Savita Chachi Aur Pados Ki Chudasi Auntiyan- Part 1

मैंने की-होल से अन्दर झाँक कर देखा तो पड़ोस वाली रचना और मेहता आंटी थीं.. जो एक-दूसरे के ऊपर नंगी लेटी हुई थीं।
मतलब वो लेज़्बीयन थीं।

यह देख कर मेरा दिमाग़ खराब हो गया।
मैंने फिर से की-होल में से देखा.. तो सविता चाची रसोई में से पानी की बॉटल और आइस-ट्रे लेकर आ रही थीं और उनके होंठों के बीच एक जलती हुई सिगरेट सुलग रही थी।

देखने वाली बात तो यह थी कि चाची सिर्फ़ पेटीकोट में थी और ऊपर से उनके बड़े-बड़े ब्राउन निप्पल वाले पपीते लटक रहे थे।
कसम से मेरा 6 इंच का लण्ड कुतुबमीनार बन कर पैन्ट में सख्त हो गया।

तभी नीचे से डोरबेल बजी.. मैं वहाँ से नीचे की और भागा..
सीढ़ियों से उतरते हुए मैंने देखा कि गेट पर नफ़ीसा आंटी खड़ी हुई थीं.. डोरबेल उन्होंने ही बजाई थी।
नफ़ीसा आंटी ने मुझे नीचे आते हुए देख लिया था।

उस दिन मैं हर आहट पर चौंकन्ना था। तीनों आंटी शाम के 5 बजे तक वहाँ रुकीं और फिर चली गईं।

तब मुझे पता चला कि तीनों आंटियां किस तरह की रंडियां हैं।

उस रात को मैंने 2 बार मुट्ठी मारी।
अब मैं उन आंटियों को चोदने का तरीका सोच रहा था.. तभी मेरे दिमाग़ में एक प्लान आ गया।

मैं उस रात को दरवाजा खुला रख कर 5 बजे का अलार्म लगा कर सोया और 5 बजे जाग कर सविता चाची के नीचे झाड़ू लगाने आने का वेट किया।
लेकिन आंटी 6:30 बजे तक नीचे नहीं आईं, मैंने गेट बंद कर लिया।

तब तक बाकी के स्टूडेंट्स भी कोचिंग के लिए जा चुके थे। ग्राउंड फ्लोर पर मैं अकेला ही रह गया था।

सविता चाची ने मेरा लंड पकड़ा

करीब 7 बजे मैंने चाची की पायलों की आवाज़ सुनी.. मैंने झट से दरवाज़ा खोला.. परदा लगाया और नंगा बिस्तर पर लेट गया।

मैंने अपनी आँखें बंद कर रखी थीं.. लेकिन थोड़ी सी खुली हुई रखी थीं.. ताकि मैं चाची को देख सकूं।
चाची मेरे कमरे के सामने से गुज़रीं.. लेकिन वो अन्दर नहीं आईं।

मेरे प्लान पर पानी फिर गया।

लेकिन दो मिनट बाद चाची गेट के सामने आईं.. परदा को हल्का सा हटाया ताकि वो कमरे के अन्दर देख सकें। मैं ये सब अपनी आधी खुली हुई आँखों से देख रहा था।

चाची को लगा कि मैं सो रहा हूँ, वो अन्दर आईं.. धीरे से और लाईट को ऑन किया।

उन्होंने कुछ मिनट तक मुझे बहुत गौर से नंगा देखा.. फिर मेरे लौड़े के पास अपनी नाक लेकर आईं.. और मेरे लौड़े को सूँघा।

फिर उन्होंने अपनी ब्रा में से मोबाइल निकाल कर शायद मेरा वीडियो बनाया या फिर फोटो खींचा.. मुझे पता नहीं।
इस समय वो अपने एक हाथ से लगातार अपने मम्मों को दबा रही थीं।

फिर वो बाहर चली गईं और ज़ोर-ज़ोर से अपनी पायल को बजाने लगीं। पास वाले कमरे का दरवाजा भी खटखटाया.. लेकिन मैंने आँख नहीं खोलीं।

वो शायद चैक कर रही थीं कि मैं इतनी आवाज से जागता हूँ या नहीं। वो फिर से कमरे में आईं.. लाईट बंद की और मुझे आवाज़ लगाई.. लेकिन पहले से जागे हुए आदमी कोई जगा सकता है क्या?
नहीं ना..
बस मैंने भी वही किया।

उन्हें लगा मैं बहुत गहरी नींद में हूँ।

थोड़ा चैक करने के लिए उन्होंने मेरे हाथ को टच किया.. फिर मेरी जाँघ पर हल्का सा हाथ फेरा।

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