आंटी के सोने के बाद उनके जिस्म के मज़े लिए

अब मे सुबह उठा लाते कुछ देर मे मॉनिका आंटी नीचे किचन मे आई और काम करने लगी. बाजू के घर से उषा आंटी जो मेरे दोस्त सागर की मों थी वो मॉनिका आंटी से बाते कर रही थी. कामचलौ इंग्लीश मे.

वाहा किचन मे वो कुछ लेने आई नींबू. नज़र उतरने के लिए उससे नींबू चाहिए था. उषा आंटी को लग रहा था सागर पढ़ाई स्टडी ठीक से नही कर रहा. उसपे नज़र है. और फिर वो बाते करने लगे.

बातो मे ये सुना की मॉनिका आंटी डरपोक सी है थोड़ी. वो बोल र्ही थी की यहा थोड़े दूर आयेज कुछ नंगे साधु दिखे जिनको देख कर वो दर्र गयी. कभी कभी वो आते जाते देखते है उनको तो उसको दर्र लगता है. वो अभी भी.

फिर स्टडी की बात चली तो मॉनिका आंटी ने बोला की वो खुद अपने बाकचो को पढ़ती थी. उससे मालूम है बाकचो को कैसे पढ़ते है. इश्स पे उषा आंटी बोली की उनके लड़के सागर को भी वो पधाड़े इंग्लीश.

मॉनिका आंटी मान गयी. और उषा आंटी ने बोला अगर कोई काम करने के लिए सागर को वो बोला सकती है. मॉनिका आंटी ने स्माइल देकर शुवर बोला. और कुछ देर बाद उषा आंटी वाहा से चली गयी.

अब जब मॉनिका आंटी किचन मे काम कर रही थी मे थोड़ी दूर से उनको देख रहा था. और उनकी बॅक और मोटी छोड़ी गांद देख कर सोच रहा था क्या मोटी तगड़ी लंबी छोड़ी गोरी औरत है. इसका तो जूस बॉडी का टाँगो झांगो का सारा अपने होंटो से कूस कूस कर खेंचुँगा.

बिचारी अंजान मॉनिका आंटी मुझे देख कर स्माइल दे रही थी. और मेरे मॅन मे कल रात वाला सीन चल रहा था और उनकी मोटी टांगे और भीम जैसी झांगे बार बार सोच मे आ रही थी.

अब मैं उससी दिन से पूरे टाइम उनकी वो टाँगो और झांगो वाला सीन सोचता रहता और सोचता की कैसे भी करके मुझे उनकी टांगे झांगे गांद की होंटो से चूस चूस के पीना है और चूमना है रग़ाद र्गद के.

उससी रात को मुझे पेरेंट्स का फोन आ गया आने के लिए न्यू घर मे. घर 3 गली छोड़ कर ही था तो दूर था नही. तो मे चला गया अपने न्यू घर फिर से. लेकिन दिमाग़ मे चलते हुए भी मॉनिका आंटी की मोटी टांगे झागने आँखो के आयेज आ रही थी.

अब मे घर मे भी चुप छाप बेता रहता और यही सीन सोचता रहता. और दिमाग़ लगता रहता कैसे करके मज़े लू मॉनिका आंटी की बॉडी के. कुछ दिन निकल गए मे फिर से पुराने घर अपने दादा दादी के आ गया.

दादी को भूखार हो गया था तो उनको ड्र को दिखाया क्लिनिक पे पापा ने. और घर आकर काफ़ी दवाई रख दी. अब वो दादा जी को समझा रहे थे और दादी को भी कोंसि दवाई कैसे लेनी है और किस काम की है. और वही मे बेता चुप छाप सुन रहा था और हाथ लगा कर दवाइयो को देख रहा था.

तभी पापा ने हाथ से एक मेड ली मेरे से और कहा की ये नींद की गोली है बहुत हाइ हेवी डोस है. इससे आपको बहुत गहरी नींद या बेहोसी भी हो सकती है. इससे लेने के बाद इधर उधर मत चलना. सो जाना. भौत ही गहरी नशे की है.

ये सुनते है मेरे दिमाग़ मे मॉनिका आंटी का चलने लगा और मैने पूछा. क्या इश्स मेड को लेने से बेहोश हो जाते है. पापा ने कहा हा. ये नींद की मेड है दादी के लिए. इससे इनको बहुत गहरी नींद आ जाएगी. आराम से 6 – 7 घंटे गहरी नींद रहेगी ड्र बोला है. ये सुन कर मेरी आँखो ने यूयेसेस मेड को गोर से फोकस कर लिया किस लेबल मे है क्या नाम की है सब गोर से देख लिया.

