बहन की चुदाई अपने ही दोस्तों से

फरहान बोला- यही नहीं मेरे साले साहब, अगर तेरी बहन के साथ-साथ तेरी माँ भी हमसे चुदवाने लगी तो सोच तुझे कितनी आज़ादी मिल जाएगी। जब चाहो जहां चाहो जाओ, जो तेरा मन करे वो करो, कोई रोकेगा नहीं, पैसे देने में भी वो कभी आना-कानी नहीं करेगी, पूरी आज़ादी ही आज़ादी। क्यों सही बोल रहा हूँ न मैं ?
अब मुझे भी थोड़ा-थोड़ा अच्छा लगने लगा था। मैं अपने आंसू पोछते हुए और हल्का सा मुस्कुराते हुए बोला- हाँ ठीक है भाई, पर मेरी छोटी बहन रिया का क्या करोगे ?
फिर से सब ने हूटिंग की और मेरा साथ दिया। साथ देते भी क्यों नहीं, उन्हें मेरे घर की लड़कियां जो मिल रही थी फ़ोकट में। मैं समझ गया था की अब मेरी छोटी बहन रिया भी ज्यादा दिन बच नहीं पायेगी। इसलिए मैंने उसके बारे में भी पूछ लिया। मैंने एक गहरी साँस ली और देखा की छोटू अभी भी मेरी प्रिया दीदी की पैंटी सूंघ कर अपना लण्ड मसल रहा है। मैंने मुस्कुराते हुए तुरंत उसके हाँथ से पैंटी ले ली और बोला- साले पंडित लड़की मिली नहीं की अपना चमरपन शुरू कर दिया।
सब लोग हंसने लगे और लकी छोटू के कंधे पर हाँथ रखते हुए बोला- कोई बात नहीं छोटू अब तुझे पैंटी नहीं सूंघनी पड़ेगी अब तो पण्डिताइन को चोदने की तैयारी कर ले।
सब लोग फिर हसने लगे और मैं भी उन सब के साथ हंस दिया।
मैंने पंकज के हाँथ से अपनी बहन की ब्रा भी ले ली और समीज़ जो की अभी भी टेबल पर पड़ी थी उसे भी ले कर अपने बैग में रख ली।
साबिर बोला- यार दीपक एक बार हम सब को अपनी माँ की बुर दिला दे फिर तेरी बहन को जॉकी की कट वाली पैंटी और नेट वाली ब्रा पहनाएंगे।
फरहान बोला- क्यों इसकी माँ को चोदने के बाद क्यों ? अभी क्यों नहीं ?
साबिर बोला- भाई अभी पैसे कौन देगा ? इसका बाप। वो तो इसकी माँ और बहनो को हमसे चुदने के लिए छोड़ गया है। अब इसकी माँ हमसे चुदेगी और हमें पैसे भी देगी। तभी तो इन्हे फैशन कराऊंगा। इसकी माँ कमाती भी है।
सब हसने लगे और मैं बोला- अब मेरी माँ और दोनों तुम लोगो की अमानत है। जो करना हो करो पर मैं कुछ नहीं करुगा। मैं सिर्फ देखूंगा और मज़े लूंगा।
फरहान बोला- ठीक है। हम रोज तेरी माँ और बहनो की चूत मारेंगे और देख कर मज़े लेना।
पंकज बोला- मैं तो इसकी माँ को चोद कर एक बच्चा भी पैदा करवाऊंगा।
सब लोग फिर से हंसने लगे और मैं भी इनके साथ हंस दिया। अब मुझे अपने दोस्तों की बाते ख़राब नहीं लग रही थी और न ही मुझे अब गुस्सा आ रहा था।
इस बीच लकी फरहान से बोला- अच्छा चल भाई अब प्रिया का ऑडियो और वीडियो तो दिखा। मैं भी तो देखू अपनी होने वाली रंडी को।
मुझे छोड़ कर सभी लोग फरहान से यही बोलने लगे।
फरहान बोला- ठीक है। लेकिन अपनी होने वाली प्रिया रांड की एक छोटी सी शर्त है।
विजय बोला- यही ना की ये बात किसी को पता न चले। हमें मंजूर है। आखिर अपने जिगरी दोस्त की बहन है कोई सड़क पर चलती रंडी तो है नहीं ।
सब हसने लगे मैं भी थोड़ा मुस्कुरा दिया।
फरहान बोला- हाँ ये तो है पर एक प्रॉब्लम और है। प्रिया के २-३ दिन में पीरियड्स शुरू होने वाले है। वो बोली है की वो सबके सामने चुदने के लिए तैयार है, पर जब उसकी सील टूटेगी तो सिर्फ एक ही उसकी सील तोड़ेगा और जब तक उसकी चूत का दर्द खत्म नहीं हो जाता तब तक कोई उसे चुदाई के लिए नहीं बोलेगा।
लकी बोला- मादरचोद रांड के नखरे बहुत है। कब तक छिनार की चूत में दर्द रहेगा ?
