कन्स्ट्रक्षन मजदूर आंटी और लड़की

हेलो दोस्तो, आपको मेरी पहली स्टोरीस अच्छी लगी होगी. तो आपका ज़्यादा समय ना लेते हुए स्टोरी शुरू करता हू.

मैने सोचा नही था की एसा कभी होगा पर एसा मज़ा पहले कभी नही आया. तो यह उन दो लड़कियो की कहानी है जिनको मैने साथ मे चोदा था.

वो दोनो यहा काम के सिलसिले मे आई थी और यहा काम करती थी. एक का नाम था शोभा और दूसरी का नाम था भारती.

शोभा 27 साल की थी और शादीशुदा थी और भारती 24 साल की थी. भारती की भी शादी हो चुकी थी. शोभा की 3 साल की छोटी बेटी भी थी.

दोनो दिखने मे सावली थी पर मस्त थी. दोनो की गांद और बूब्स मस्त थे. मैने जब पहली बार दोनो को देखा तो एसा देखते ही रह गया था.

दोनो यहा पास वाले घर मे रहती थी जहा कन्स्ट्रक्षन का काम चालू था. वो दोनो वाहा काम करती थी. मैने पहले जिसको को पट्टाने की सोची थी वो थी शोभा क्यो की उसके बूब्स और गांद मोटे थे.

शोभा का पति यहा नही था वो कही और काम करता था. वो यहा उसकी बेटी के साथ रहती थी. भारती का पति यही पर था वो दोनो यहा काम करने आए थे.

मुझे पता चला की वो सब काम ख़त्म होते ही निकल जाएँगे. तो मेने शोभा को पट्टाने का सोचा. मै ऐसे ही कुछ ना कुछ बहाने से वाहा चला जाता था और उनके साथ बात करने की कोशिश करता.

फिर जब वो काम करते तब भी मै वही रहता. जब वो काम करने के लिए कभी कभी झुकती तो उनके बूब्स के दर्शन मुझे हो जाते. मै यह सब देखता रहता और मज़े लेता.

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एकबार भारती नीचे झुकी तो उसके बूब्स की गल्ली मै देख रहा था. वो शोभा ने देख लिया मुझे. तो मुझे बुलाया और कहा क्या देख रहे हो?

मैं – कुछ नही बस ऐसे ही.

शोभा – सब पता है मुझे.

और वो हसने लगी तो मै समझ गया और मै भी स्माइल कर दिया. अब मै उसके साथ थोड़ी बाते करने लगा.

बातो बातो मुझे पता चला उसके फॅमिली के बारे मे उसके पति और बेटी का. मुझे पता था की उनके मर्द लोग रात को दारू पी के सोते है तो मै 2 या 3 बार दारू ला के दिया था वाहा के मर्दो को..

क्यू की वो मर्द लोग दारू पी के सो जाते थे और फिर मै जहा ये दोनो रहती थी उस रूम के पास जाकर उनको देखता.

एक बार मै ऐसे ही देखने गया तो वो दोनो कपड़े बदल रही थी. सभी मर्द सो चुके थे. वाहा कमरे मे झाका तो देखा की शोभा और भारती बात कर रहे थे.

अब दोनो ने कपड़े निकालने चालू किए. ब्लाउस निकलते थी मैने देखा की उनके बड़े बड़े बूब्स लटक रहे थे थोड़े से सावले और उनके बीच छोटे से काले निपल्स.

मेरा लंड धीरे धीरे खड़ा होने लगा. मन तो करता था उनके उपर टूट पॅडू और चूस लू सब.

फिर उन्होने कपड़े चेंज किए. मै तो उस टाइम अपने लंड को सहला रहा था.

तभी शोभा बाहर आई और मै इतना भारती के बूब्स मे डूब गया था की मुझे पता ही नही चला. शोभा मुझे लंड सहलाते हुए देख रही थी.

अचानक वो मेरे पास आ गयी और कहा.

शोभा – साहब यह क्या कर रहे हो?

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मै घबरा गया. अपने लंड को छूपाने की कोशिश करने लगा. मुझे पता नही चला की क्या बोलू और क्या नही. वाहा थोड़ा सा ही उजाला था पर वो मेरे लंड को देख रही थी.मैने टाइट कपड़े पहने हुए थे तो लंड और उभर कर दिख रहा था..

शोभा – क्या हुआ आपको. लगता है कुछ देख लिया.

और हसने लगी मैने भी कह दिया हसते हुए ” इतनी अच्छी चीज़ देख ली है की अब तो दिमाग़ मे छप गयी है”

शोभा – क्यू? पहले कभी देखी नही क्या?

मैं – देखी है ना पर क्या करू अब.

शोभा – अच्छा. तो क्या सिर्फ़ भारती की देखी?

मैं – नही. आपकी भी लाजवाब है. पता नही हमको ऐसी चीज़ कब मिलेगी?

अब ऐसा सुनकर वो हसने लगी. अब मेरे लंड को देखकर बोली – यह क्या हो रहा है.

मैं – आपको देख ये सलाम कर रहा है शोभा – कहा है. मैने देखा ही नही कोई सलाम भी ऐसे कर सकता है.

एसा बोलते ही मेने लंड बाहर निकाल दिया और कहा. यह देखो ऐसे कर रहा है.

वो मेरा बड़ा मोटा लंड देखकर हड़बड़ा गयी और शरमाई. फिर मै उसके नज़दीक गया और उसके हाथ को पकड़ के मेरे लंड पर रख दिया.

अब वो मेरे लंड को सहला रही थी. अब मैने उसको अपने पास खिचा और किस करनी स्टार्ट की. उसको पता नही था तो वो विरोध करने लगी.

अचानक से भारती ने उसको आवाज़ दी तो वो भाग गयी. मुझे डर लग रहा था की वो भारती को बता ना दे. दूसरे दिन मै उसके पास गया और माफी माँगी. वो हसने लगी.

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