गर्मी मे मों के साथ मस्ती

हेलो दोस्तो, मै हू राहुल खत्री और आप लोग तो जानते ही होंगे की जब भी मुझे मौका मिलता है तो मैं अपना लंड अपनी ही मा की चूत मे डाल देता हू.

आज भी मैं वैसी ही एक कहानी आप लोगो के लिए ले कर आया हू. उम्मीद हैं आप को यह कहानी पसंद आजाए गी. बताने के लिए हमें मेल कीजिएगा.

अब मैं कहानी पर आता हू..

बात दरअसल गर्मियों की हैं और उस दिन काफ़ी गर्मी पड़ रही थी. मा किचन मे शाम के लिए खाना बना रही थी और घर मैं हम दोनो के अलावा कोई नही था.

मैं अपने कमरे मे टीवी देख रहा था और मैने सिर्फ़ अंडरवेयर पहन रखी थी और तभी मा ने किचन से आवाज़ लगाई.

मा – राहुल ज़रा यहा आजा.

तो मैं किचन मैं चला गया.

मैं – हा मा क्या हुआ.

मा – बेटा बहुत गर्मी है और उपर से अब मै रोटिया बना रही हू और यहा गॅस की वजह से और ज़्यादा गर्मी हैं.

मेरे हाथों पर आटा लगा हैं ज़रा मेरी सारी खोल दो.

मैं – हा मा बहुत गर्मी हैं अगर तुम कहो तो आप के सारे कपड़े उतार दू.

मा – हॅट बदमाश. अब तू शुरू मत होजा.

और फिर मैने मा की सारी उतार दी और अब वो सिर्फ़ पेटिकोट और ब्लाउस मे थी. मैने मा की गांद पर हाथ फेरा.

मा – राहुल मेरी गांद पहले ही पसीने से फट चुकी अब तू टच करके इसे मत फाड़. अब तू बाहर जा वरना तुम्हे भी गर्मी लग जाएगे.

मै फिर बाहर आ गया और डाइनिंग मैं बैठ कर टीवी देखने लगा. 1 घंटे बाद मा भी किचन से बाहर आ गयी उसका पसीने से बुरा हाल हो चुका था.

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वो आकर मेरे पास बैठ गयी उपर फ़ैन लगा था.

बैठते ही मा ने मजे कहा.

मा – राहुल दरवाज़ा बंद है ना.

मैं – हा मा क्यू?

मा – मुझे काफ़ी गर्मी लग रही है मैं अपना ब्लाउस उतार रही हू.

और फिर मा ने ब्लाउस उतार दी मा ने नीचे वाइट कलर की ब्रा पहनी थी.

मैं – मा ब्रा भी उतारो ना काफ़ी दीनो से आपके बूब्स के दर्शन न्ही हुए.

मा – क्यू 2 दिन पहले ही तो तुम ने मेरी चुचियों का चूस चूस कर बुरा हाल किया था और यह कह कर ही मा ने अपनी ब्रा उतार दी. लो अब खुश.

मैने मा के बूब्स को हाथ मे लिया तो वो हाथ मे नही आरहा था. क्यूकी उसके बूब्स बहुत ही बड़े हैं. और दबाना शुरू किया. मा ने अपनी आँखें बंद कर ली थी और चुप चाप लेटी हुई थी.

मैने फिर मा के पेटिकोट को उपर किया और चूत पर हाथ रखा जो पसीने की वजह से गिल्ली हो चुकी थी.

जैसे ही मैने उंगली अंदर डाली.

तो मा ने अपनी आँखें बंद करली और एक लंबी आआअहह भर ली. मा की चूत से तो आग बरस रही थी और वो ठंडी होने का नाम ही न्ही ले रही थी.

मैने मा की टाँगें खोलदी और उसकी चूत को चाटने लगा मा सिसकिया लेने लगी और अपने बेटे से चूत चटवाने लगी. फिर उसके बूब्स दबाने लगा. हम दोनो पति पत्नी लग रहे थे.

फिर मैने अंडरवेयर से लंड को बाहर निकाला जोकि पूरी तरह खड़ा हो चुका था और मा की चुत मे जाने के लिए तयार था.

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वक्त ज़ाया ना करते हुए मैने लंड को मा की चूत पर रखा और एक धक्का दिया तो आधा लंड मा की चूत मे चला गया और मा के मूह से हल्की सी चीख निकल पड़ी, और फिर मैने धक्के चालू रखे और मुझे पता ही न्ही चला की पूरा लंड कब मा के चुत के अंदर चला गया.

इतने मे मा बोली राहुल गॅस पर दूध रखा हैं मुझे किचन मैं जाना है. तू अब बाकी बाद मे कर लेना.

मैने कहा नही मुझे अभी करना है.

मा – चलो फिर वही किचन मैं कर लो.

फिर हम उठे और किचन मे चले गये.

दूध उबल कर गिर चुका था. तो मा गॅस को सॉफ करने लगी. मैने पीछे से आ कर उसकी चूत मे लंड डाल दिया और अंदर बाहर करने लगा.

मा बोली पहले गॅस तो सॉफ करने दे तू भी हर वक्त चुदाई के बारे मे सोचता रहता है और जब भी मौका मिलता है मेरे कपड़े उतार कर मुझे अपनी औरत बना देता हैं. जितनी बार तूने मुझे चोदा होगा उतनी बार पापा ने भी न्ही चोदा होगा.

फिर मा ने दूध को पॉट मे रखा और वो अब बाथरूम चली गयी उसे गुस्सा आ चुका था तो मैं बाहर चला गया. थोड़ी देर बाद मा ने मुझे पुकारा मैं बाथरूम मे चला गया तो मा नहा रही थी.

मैने पूछा क्या बात है, तो वो बोली तुमने अपने लंड को खाली किया. मैने कहा नही किया, तो उसने अपनी गांद मेरी तरफ़ की और बोली चलो जल्दी से खाली कर लो मुझे फिर नहाना है.

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