फरहान बोला- सील टूटने के २-३ दिन तो उसकी चूत दर्द रहेगा, फिर उसके बाद उसकी चूत खून देने लगेगी यानि की उसके पीरियड्स शुरू हो जायेंगे। लगभग एक हफ्ता लगेगा उसे नार्मल होने में और तुम लोग उसके बाद ही उसकी चूत मार पाओगे।
छोटू बोला- इतना लम्बा बयाना क्यों ले ले लिया भईया जी ? आप तो कल ही उस छिनार के मज़े ले लोगे और हम लोग इतने दिन इंतजेर करें छिनार के लिए।
साबिर बोला- हाँ यार इतना लम्बा बयाना क्यों लिया ? अब जब तक मेरा लण्ड इसकी रंडी बहन की बुर नहीं मारेगा तब तक मेरे लण्ड को चैन नहीं मिलेगा।
फरहान बोला- यार अपने दोस्त की बहन है, कोई सड़क चलती छिनार नहीं है। वैसे भी अब वो रांड कहाँ भाग के जाएगी ! पीरियड्स में चुदाई के अलावा सब कुछ करेगी। लण्ड चूसेगी, अपनी चूची दबवएगी, चूची पिलाएगी बस अपनी बुर में नहीं डलवा पायेगी। इतना तो सब्र कर लो दोस्तों।
पंकज बोला- चल ठीक है कोई बात नहीं। इसकी बहन नहीं तो इसकी माँ को चोदेंगे। अब दीपक हमारे लिए इतना तो कर ही सकता है। क्यों दीपक हमें अपनी माँ की चूत दिलाएगा न ?
मैं थोड़ा मुस्कुराते हुए बोला- हाँ ठीक है, जैसा तुम लोगो को सही लगे।
सब ने हाँ में सर हिल दिया। सबके मन में मेरी बहन और माँ को चोदने की कसक साफ़ दिख रही थी।
छोटू बोला- फरहान भाई अब जल्दी से दिखा दो मेरी पंडिताइन की चूत-चूची और क्या बात हुयी उस रंडी से ये भी सुना दो।
पंकज, विजय, साबिर और लकी सब फरहान से दिखाने और सुनाने के लिए बोलने लगे।
फरहान बोला- ठीक है। बस एक बात और है। दीपक तू अपनी बहन की समीज़, ब्रा और पैंटी छोटू को दे दे। मैंने तेरी बहन से बोला है है कॉलेज बंद होने के बाद वो अपने ये कपडे छोटू से ले लेना और आज तेरे भाई दीपक को इस बारे में कुछ नहीं बताएँगे। इसलिए तू ये ऑडियो और वीडियो देखने के बाद यहाँ से चले जाना। जब तेरी बहन छोटू से अपने ये कपडे लेने आएगी तब हम लोग उसके साथ थोड़ा मज़ा लेंगे और उसको कपडे पहना कर आएंगे।
मैंने हाँ में सर हिला दिया और अपने बैग से अपनी प्रिया दीदी की समीज़, ब्रा और पैंटी निकाल कर छोटू को दे दी। छोटू वो कपडे ले कर खुश हो गया और उसने मेरी प्रिया दीदी की ब्रा-पैंटी अपनी गंदे से कच्चे के अंदर डाल लिया और समीज़ को हाँथ में पकडे रहा और बोला- भाई अब जल्दी से शुरू करिये।
फरहान ने अपनी जेब से मोबाइल निकाला और सब को चुप रहने को बोला। सब चुप हो गए।
फरहान ने सबसे पहले ऑडियो शुरू किया जिसमे उसकी और प्रिया दीदी के बीच की बात-चीत रिकॉर्ड थी।
अब मैं जो लिखने जा रहा हु वो उस ऑडियो रिकॉर्डिंग में थी। –
प्रिया दीदी- अस्सलाम -वालेकुम फरहान जी।
फरहान- वालेकुम-अस्सलाम। तू तो अपने दोस्त दीपक की बहन है न !
(मैं प्रिया दीदी की आवाज़ पहचान गया था की ये सच में मेरी प्रिया दीदी ही है)
प्रिया दीदी- जी हाँ। मुझे स्वेता मैडम ने सब बता दिया है। मैं सब करने के लिए तैयार हूँ पर एग्जाम में आप मेरे नंबर बढ़ावा देंगे न।
फरहान- हाँ। तू उसकी चिंता न कर। पूछ ले जितनी लड़कियों को चोदा है वो सब फर्स्ट क्लास पास हुयी है। तू उसकी टेंशन मत ले। तू बस ये सोच की हमें कैसे-कैसे मज़े देगी।
प्रिया दीदी- मुझे बस एक बात का और डर है।
फरहान- किस बात का डर है ? बोल।
प्रिया दीदी – जी इस बात का दीपक को पता न चले तो अच्छा रहेगा।
फरहान- ऐसा नहीं हो सकता। उसे इस बारे में पता तो चल ही जायेगा। अगर मैं नहीं बताऊंगा तो कोई और उसे इस बारे में बताएगा। उसे भी पता चलने दे। पता चल भी गया तो क्या करेगा ? वो अपनी बहन के बारे में किसी से कुछ नहीं बोलेगा।
प्रिया दीदी- अगर दीपक ने घर में बता दिया तो मेरा कॉलेज आना बंद हो जायेगा। मैं सबके साथ क्यों करू ? मैं सिर्फ आपके साथ करू तो नहीं चलेगा ?
