दर के आगे मज़ा ही मज़ा है

मैं राजीव अपनी एक बहोत प्यारी घटना ले कर आया हूँ, जिसे पढ़ कर आप को बहोत मज़ा आएगा. मुझे उम्मीद है मेरी करी हुई मेहनत आपको पसंद आएगी.

मैं बिल्कुल भी टाइम खराब ना करते हुए, सीधा अपनी कहानी पर आता हूँ.

दोस्तो मैं पंजाब का रहने वाला गबरू जवान लड़का हूँ. मेरी उम्र 21 साल है और मैं कॉलेज मे स्टडी कर रहा हूँ. मुझे हिन्दी सेक्स स्टोरी पढ़ने का बहोत शॉंक है.

इसमे मुझे बहोत मज़ा आता है, और मैं सच कहूँ तो कहानी पढ़ कर मुझे बहोत कुछ सीखने को मिला है. जिसका फ़ायदा मुझे अपनी रियल लाइफ मे सबसे ज़्यादा हुआ है.

आज की कहानी मे मैं आपको वो ही बताउँगा, की अगर आपको सही सेक्स नालेज हो. तो आप किसी भी लड़की को अपना दीवाना बना कर उसको आपसे चुदने के लिए मजबूर कर सकते हो.

वो लड़की खुद आपका लंड अपने हाथ मे पकड़ कर अपने चूत मे लेती है. और तो और जो आप उस टाइम करने को कहेंगे वो लड़की वो ही करेगी. मैं ये तरीका अपनी घमंडी और नखरे वाली गर्ल फ्रेंड पर आजमाया था.

अब मैं आपको बताता हूँ की मैने ये सब केसे और क्यो किया. मेरी पहली गर्ल फ्रेंड का नाम प्रिया था. मैं उसका बहोत दीवाना था, उसकी उम्र सिर्फ़ 19 साल थी. उसके जिस्म पर पूरी जवानी धीरे धीरे आ रही थी.

उसका फिगर देखते ही मेरा लंड खड़ा होने लग जाता था. प्रिया का फिगर कुछ ऐसे था 32-28-34. मुझे उसके चुत्तडो और गोल गोल बूब्स बहोत अच्छे लगते थे. क्योकि हर दम उसके बूब्स बाहर ही निकलते रहते थे. मुझे अपना लंड उनके चुत्तडो मे डालने का दिल करता था.

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पर मेरी गर्ल फ्रेंड प्रिया मुझे हाथ न्ही लगाने देती, क्योकि वो सेक्स करने से बहोत डरती थी. प्रिया और मुझे रीलेशन मे 2 साल हो गये थे, पर जब भी मैं उसके बूब्स पर हाथ लगाता था. तभी वो मुझसे गुस्सा हो जाती थी.

एक बार ऐसे ही मेरे साथ हुआ, मैने उसे पार्क मे किस किया और किस करने के बाद मैने उसके बूब्स को अपने हाथ मे ले लिया. उसके बाद वो तो वो मुझसे गुस्सा ही हो गई, और वाहा से चली गई.

उस दिन के बाद हम दोनो मे करीब 3 महीने बात न्ही हुई. फिर मैने उसे मनाया और उससे फोन पर बात करी.

मैं – अरे यार ये सब तो नॉर्मल है आज के टाइम मे.

प्रिया – पर मुझे ये सब अच्छा न्ही लगता.

मैं – ठीक है, अगर तुम्हे ये सब अच्छा न्ही लगता. तो मैं ये सब न्ही करूँगा.

ये बात होने के बाद हम दोनो फिर से मिलने लग गये. पर अब मैं अपने आप पर बहोत कंट्रोल करता था. मुझे किसी भी तरह से उसे अब चोदना ही था, क्योकि अब मुझसे और कंट्रोल न्ही हो रहा था.

मैं प्रिया को चोदने का प्लान बना रहा था. फिर एक दिन मैं उससे मिलने के लिए सुबह ही गया. तो प्रिया ने मुझे कहा.

प्रिया – क्या आज तुम पूरे दिन की छुट्टी न्ही ले सकते हो ?

उसकी ये बात सुनते ही मैने झट से अपने बॉस को फोन किया और उससे पूरे दिन की छुट्टी ले ली. बॉस से छुट्टी ले के हम दोनो कुछ देर तक उसके कॉलेज मे ही बैठ कर बातें करने लग गये.

टाइम काफ़ी हो गया था, इसलिए हम दोनो मूवी भी न्ही देखने जा सकते थे. मैने कहा चलो किसी पार्क मे चलते है. पर गर्मी काफ़ी थी, इसलिए पार्क मे भी जाने से मना कर दिया.

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मैं – पार्क मे न्ही जाना था, तो चलो आज मेरे रूम मे चलते है.

प्रिया – न्ही मैं वाहा न्ही जाने वाली, क्योकि वाहा जाने मे मुझे काफ़ी डर लगता है.

मैं – यार प्रिया तुम भी हद करती हो, मैं तुमसे प्यार करता हूँ. तुम मेरे उपर इतना भरोसा तो रख ही सकती हो.

प्रिया – भरोसा तो है, पर फिर भी तुम मेरी कसम खाओ की मेरे साथ ऐसा वैसा कुछ न्ही करोगे.

मैने कुछ देर तक सोच कर बोला – ठीक है, तुम्हारी कसम मैं तुम्हारे साथ कुछ न्ही करूँगा.

फिर हम दोनो कॉलेज से निकले और ऑटो पकड़ कर मेरे रूम की तरफ आ गये. रास्ते मे बैठा बैठा ये ही सोच रहा था, की मैं आख़िर प्रिया को कैसे चोदुन्गा. क्योकि अब मुझे प्रिया ने अपनी कसम दे दी है.

खैर हम दोनो थोड़ी देर बाद मेरे रूम पर आ गये. मैने उसे अपने रूम के अंदर किया और डोर को अंदर से बंद कर दिया. ये देखते ही प्रिया झट से बोली.

प्रिया – ये क्या डोर क्यो बंद कर रहे हो ?

मैं – मेरी मा ये मैं यहाँ रेंट पर रहता हूँ. इसलिए मैं न्ही चाहता की तुम्हे यहाँ मेरे साथ कोई देखे.

प्रिया – ठीक है.

प्रिया बेड पर बैठी थी, मैं उसके पास जा कर बैठ गया. फिर हम दोनो बातें करने लग गये. जब वो बात कर रही थी, तब मेरी नज़र उसके होंठो पर थी, उसके पतले पतले गुलाबी होंठ काफ़ी सुंदर और सेक्सी लग रहे थे.

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