उन्होंने जो तौलिया लपेटा हुआ था, वो सिर्फ़ उनके आगे के बदन को ढक रहा था और वो पीछे से बिल्कुल नंगी थी, उनके बड़े-बड़े कूल्हे दिखाई दे रहे थे।
तौलिये से उनका सिर्फ़ आधा बदन कवर था.. इससे उनकी आधी जांघें सामने से दिखाई दे रही थीं.. जो मोटी और चिकनी थीं।
उनका रंग थोड़ा सा सांवला सा था, उन्होंने अपना तौलिया हटाया और सबके सामने बड़ी बेशर्मी से खड़ी हो गईं।
यह सब देख कर मेरा लंड फुंफकार मारने लगा।
इतनी ही देर में मेहता आंटी भी कॉन्फिडेन्स में आ गईं और साड़ी से ढके हुए अपने बदन को बंदिशों से बाहर कर दिया।
मेहता आंटी 30 साल की थीं और गोरा रंग उनको ताजमहल की परिभाषा देता था।
उनके निपल्स टाइट थे और चूत क्लीन शेव्ड थी। वो मेरे पास आकर बैठ गईं।
लेकिन नफ़ीसा आंटी अभी भी दरवाजे के पास ही खड़ी थीं, उन्होंने कहा- मैं जा रही हूँ.. मैं ये सब नहीं कर सकती।
उन्होंने गेट आधा खोला ही था कि सविता चाची उनकी तरफ भागीं। भागने के चक्कर में बेडशीट से ढका हुआ उनका गोरा बदन उघड़ गया। भागते समय उनके मोटे मम्मे.. बड़े-बड़े कूल्हे और गदराई हुई जांघें हिलोरे मारती हुई उछल रही थीं।
उन्होंने नफ़ीसा आंटी (26 साल) का हाथ पकड़ कर अन्दर खींचा और दरवाजा बंद कर दिया।
उन्होंने कहा- अरे नफ़ीसा आ जाओ यार.. कुछ नहीं होगा.. वैसे भी इसे सब पता चल गया है और इसके पास हमारी वीडियो क्लिप भी है। सेफ्टी के लिए मेरे पास भी इसकी वीडियो क्लिप है।
यह सुन कर मैं हैरान हो गया।
अब मुझे पता चल गया कि चाची ने सुबह मेरा वीडियो बनाया था।
मैं भी अब किसी को कुछ बताने लायक नहीं रहा।
यह सुन कर नफ़ीसा आंटी पास की चेयर पर मुँह लटका के बैठ गईं।
मेहता आंटी ने कहा- मुझे भी दिखाओ इस लड़के का वीडियो?
रचना आंटी ने कहा- अरे छोड़ो यार हम तो इसे लाइव ही देख लेंगे।
यह कहते हुए उन्होंने मेरे गाल पर हाथ फेरा।
फिर उन्होंने एक सिगरेट जलाई और धुआं मेरे चेहरे पर छोड़ते हुए कहा- क्यों बेटा, मज़े करोगे हमारे साथ..
मैंने गर्दन हिला दी।
फिर मेहता आंटी ने अपनी दोनों जांघें फैला कर अपनी चूत दिखाई.. जो एकदम क्लीन शेव्ड और फूली हुई थी।
उन्होंने मेरी गर्दन को झटके से नीचे किया और चूत की तरफ ले गई, उन्होंने कहा- चाटो इसे..
मैं उनकी चूत को चाटने लगा और रचना आंटी मेहता आंटी के मम्मों को दबाने लग गईं।
मेहता आंटी चिल्लाने लगीं- आअहह.. ऊओ ईआहह उम्म्मह..
रचना आंटी ने कहा- अभी नए हो बेटा.. मैं तुम्हें चूत चाटना सिखाती हूँ।
उन्होंने सविता चाची को सोफे पर लिटा दिया और दोनों जांघें फैला कर अपनी जीभ को घुमाते हुए चूत के अन्दर-बाहर करके चाटना चालू कर दिया।
यह सब देख कर मेरा तो पूरा खड़ा हो चुका था। ये सब नफ़ीसा आंटी कुर्सी पर बैठ के देख रही थीं।
रचना आंटी आईं और मुझसे बोलीं- हम सब लेज़्बीयन हैं लेकिन आज एक छोकरा हमारा गैंग-बैंग करेगा। ये भी हमारा पहला एक्सपीरियेन्स होगा.. क्यों नफ़ीसा?
नफ़ीसा आंटी एकदम से चौंक कर बोलीं- आं..हाँ..हाँ..
‘तो फिर आओ ना.. वहाँ क्यों बैठी हो.. लाओ अपना बैग मुझे दो।’
नफ़ीसा आंटी का बैग खुला और उन्होंने उसमें से 4 डिल्डो निकाले। सभी आंटियों ने एक-एक डिल्डो ले लिया और उसे चाट कर गीला करने में लग गईं।