अपनी सौतेली माँ की चुदाई

Apni Sautali Maa ki Chudai Ki

अपनी सौतेली माँ की चुदाई

Apni Sautali Maa ki Chudai Ki

मेरा बाप एक बहुत ही Antarvasna Sex Stories शराबी कबाबी आदमी था. मेरी माँ में माँ के मर जाने पर जब उसको चूत मारने की तलब लगी तो उसने २ महीने में ही दूसरी शादी कर ली. मेरी नई माँ जब घर आई तो मुझसे वो सौतेला व्यवहार करने लगी. जब मैं उनको माँ माँ कहकर बुलाता तो वो कहती ‘माँ नही, मैं तुम्हारी सौतेली माँ हूँ. मुझे सौतेली माँ कहा करो’ ये सुनकर मैं बहुत रोया. धीरे धीरे मेरी माँ ने मेरे बाप के दिमाग पर कब्जा कर लिया, उसको अपनी मुट्ठी में कर लिया, अपने वश में कर लिया. वो जो जो कहती मेरा बाप वही करता. आये दिन वो मार्केट घूमने जाती. शाम को मेरी सौतेली माँ होटल में ही खाना खाने जाती. और जब घूम फिर कर लौटती तो मेरा लिए कुछ नही लेकर आती. मैं अभी २० साल का था.

मैं किसी तरह अपनी सौतेली माँ का जिल्लत भरा व्यवहार बर्दास्त करता. धीरे धीरे वो मुझे मारने पिटने लगी. कभी को गरम चिमटे से दाग देती. मेरे खाने में वो जलन के कारण जादा नमक डाल देती. मेरी चाय में इर्षा वश चीनी ही नही डालती. फिर वो मुझे घर से निकल जाने की बात रोज रोज कहने लगी. ‘मैं तेरा चेहरा भी इस घर में नही देखना चाहती हूँ. निकल जा! निकल जा मेरे घर से!!’ मेरी सौतेली माँ कहती. कुछ दिन बाद मेरे बाप की हर्ट अटैक से मौत हो गयी. इसके पीछे भी मेरी सौतेली माँ ही जिम्मेदार थी. उसने मेरे सीधे साधे बाप को फुसलाकर पूरा घर अपने नाम करवा लिया था. इतना ही नही जब उन कमिनी औरत ने ५ प्लाट जो मेरे बाप ने ख़रीदे थे उसे भी अपने नाम करवा लिया था. ये जानकर मेरे बाप को अटैक पड़ गया था.

कुछ दिन बाद मुझे पता चला की मेरी माँ सोसाईटी के कई मर्दों से फसी हुई है. बाद में मुझे जो जो बातें पता चली की मेरे पैर तले जमीन खिसक गयी. मेरी सौतेली माँ का येही धंधा सा. वो राईस विधुर आदमियों को अपने रूप के जाल में फसाती थी फिर उनकी सारी दौलत अपने नाम करवा लेती थी. मैं जब अपने कॉलेज से लौटा तो मेरा माँ मेरा ही घर में किसी गैर मर्द के साथ चुम्मा चाटी कर रही थी. उस दिन दोस्तों, मेरा खून खौल गुया. उस वक्त मैंने कुछ नही कहा. जो वो गैर मर्द चला गया तो मैंने अपनी सौतेली माँ को जूतों, चप्पलों से खूब पीटा. वो बचाओ! कोई मुझे बचाओ !! चिल्लाने लगी. मैं उसको अपने बाप की बेंत से मारता रहा.

