दो दिन तक भाभी की प्यार भरी चुदाई

आह आह की आवाज पूरे किचन में गूँज रही थी.

फिर मैंने एक मूली उठाई और उसे उनकी गांड में डाल दी और उन्हें सीधा करके अपना लंड उनकी चूत में पेल दिया. अब वो दो लंड जैसी फीलिंग ले रही थीं. उन्हें बहुत मज़ा आ रहा था. वो मज़े में मुझे और तेज चुदाई करने को बोल रही थीं.

भाभी- चोद सूरज मुझे चोद दे… मेरी गांड और चूत फाड़ दे… आह आह सूरज आह यस आह.

उनकी सिसकारी सुन कर मैंने भी लंड की स्पीड तेज कर दी. वो दो बार झड़ चुकी थीं… मगर अभी भी चुदाई करानी थी.

मैंने तेज तेज धक्के मारे. कुछ धक्कों के बाद मैं भी झड़ गया. वो खड़ी नहीं हो पा रही थीं, तो मैंने उन्हें उठाया और रूम में ले गया.
उधर हम दोनों सो गए.

उसके बाद जब भाभी के पति घर पर नहीं होते, तो हम ऐसे ही मज़े करते. भाभी मुझे सच्चा प्यार करने लगी थीं.

दोस्तो, आपको मेरी हिंदी सेक्स स्टोरी कैसी लगी… मुझे मेल करके ज़रूर बताएं.

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