दोस्त ने मेरी माँ की चुदाई की

माँ के मुहं से निकला ऊऔच? सुमित ने कहा कि क्या हुआ नीलम डार्लिंग क्या तुम्हे बुरा लगा? माँ ने कहा कि नहीं मज़ा आ रहा है जान, बस इतना कहकर माँ ने सुमित का लंड अंडरवियर के ऊपर से पकड़ लिया और फिर मुस्कुराते हुए कहा कि वाह कितना बड़ा है तुम्हारा, क्या मुझे नहीं खिलाओगे? तो सुमित ने कहा कि हाँ नीलम यह अब तेरा ही है, खा लो और तुरंत वो दोनों लिप किस करने लगे। उन दोनों ने एक दूसरे को 15 मिनट तक लगातार चूमा और सुमित ने माँ के होंठ पर एक बार काट भी लिया और चूसकर चूसकर उसने माँ की ब्रा और पेंटी को फाड़ दिया और खुद भी अपनी अंडरवियर को फाड़कर दोनों नंगे हो गये। माँ ने उसका लंड देखकर उसे बहुत देर तक चूसा तो वो कहने लगी कि वाह कितना स्वादिष्ट लंड है तुम्हारा?

फिर सुमित उसने कहा कि मेरी रानी और ज़ोर से चूस हाँ बहुत मज़ा आ रहा है। वो सुमित के लंड को 20 मिनट तक चूसती रही और अब सुमित ने माँ को बेड पर लेटा दिया और वो माँ की चूत को चाटने लगा माँ ज़ोर ज़ोर से आहें भर रही थी आह्ह्हह्ह उह्ह्हह्ह्ह्ह और चाटो मेरी जान पी जाओ मेरी चूत का रस आहह्ह्ह्ह उह्ह्ह्हह्ह फिर करीब 15 मिनट चाटने के बाद सुमित ने माँ की चूत को चाट चाटकर पूरा गीला कर दिया और फिर उसने अपना लंड माँ की चूत में घुसा दिया। माँ के मुहंह से एक जोरदार चीखने की आवाज़ निकल गई अहहहह उह्ह्हह्ह्ह्ह प्लीज थोडा धीरे करो, क्या मुझे आज मार ही डालोगे क्या? कितना बड़ा है तुम्हारा, थोड़ा धीरे से। फिर उसने कहा कि चुप साली रंडी इतने दिन से में इंतज़ार में था, आज तुझे ऐसे छोड़ने वाला नहीं हूँ। अब तू चुपचाप मुझसे चुदवा। तो माँ ने कहा कि हाँ और ज़ोर से करो उह्ह्ह्हह्ह हाँ डाल दो इसे पूरा आईईईईईइ अंदर तक। दोस्तों सुमित ने अब अपनी चुदाई करने की स्पीड को बढ़ा दिया था। वो अब मेरी माँ को पागल की तरह ज़ोर ज़ोर से धक्के मारकर चोद रहा था और माँ आहहाहऊऊहह आह्ह्हह्ह उईईईईईइ माँ मर गई उफ्फ्फफ्फ्फ़ कर रही थी और वो बोल रही थी हाँ मदारचोद, बहनचोद तू तो बहुत अच्छी चुदाई करता है, वाह मुझे तो आज मज़ा आ गया। फिर करीब आधे घंटे के बाद माँ की चूत का पानी निकल गया और सुमित ने माँ के मुहं में अपना वीर्य छोड़ दिया और माँ उसे बहुत मज़े लेकर पी गयी।

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फिर उसने माँ को पलट दिया और जाकर किचन से तेल ले आया। उसने माँ की गांड में थोड़ा सा तेल लगाया जिसकी वजह से उसका लंड अच्छी तरह से माँ की गांड में पूरा अंदर तक जा सके। फिर उसने अपने लंड पर भी तेल लगाया और फिर एक ही झटके में सारा का सारा लंड माँ की गांड में घुस गया। माँ बहुत ज़ोर से चिल्ला उठी अह्ह्हह्ह्ह्ह उह्ह्हह्ह मार दिया रे मुझे मदारचोद, फाड़ दी मेरी गांड, साले हरामी, लेकिन सुमित कहाँ सुनने वाला था, वो बोला कि साली रंडी तेरी गांड को देखकर सबका लंड खड़ा हो जाता है, क्या गांड है तुम्हारी मेरी जान और फिर वो लगातार धक्के मारने लगा। माँ की आँख से आंसू बाहर निकल आए माँ आआआहूओा अह्ह्हह्ह्ह्ह आईईईइ कर रही थी और अब कुछ देर के बाद माँ को भी मज़ा आने लगा और वो बहुत आराम से अपनी गांड मरवा रही थी और मारो फाड़ दो मेरी गांड को अहहहहह आह्ह्ह्हह्ह करीब 45 मिनट की घमासान चुदाई के बाद सुमित माँ की गांड में झड़ गया और फिर दोनों ऐसे ही पड़े रहे। फिर कुछ देर बाद माँ ने बोला कि सुमित आज से में तेरी रंडी बन गई हूँ, लेकिन अब तू मुझे हर रोज चोदगा और मेरी चूत और गांड को अपने लंड से तृप्त करेगा।

दोस्तों माँ के मुहं से यह बात सुनकर सुमित ने बहुत खुश होकर माँ के बूब्स को पकड़ लिया और उसे ज़ोर ज़ोर से दबाने, चूसने लगा और फिर उसने काट भी लिया और अब उस दिन के बाद से सुमित मेरे घर पर हर रोज आता और जब में घर पर नहीं रहता तो वो इस बात का पूरा पूरा फायदा उठाकर माँ को चोदता है और फिर माँ भी उस दिन के बाद से मुझे बहुत खुश दिखने लगी थी। उनके चेहरे पर एक अलग सी चमक आ गई थी और वो अपनी इस चुदाई से मन ही मन पूरी तरह से संतुष्ट दिखती, लेकिन मुझसे कुछ नहीं कहती और में सब कुछ समझ जाता, लेकिन में भी बिल्कुल खामोश रहता था ।।

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