यह कहानी भी पड़े  शादी की गहमागहमी मे साली की चुदाई

ले कुतिया!! ले छिनाल!! तू इसी के लायक है!! मैंने कहा

और उसको मैंने खूब पीटा. मैं उसे अंडर कमरे में ले गया. मैंने उसका ब्लौस फाड़ दिया. मैंने अपने फोन से उसकी कई तस्वीरे ले ली. ‘ये..ये क्या कर रहें हो तुम? देखो मैं पुलिस में सिकायत करुँगी!’ उसने मुझे धमकी दी. मैंने उसकी साड़ी भी फाड़ दी. और फिर उसका ब्लौस पेटीकोट भी फाड़ के निकाल दिया. मेरी सौतेली माँ अब नंगी हो चुकी थी. मैंने उसके बाल खिंच के पकड़े और उसके गाल पर १० तमाचे लगा दिए. उस कुतिया का मुह मार खाकर लाल हो गया. फिर मैंने उसके नंगे बदन पर कई लात जमा दी. ‘आई मर गयी!! मर गयी मैं!!’ वो चिल्लाने लगी. मैंने सिगरेट सुलगाई और उसके गोल गोल चुतड पर मैंने सिगरेट से दाग दिया. मैं अब बिल्कुल एक हैवान बन चुका था. मैंने उसके गोल मटोल बड़े बड़े चूतडों पर कई लात जमा दी. वो कुतिया अधमरी हो गयी.

फिर मैंने उनके दोनों पैर पकड़ के खोल दिए. मेरी सौतेली माँ की बहुत सारी घनी घनी काली काली झाटें थी. मैंने अपना मोटा लौड़ा उनके भोसड़े में डाल दिया और रंडी को चोदने लगा. उसकी शक्ल देख के लग रहा था की मेरी पिटाई से वो मर ही गयी है. वो जमीन पर लेती हुई थी. मैं छीनाल को ले रहा था. उनकी चूत मार रहा था. मेरे धक्कों से रंडी की दोनों छातियाँ लपर लपर करके हिल रही थी. सच में मेरी सौतेली माँ के पास ऐसा हुस्न था की वो इससे किसी को भी दीवाना बना लेती थी. मैं कुछ पल के लिए छिनाल के रूप रंग और खूबसूरती को देखता रह गया. फिर मैं उसके मम्मों पर कूद पड़ा. जोर जोर से अपनी हथेलियों से उसके दूध निचोड़ने लगा. वो चिल्लाने लगी. मैं और जोर जोर से अपनी सौतेली माँ को पेलने लगा. मैं जोर जोर से अपनी कमर चला रहा था. मैं अपनी सौतेली माँ को चोदने हुए उसकी अनेक फोटो खीच ली.

यह कहानी भी पड़े  भाई की मस्ती बहन का गुस्सा

‘अगर तू चाहती है की मैं ये तस्वीरे किसी मैग्जीन या सेक्सी किताब में छपने के लिए ना दूँ तो मेरा जो मकान तुने कुटिलता से अपने नाम करवा लिया है, उसे फिर से मेरे नाम करदे’ मैंने कहा. अगले दिन मैं उस कुतिया को लेकर कचेहरी गया और अपने कमाल और जायदाद को अपने नाम करवा लिया. मेरे दूसरे खूंखार रूप को देखकर उस कामिनी की गांड फट गयी थी. वो मुझे बहुत सीधा मानती थी. पर उसके जुल्म ओ सितम ने तंग आकर मै अब एक राक्षस, एक हैवान बन चुका था. कुछ दिन बाद उस बदचलन औरत ने फिर से कालोनी के दूसरे मर्द से इश्क लडाने की कोशिश की. मेरे दोस्त कुनाल ने मुझे बताया ‘आदित्य, तेरी माँ आज उस आदमी के साथ इश्क फरमाँ रही थी’ कुनाल ने मुझे बताया. कुछ और लोग ने मुझे बताया की जब मैं कॉलेज चला जाता हूँ तो मेरी गैर मौजूदगी में कई आदमी तुम्हारे घर में जाते है और घंटों घंटों बाद निकलते है. ये सुनकर मैं गुस्से में आ गया.मैंने अपनी सौतेली माँ को एक दीवाल से बाँध दिया. और उसे कई कोडे मारे.

Pages: 1 2 3

error: Content is protected !!