Nancy Ka Sexy Cheetkaar

बहुत से लोगों ने मुझे मेल भेजे, खैर ज़्यादातर तो सेक्स के भूखे लोगों के थे, कोई कुछ बकवास कर रहा था, कोई कुछ!
ये लोग मानसिक रोगी होते हैं, जो खुद कुछ नहीं कर सकते, मगर ये चाहते हैं कि लड़कियां खुद आकर उनके ऊपर गिरें कि मेरी ले लो … मेरी ले लो!

ऐसा कभी होता है क्या?
खुद पर विश्वास रखो और लड़की पर ट्राई करो, एक नहीं तो दूसरी पट जाएगी, और फिर उसके साथ जम कर मज़े करो और उसे भी मज़ा कराओ!

चलो छोड़ो इस बहस को, मैं आपको अपनी कहानी सुनाती हूँ।

मेरी एक सहेली है धरा (परिवर्तित नाम) वो इस वक़्त ऑस्ट्रेलिया में रहती है, शादीशुदा है, बालबच्चेदार है, मेरी तरह।
साल दो साल में जब भी वो भारत आती है तो मुझसे मिलकर ज़रूर जाती है, हर बार मुझे ऑस्ट्रेलिया आने का न्योता देती है।

मेरे दिल में भी बहुत इच्छा थी, मगर जाऊँ कैसे, बच्चा भी छोटा है, अभी 2 साल का है, पति की भी मुश्किल है, काम से छुट्टी नहीं मिलती।
मगर दिल में यह ख़्वाहिश ज़रूर थी कि एक बार तो विदेश घूम कर देखा जाए।
और मेरी किस्मत में भी था।

वैसे ही एक बार पति के साथ बैठी बैठी बात कर रही थी, तो ऑस्ट्रेलिया जाने की बात चल पड़ी।
पति बोले- अगर जाना चाहती हो, तो जा आओ, मैं गाँव से माँ को बुला लेता हूँ, छोटी बहन भी आ जाएगी, तुम थोड़े दिनों के लिए ही सही मगर घूम आओ।

मुझे तो ऐसी बिल्कुल भी उम्मीद ही नहीं थी कि मेरे पति मुझे अकेली भेजने के लिए कह देंगे, मैं बेशक इस बात पर हैरान थी मगर वो बड़े विश्वास से बोल रहे थे।

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अगले दिन मैंने धरा से बात की, तो उसने कुछ ही दिनों में मुझे स्पोंसरशिप भेज दी, हमने भी अपने कागज पत्र लगा कर वीज़ा के लिए अप्लाई कर दिया।
और मेरा वीज़ा भी लग कर आ गया।

एक बार तो मुझे खुद विश्वास नहीं हुआ, और डर सा भी लगा, कि मैं तो कभी अपने मायके भी इनके बिना नहीं गई, तो विदेश कैसे जाऊँगी।
इन्होंने मुझे बहुत हौंसला दिया और ‘इंगलिश विंगलिश’ फिल्म भी दिखाई, कि देखो श्रीदेवी भी तो अकेली चली गई अमेरिका, इसी तरह
तुम भी चली जाओ।

खैर मैंने भी ठान ली और करीब 15 दिनो बाद मैं हवाई अड्डे पर खड़ी थी।
पहली बार जहाज़ में बैठी, मन में बहुत खुशी, कौतुहूल, डर और ना जाने कैसे कैसे विचार मन में आ रहे थे।

रात की फ्लाइट थी, मेरी तो भूख प्यास सब उड़ गई।
मगर जब जहाज़ उड़ गया तो मैं थोड़ी संयत हुई।

चलो ही ऑस्ट्रेलिया भी पहुँच गई, मुझे लेने धरा उसका पति और उसके बच्चे भी आए थे, सबसे बड़ी गर्मजोशी से मिली, गाड़ी में बैठ कर घर पहुंचे।

उसके बाद दो तीन दिन घूम घूमे, एक से एक बढ़िया खाया पिया पहना।

एक दिन धरा बोली- परसों हम लोग बीच पर जाएंगे, वहीं होटल में रहेंगे रात को!

समुद्र तट पर बिकनी में
हम बीच पर गए, मैंने भी वहाँ बिकनी पहन कर देखी, पहले पहले तो मुझे बड़ी शर्म आई, धरा के पति के सामने यूं आधी नंगी होकर आने में, मगर यहाँ तो सब बिकनी में थे, थोड़ी देर में मैं भी नॉर्मल हो गई।

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