घर आई सेक्सी कज़िन बहन

हेलो दोस्तों मैं ऐश आप सभी को अपनी पहली कहानी सुनाने जा रहा हूँ, ये कोई काल्पनिक कहानी नही है, ये सच्ची घटना है जो मेरे और मेरी बुआ की बेटी के बीच घटी और फिर घटती रही. मैं आप सभी से अनुरोध करता हूँ की अपना फीडबैक ज़रूर दे.

पहले अपने बारे मे बता देता हूँ नाम ऐश (बदला हुआ नाम) हाइट 5’10, रंग गोरा, दिल्ली का रहने वाला हूँ, एज 24.

ये आज से कुछ 2.5 साल पहले की बात है जब मेरी बुआ की बेटी होगी लगभग 19 साल की. उसने तभी 12 के एक्साम्स दिए ही थे और उसके बाद हॉलिडेज़ मे हमारे घर आ गयी थी.

हमारा घर काफ़ी बड़ा है और हमारी जॉइंट फैमिली है. मेरी कज़िन देखने मे मॉडेल जैसी है रंग थोड़ा डस्की है जिसकी वजह से और भी सेक्सी लगती है वो.

जैसा की मैने बताया घर काफ़ी बड़ा है, और घर मे 2 हॉल है जिनमे टीवी लगा है, बेडरूम मे टीवी नही लगा हुआ किसी मे भी हमारे घर मे. मेरे घरवालों की दोपहर मे थोड़ी देर सोने की आदत है.

मेरी कज़िन आई हुई थी तो वो दोपहर मे अकेले टीवी देख रही थी और मुझे भी नींद नही आ रही थी तो मैने उठ कर देखने लगा और कौन कौन जाग रहा है मेरे अलावा ताकि कुछ टाइम पास हो सके. हॉल मे गया तो मेरी कज़िन सोफे पे बैठ के टीवी देख रही थी.

कुछ समय तक मैने उसके साथ बैठ के टीवी देखा और उससे बातें की इधर-उधर की क्या करेगी अब आगे. फिर मैं बोर होने लगा इन प्रोग्राम से, वो देख रही थी उन्हे. तो मैने उसे कहा की और कुछ लगा ले तो उसने माना कर दिया.

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मैं उससे रिमोट छीनने की सोची. हम अक्सर लड़ते झगड़ते रहते थे बिना बात. जैसे वो पास से गुज़र रही है तो मैं उसे हल्के से मार कर भाग जाता था और वो फिर मुझे मारने के लिए मेरे पीछे भागती थी.

तब तक मेरे मन मे उसके लिए ऐसे कोई विचार नही थे. जैसे ही मैने रिमोट छिनने की कोसिस की उसने रिमोट अपने हाथ मे कस्के पकड़ लिया और हाथ फोल्ड कर लिए जिससे रिमोट उसके लेफ्ट आर्म और लेफ्ट बूब्स के बीच मे फस गया. मैने हाथ खोलने की कोसिस करने लगा. जैसे ही मैने उसकी कलाई पकड़ी मेरी उंगलिया उसके बूब्स से जा कर टकराई.

बहोत ही सॉफ्ट थे वो, एकदम गद्देदार, उंगली टच होते ही अंदर घुस गयी. लेकिन उसने अपने हाथ ढीले नही किए, वो अपने हाथों को अपने बूब्स से चिपकाए हुए थी बिल्कुल. ये कहानी आप देसी कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

उसकी कलाइयाँ पकड़ने के लिए मुझे अपनी फिंगर उसके हाथों और उसके बूब्स के बीच मे फसानी पड़ी. जैसे ही उसे लगा की मैं उसके हाथों को खोल लूँगा वो एकदम से पलट कर उल्टी लेट गयी सोफे पर. और मेरे हाथों से उसके हाथ छुट गये.

अब मेरे सामने उसकी क्यूट सी गांड थी. उसने रिमोट अपने बूब्स के बीच मे पकड़ा हुआ था. मैने रिमोट लेने की एक और कोसिस की. मैं उसकी बैक के उप्पर झुका और अपने हाथ उसके कंधों के उप्पर से रिमोट की तरफ ले जाने लगा. वो ये देख कर अपने आप को सोफे से चिपकाने लगी जिसकी वजह से मेरे हाथ घुस ना पाए.

लेकिन ज़्यादा ताक़त होने की वजह से मैं कामयाब हो गया हाथ घुसाने मे. अब मेरे हाथ उसकी अप्पर ब्रेस्ट को टच कर रहे थे. मैं उन्हे और नीचे लेके जा रहा था. ये देख कर उसने रिमोट अपनी ब्रेस्ट के नीचे कर लिया. रिमोट तक पहुँचने के लिए मेरे हाथों को उसकी ब्रेस्ट के उप्पर से गुज़रना पड़ता.

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मैं भी धीरे-धीरे हाथ नीचे ले जाने लगा. जैसे-जैसे हाथ नीचे बढ़ने लगे उसके बूब्स की सॉफ्टनेस बढ़ने लगी, और बूब्स और बड़े लगने लगे.

मैं एकदम अच्छे से उसके बूब्स को महसूस कर पा रहा था. उनकी गोलाई, उनकी सॉफ्टनेस. और इसी दौरान मेरे लंड मेरी लोवर मे सलामी देने लग गया मतलब वो अकड़कर पूरे आकार मे आ गया था.

जैसे ही मेरा हाथ रिमोट तक पहुँचने वाला था उसने रिमोट और नीचे सरका लिया. अब उप्पर से मेरा हाथ वहाँ तक पहुँचना नामुमकिन लग रहा था. तो मैने अपने हाथ वहाँ से वापिस निकाल लिए.

अब मैं भी पूरी तरह से सोफे के उप्पर आ गया. अब पोज़िशन ये थी की मेरी कज़िन उल्टी लेती हुई थी और मैं उसकी गांड के उप्पर बैठा हुआ था दोनो तरफ एक एक पैर करके. मैने दोनो तरफ से उसके टमी की साइड से अपने हाथ टमी के नीचे फसाने लगा.

ऐसा करते ही उसने रिमोट उप्पर को खिसका लिया और अपने बूब्स के जस्ट उप्पर पकड़ लिया. मैं नीचे से ही अपने हाथ उप्पर ले जाने लगा. और इस बार उप्पर ले जाते हुए जो आनंद मिला वो मैं बयान ही नही कर सकता. इस बार तो उसके दोनो बूब्स मेरे हाथों मे कुछ पल के लिए ऐसे समा गये जैसे वो मेरे हाथों से पकड़े जाने के लिए ही बने हो.

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