पोलीस वाली आंटी को बड़ा लंड दिया

हाय दोस्तो, मेरा नाम सुधांशु है, मैं देल्ही से बिलॉंग करता हू, राइट नाउ आई एम वर्किंग इन एन एमएनसी इन गुरगाओं, आई हॅव बिन फॉल्लोविंग डीके फॉर लास्ट वन मंथ और मुझे लगा की मुझे भी अपनी कहानी शेयर करनी चाहिए जो की रियल है और इंट्रेस्टिंग भी. हिन्दी सेक्स स्टोरी

सो मैं पहले अपने बारे मे थोड़ा बता दू, आई एम 23, 5.8” टॉल, पोज़ेस अथलेटिक बॉडी, फिट हूँ एंड यस माय टूल इझ टू बिग एनफ टू सॅटिस्फाइ एनी गर्ल एंड वुमन एस्पेशली मेच्यूर वुमन, इफ़ एनी वन वांट्स टू शेयर देयर सीक्रेट्स वित मी, सो प्लीज़ गो अहेड एझ युवर सीक्रेट्स इझ सेफ वित मी.

सो बोहोत कर दिया बोर आप सब को अब मैं कहानी पर आता हूँ, ये रियल स्टोरी है मेरे और मेरे पडोसवाली आंटी (सुप्रिया) के बीच जो पोलीस मे कॉन्स्टेबल है, पहले आंटी के बारे मे थोड़ा बता दू, आंटी की एज 38 होगी, गोरा रंग, फिगर एकदम टाइट एझ शी इझ अ पोलीस वुमन, हर कोई पड़ोस मे आंटी पर बुरी नज़र रखता था, आंटी का एक लड़का है -विक्रम जो ** साल का है.

अक्सर बचपन मे जब मैं आंटी के घर जाता था खेलने तो आंटी ब्रा और टॉवेल मे बाथरूम से बाहर निकल आती थी मेरे सामने, पर मैं भी छोटा था तो इन्न सब बातों पर ज़्यादा ध्यान नही देता था, पर अब आंटी को उसी पोज़िशन मे देखने के लिए पागल हो जाता हूँ.

तो एक दिन हुआ यूँ की आंटी ड्यूटी से आ रही थी और मैं वरॅंडा मे टॉपलेस खड़ा था अपने शॉर्ट्स मे, आंटी को देखकर मैने नमस्ते बोला, आंटी थोड़ा शरमाई और मेरे नमस्ते का रिप्लाइ करा, मुझे थोड़ा ऑड लगा.

मैं थोड़ी देर और खड़ा रा वहीं पर और आंटी को देखता रा, पर आंटी घर मे जा चुकी थी, थोड़ी देर बाद मैने नोटीस किया की आंटी भी अपने वरॅंडा मे आ गई है और फिर हमारी बातें स्टार्ट हुई.

बातों ही बातों मे आंटी ने कहाँ की उन्हे मुझसे कुछ काम है तो एक बार घर मे आने को कहाँ, मैं तो सातवे आसमान पर था, जिनको चोदने का प्लान मैं इतने दीनो से बना रा था वो आज खुद ही मुझसे चुदने आ गई है, बट मैं शुवर नही था की आंटी ने मुझे घर पर क्यूँ बुलाया है.

मैने डोर बेल बजाई.

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आंटी – कौन है?

मैं – आंटी मैं हूँ.

आंटी – अरे अंदर आ जाओ, डोर बेल बजाने की क्या ज़रूरत है.

मैं – मुझे लगा शायद आप कूछ काम कर रही होंगी.

आंटी – अरे नही, मैं तो फ्री थी.

मैं – हान आंटी, कुछ काम था.

आंटी – हान कुछ काम था तेरे से, (आंटी मुझे कमरे मे ले गयी और अलमारी खोलकर, पॉर्न डीविडीज निकाल कर मेरे हाथ मे पकड़ा दिया)

आंटी – ये देखो, आज कल विक्रम ये सब मॉवीज देखने लग गया है, अभी उसकी उमर ही क्या है.

डीविडीज के कवर पर हॉर्नी पिक्स लगे हुए थे, मुझे तो समझ ही नही आ रा था क्या बोलू.

आंटी – ये डीविडीज क्या तुम विक्रम को देते हो?

मैं – नही आंटी, मैं तो इन्न सब चीज़ो के बारे मे जानता ही नही हूँ.

आंटी ने सॉरी बोला और रोने लगी.

आंटी – विक्रम हाथ से निकल गया है, सिगरेट भी पीने लगा है, अब तुम ही समझा सकते हो उसे, और मेरे कंधे पर सिर रखकर रोने लगी.

