. तू अपने पति का लंड ले, देख साला कैसा बेहोश पड़ा है. जा कर उसका लंड चूस और अपनी चूत मे ले.

Pages: 1 2 3 4 5

error: Content is protected !!