अनजान भाभी की चुत और मेरा लंड

मेरे लंड ने उसे सलामी दे दी और मैं उसके पास खिंचता चला गया. उसके पास जाते ही मैंने उसे चूमना शुरू कर दिया, वो भी मेरा साथ दे रही थी. मेरे हाथ उसकी चौंतीस साइज़ की चुचियों पर अपना काम कर रहे थे. मैं दूसरे हाथ से उसकी जांघों को सहला रहा था.

क्यारा के मुँह से मादक सिसकारियां निकलने लगीं- आहह आहह ईइस … आस्स्स्सा… आहह!
उसकी आवाज से लग रहा था, जैसे वो कई दिनों से लंड के लिए तरस रही थी. नशा तो उसको भी हो रखा था और वो बड़बड़ा भी रही थी- आह राजा, दबाओ ज़ोर से मेरे चूचों को!

करीब पंद्रह मिनट के फोरप्ले में मैंने उसकी नाइटी और उसकी ब्रा को अलग कर दिया और उसके खरबूज जैसे चुचों को आज़ाद कर दिया. फिर मैं उसके चूचों को मसलने लगा और एक चुचे को मुँह में दबा कर चूसने लगा.

वो बावरी सी होने लगी और मुझे चूमने लगी. उसने मेरे कपड़े उतारे और मेरे लंड को देख कर अपने होंठों को दबा के कातिल स्माइल दी. वो मेरे लंड से खेलने लगी. अब तक मेरा हाथ उसकी चूत की ओर बढ़ रहा था. मैंने उसकी डोरी वाली ब्लैक पेंटी को खोल कर फेंक दिया और उसकी क्लीन शेव चूत को उंगली से सहलाने लगा.

मेरा हाथ जैसी ही उसकी चूत से टच हुआ, वो अचानक सिसिया उठी और फिर से मेरे लंड से खेलने लगी. कुछ देर में उसने 69 की पोज़िशन बनाने को कहा और हम एक दूसरे को चूसने लगे.

मैं अब सातवें आसमान पे था. मेरे लंड पर जैसे ही उसने अपनी जीभ से सहलाया … मुझे सनसनी हो गई. उसने लंड चाट कर अपने मुँह में भर लिया, इससे मेरी आंखें बंद हो गईं और मैं उसकी चूत चाटने लगा.

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थोड़ी ही देर में वो बहुत गर्म हो चुकी थी, जिसका अंदाज़ा भाभी की गीली चुत से मुझे हो गया. वो ज़ोर ज़ोर से बड़बड़ा रही थी- ‘आहह उह ऊहह उम्म्ह… अहह… हय… याह… चाटो आअहाहह … मज़ा आ रहा है. तुम्हारी जीभ तो कमाल कर रही है.

मैं अपनी एक उंगली से उसकी चुत को मसल भी रहा था. फिर मैंने उंगली उसकी चुत में घुसेड़ दी और उसने मेरे लंड को मुँह से निकाल कर एक बड़ी गहरी सांस लेते हुए मुझे अपनी कामाग्नि का अहसास कराया. एक पल बाद वो फिर से लंड को चूसने लगी.

क्यारा- अब मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा. तुम जल्दी से अपने लंड को मेरी चुत में गाड़ दो और मेरी आग को बुझा दो.
मैंने झट से अपना हथियार निशाने पे लगाया और धीरे से एक झटका लगा दिया. मेरा आधा लंड उसकी चुत को चीरता हुआ अन्दर घुस गया और वो ज़ोर से चीख पड़ी- उउह आअहह आअहह … धीरे करो दर्द हो रहा है … मेरे पति का साइज़ तुमसे बहुत छोटा है … उउऊहह … आआहह.

मैं उसे किस करने लगा. मेरे दोनों हाथ उसके दोनों चुचे मसल रहे थे और वो मादक सिसकारियां ले रही थी. फिर मैंने एक और जोरदार झटके के साथ पूरा लंड उसकी चुत में घुसा दिया. उसकी आंखों से आंसू निकल आए, पर मैंने अनदेखा करके चुदाई शुरू कर दी.

करीब पंद्रह मिनट की चुदाई के बाद मेरा छूटने वाला था. मैंने उससे पूछा- कहाँ निकालूँ?
उसने कहा- मेरे चेहरे पे.
मैंने वैसे ही किया.

उसने मेरे लंड के पानी को बड़ा एन्जॉय किया. कुछ रस उसने चाटा भी और कहा- बड़ा टेस्टी माल है.
मैंने कहा- टेस्टी लगा है, तो लंड चूस कर साफ़ कर दो न.

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उसने गप से मेरा लंड अपने मुँह में भर लिया और मेरे लंड में लगा मेरा और अपनी चूत का मिक्स रस चाट कर लंड साफ़ कर दिया.
मुझे उसकी ये पिपासा बड़ी रोमांचक लगी और मैंने भी उसके होंठों में लगा हम दोनों के रस को चूस लिया.

बिस्तर पर यूं ही नंगे पड़े रह कर उसने एक पैग उठाया. जिसे हम दोनों ने सिप सिप करके पिया. साथ ही सिगरेट का मजा भी लिया.

हम दोनों काफी चिपचिपे से हो गए थे. इसलिए हम दोनों नहाने चले गए. नहाते वक़्त मैंने उसे बाथरूम में फिर से चोदा.

उस रात हम दोनों ने चार बार चुदाई का मज़ा लिया. उसने मुझसे ढेर सारी बातें की और मुझे अपनी अधूरी वासना को लेकर अपना दुःख बताया.
मैंने उससे कहा- कोई दिक्कत की बात नहीं है, यदि तुम चाहोगी, तो मैं पूरी कोशिश करूंगा कि तुम्हारी चुत के लिए मेरा लंड मिलता रहे.
उसने भी मुझे अपनी कुछ फ्रेंड्स के साथ चुदाई का मजा दिलाने का वायदा किया.

इसके बाद मैंने उसे कई बार चोदा. एक महीने बाद ही उसने अपनी एक बड़ी हॉट से सहेली मुझे मिलवाया. उसने मुझसे एक ही बिस्तर पर थ्री सम चुदाई के लिए कहा, तो मैंने हां कर दिया. अब जल्द ही मैं उन दोनों को चोद कर रगड़ने वाला हूँ.

दोस्तो, आपको मेरी भाभी की चुत की सेक्स कहानी पसंद आई या नहीं, प्लीज़ कमेंट जरूर कीजिए. ताकि मैं आपके साथ अपना मजेदार एक्सपीरियेन्स शेयर कर सकूं.
धन्यवाद

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