मैने इसी बहाने आंटी को चुप करते करते उनकी गॅंड पर हाथ रख दिया, आंटी ने कुछ नही कहा, मेरा कॉन्फिडेन्स सातवे आसमान पर पहुच गया, अब मैं हल्का हल्का हाथ फेरने लगा, आंटी ने अभी भी कुछ नही कहा, और उन्होने रोना बंद कर दिया, अब मैने उनकी गॅंड को दबा दिया.

आंटी – ये क्या कर रहे हो तुम, ये सब ग़लत है.

मैं – आंटी आई लव यू, ये कहकर मैं आंटी से लिपट गया, आंटी भी मुझसे लिपट गई आटलास्ट.

बस अब क्या मैने आंटी की गॅंड तेज़्ज़ तेज़्ज़ से दबाना स्टार्ट कर दिया, आंटी एक्ससिटेड होती जा रही थी, शी वाज़ मोनिंग लाइक आई नेवेर हर्ड, और तभी मैने आंटी को स्मूच दिया, क्या स्मूच था , 10 मीं कंटिन्युवस स्मूच देने के बाद मैने आंटी की मॅक्सी खोल दी , आंटी ने सिर्फ़ ब्रा पहना हुआ था और पैंटी नही थी, मैने ब्रा का हुक जैसे ही खोला, उनके बूब्स मेरे जीब से टकरा गये, फिर क्या, 5 मीं तक मैं चूस्ते ही रा.

आंटी – सुधांशु मेरी जान लेगा क्या, आराम से कर, मैं तेरी ही हूँ, कहीं नही जा रही.

बट मुझसे रा नही जा रा था, बूब्स चूसने के बाद मैं जैसे ही चूत की तरफ बढ़ने गया, तो आंटी ने मुझे रोका और कहा, सारे मज़े क्या यू ही लेगा, और मुझे बिस्तरर पर गिरा दिया, और मेरी पैंट एंड शॉर्ट्स को उतार कर मेरे 6.5” का लंड अपने हाथ मे ले लिया.
आंटी – कभी इससे किसी का शिकार किया है?

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मैं – नही, पर आज शेरनी का शिकार ज़रूर करूँगा.

आंटी ज़ोर ज़ोर से हसने लगी और लंड पर टूट पड़ी, कुछ भी कहो एक्सपीरियेन्स वालो की बात ही कुछ और होती है, क्या चूस रही थी मेरे लंड को.

मैं तो पागल हुए जा रा था, 10 मीं चूसने के बाद मैने अपना सारा माल आंटी के मूह मे ही छोड़ड़ दिया और वो सब पी भी गई.

अब मैने उनकी चूत को निशाना बनाया जो की पूरी गीली हो चुकी थी, 5 से 10 मीं चूसने के बाद वो दोबारा झड़ गई बट मैने उनका पानी नही पिया, उनकी चूत इतनी चिकनी मानो ** साल की लड़की की हो.

अब उनसे रहा नही जा रा था, शी वाज़ लिटरली क्राइयिंग एंड अर्जिंग मी की मैं उनके चूत मे लंड डाल दू, मैने भी ज़्यादा लेट नही करा, और खड़े लंड से एक ज़ोर दार धक्का मारा.

आंटी चिल्ला पड़ी, आँखो से आसू आ गये , बोहोत दीनो बाद छेद मे रॉड डाला है, मैने ना आव देखा ना ताव और एक और झटका मारा, शी वाज़ नाउ क्राइयिंग लाइक अ मॅड और कह रही थी की बाहर निकाल इसे, मैं मर जौन्गि, मैने आंटी को एक ज़ोरदार स्मूच दी और थोड़े टाइम के बाद स्पीड बढ़ाना स्टार्ट कर दिया, शी वाज़ नाउ एंजोइंग एंड कमर उठाकर मुझे सपोर्ट कर रही थी.

आंटी – आओउूउ अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह, सुधांशु और ज़ोर से और ज़ोर से.

मैं भी स्पीड बढ़ाते गया, और लगातार 15 मीं बाद आंटी की चूत मे ही सब माल डाल दिया.

कहानी पढ़ने के बाद अपने विचार नीचे कॉमेंट सेक्षन मे ज़रूर लिखे, ताकि देसीकाहानी पर कहानियों का ये दौर आपके लिए यूँ ही चलता रहे.

फिर थोड़े टाइम बाद आंटी मेरे उप्पर आ गई एंड देर शी वाज़, अ पोलीस वुमन, इतनी बुरी तरह से अब आंटी मेरे पर जम्प कर रही थी मानो हाइ जंप का कॉंपिटेशन हो, शी मेड मी क्रेज़ी. हिन्दी सेक्स स्टोरी

वी फक्ड 2 टाइम्स मोर ऑन द सेम डे और अब मैं रेग्युलर बेसिस पर आंटी को चोदता हूँ कभी होटेल मे कभी लाउंज मे,


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