फरहान- बहन की लौड़ी तू दीपक की चिंता मत कर मैं उसे समझा दूंगा। एक रण्डी के चक्कर में मैं अपने दोस्तों के साथ गद्दारी नहीं करूँगा साली छिनार। चुदवाना है तो सब से चुदवा नहीं तो जा कर पढाई कर। शायद पास हो जाये।
प्रिया दीदी कुछ सोच कर बोली- ठीक है। आप दीपक को समझा देना और मैं आपके साथ और आपके सभी दोस्तों के साथ करने के लिए तैयार हूँ।
फरहान- ऐसे नहीं बहन की लौड़ी। बोल की मैं मैं आपकी और आपके दोस्तों की सड़क छाप रंडी बनने को तैयार हूँ। आप लोग जहाँ बोलेंगे, जैसा बोलेंगे वहां अपनी चूत मरवाऊंगी।
स्वेता और प्रिया दीदी के हसने की आवाज़ आती है और फिर प्रिया दीदी बोलती है- ठीक है फरहान जी। मैं आपकी और आपके सभी दोस्तों की सड़क छाप रंडी बनने के लिए तैयार हूँ। आप लोग जहाँ बोलेंगे, जैसा बोलेंगे वहां अपनी चूत मरवाऊंगी।
फिर से स्वेता और प्रिया दीदी के हसने की आवाज़ आती है और स्वेता प्रिया दीदी से बोलती है- तू तो एकदम से आगे ही भाग रही है। लगता है की तुझे काम से नहीं अपनी चूत की आग से ज्यादा मतलब है।
प्रिया दीदी- जब रंडी बनने की सोच लिया है तो अब शर्म कैसे। जितना ओपन रहूंगी उतना अच्छा रहेगा, और मेरा काम तो अब फरहान जी करा ही देंगे।
फरहान- तो तो एकदम परफेक्ट रंडी लग रही है। वैसे तुझे बता दूँ की तुझे लकी और छोटू से भी चुदवाना पड़ेगा।
प्रिया दीदी- कौन लकी और छोटू ? वो कैंटीन वाले ?
फरहान- हाँ कैंटीन वाले। बहन की लौड़ी कोई प्रॉब्लम है क्या ?
प्रिया दीदी- नहीं। कोई प्रॉब्लम नहीं फरहान जी। जब रंडी बनने जा रही हूँ तो कैसी शर्म। अब छोटू क्या, क्या सब्ब्जी वाला, क्या होटल वाला, मैं तो अब जमादार और भिखारियों के लिए भी तैयार हूँ। लकी और छोटू तो आप लोगों के साथ के है, पर छोटू का खड़ा भी होता है ?
स्वेता बोली- तू तो एकदम रंडी हो गयी है अभी से।
फरहान- अच्छा है अभी से रंडी बन जाये। इसके लिए भी अच्छा है और हमारे लिए भी। साली छिनार तू छोटू की चिंता न कर। उसका लौड़ा इतना बड़ा है की तेरी चूत के लिए वो अकेला ही काफी है।
प्रिया दीदी और स्वेता की हलकी सी हसने की आवाज़ आती है।
फरहान- समझी नयी नवेली छिनार। रंडी किसी की उम्र और लौड़े के बारे में नहीं पूछती। जिसका लौड़ा खड़ा होता है वही रंडी की बुर मारने आता है।
फरहान ऑडियो बीच में रोकता है और बोलता है की ये बात उसने प्रिया दीदी की चूची को मसल कर बोली थी।
छोटू बोलता है- भाई अपने बड़ी अच्छी और सही बात बोली।
पंकज बोला- यार ऑडियो बीच में न रोक। बाद में बता देना। अभी क्यों मज़ा किरकिरा कर रहा है। मेरा तो अभी से लौड़ा खड़ा हो गया है उस छिनार की बुर मारने के लिए।
फरहान बोला- यार साले साहब को भी तो पता चलना चाहिए की क्या हो रहा था। क्यों साले साहब ?
मैं भी थोड़ा उत्तेजित हो गया था और मुझे मालूम था की मैं अब कुछ नहीं कर सकता इसलिए मैं भी बोला- हाँ सही है जीजा जी आप सब कुछ बताते रहो। मैंने पहली बार किसी को जीजा बोल था।
सब लोगो ने हूटिंग की और बोले ये हुयी न बात।

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