अब मेरे दिमाग़ मे आइडिया चलने लगा. मैने मोका देख कर श्याम पड़ी वो गोली कुछ गिनती मे चुरा ली. अब मैने प्लान सोचा की कैसे भी करके ये मे मॉनिका आंटी को डेडू और एक बार जब वो बेहोसिमे चली जाए तो पागलो की तरह अपने होंटो से उनकी टांगे झांगे गांद को ज़ोर ज़ोर से रगदूँगा और चुसूंगा कूस कूस कर.

प्लान बनाया अकेली मॉनिका आंटी के मज़े ले सकूँगा. अब मैने सोचा की कोल्ड ड्रिंक मे मॉनिका आंटी को गोली देने के बाद मे कुछ दरवात करूँगा बाल्कनी मे उनकी गहरी नशे से नींद मे जाने के फिर जाकर मॉनिका आंटी के तबीयत से मज़े लूँगा. अब यूयेसेस रात मैने कोल्ड ड्रिंक मे गोली मिलाई और उपर ले गया मॉनिका आंटी के पास देने के लिए.

लेकिन वो पीटी उससे पहले उनका फोन बजा और बाते करने लगी और कोल्ड ड्रिंक की ग्लास जो पीने लगी. ये देख मेरा मूड मे मज़े हो गये और प्लान भी सुसेस्सफुल दिखने लगा. जिसमे 2 गोलियो का पाउडर करके मिलाया था.

अब मेरे सरीर मे कंकंपी चालू हो गयी. प्लान कामयाब होता देख. और हार्टबीट भी अंदर तेज़ थी. अब मैने प्लान के अनुसार. मेने मॉनिका आंटी से पूछा – आंटी आप कब सोएंगे?

उन्होने बोला बस फ्रेश होकर आधी घंटा मे. मैने कहा ठीक है. बिचारी भोली मॉनिका आंटी को संज़ह हे नही थी की मैने किस लिए पूछा और उन्होने जो कोल्ड ड्रिंक पी है जिससे उनके साथ आयेज क्या होगा.

अब मई जानबूझ कर कुछ टाइम उपर ही बर्बाद करने लगा बातो मे फिर बाद मे जब मॉनिका आंटी फ्रेश होकर सोने आई तब मे नीचे आ गया. अब मे रूम मे प्लायस्तत्िओं खेल रहए था और. टीवी को मूट करके खेल रहा थे.

1 घंटे से कुछ टाइम और उपर हो गया था. अब मेरे दिमाग़ मे था की आंटी अब तक तो सो गयी होगी और उन पे गोलिया एफ्फेककत भी सुरू हो गया होगा. तो मैने रूम से बाहर आकर दादा दादी को देखा. दादा दादी सो रहे थे. अब मे उपर गया और छत से की वॉल खुद कर बाल्कनी मे गया और चुपके से देखा.

मॉनिका आंटी सो रही थी. मॅन मे दर्र था की काल्को उठ गयी तो सोते हुए. तो रूम मे हल्के कदमो से गया और वाहा दो ग्लासस रखी थी वो उठाई और बाल्कनी मे आ गया. दुबारा से. सोचा ग्लास को रूम मे फेकुंगा तो आवाज़ से उठती है या नही.

तो ग्लास अंदर रूम मे फेकि हल्के से. मॉनिका आंटी नही उठी हल्के कराते छल्लू थे. अब मैने दूसरी ग्लास थोड़ी ज़ोर से अंदर फेकि तब भी वो घोड़े बेच के पड़ी रही बेड पे.

फिर मई अंदर गया थोड़ी हिम्मत करके. सोचा की पिंच करता हू तोड़ा बॉडी को और फिर दौड़ के बाल्कनी मे आ जौंगा या स्टोर मे चुप जौमन्गा. पिंच किया और दौड़ के धीरे से स्टोर रूम मे चुप जता देखता की मूव्मेंट करती है या नही लेकिन मेरे 3 – 4 पिंच के बाद भी वो मॉनिका आंटी वैसे हे पोज़ मे हल्के कराते लेती रही.

अब मेरी हिम्मत और कॉन्फिडेन्स बढ़ गया. कुयुंकी नींद की गोलिया का एफेक्ट तो था ही पेर उन्होने उसके साथ मीठा पिया था कोल्ड ड्रिंक जिससे मीठे से एफेक्ट ज़्यादा हो गया.

मई धीरे से मॉनिका आंटी की टाँगो के पास जाके घुटनो के बाल बेत गया. मॉनिका आंटी की बॅक थी. अब मैने धीरे धीरे उनकी निघट्य को उपर करना सुरू किया और घुटनो तक कर ही दिया.

अब मेरी हालत टाइट हो गयी थी और मे धीरे धीरे अपने मूह को उनकी पीछे वाली एक टाँग पे ले जाने लगा जो ज़्यादा बेड कॉर्नर के नज़दीक थी. और फिर फाइनली मैने होंटो से उनकी टाँग की मोटी पिंडली को छुआ और नाक भी होन्ट के साथ चिपका दिया उनकी पिंडली पे और 1-2 मिनिट तक मे बिना हीले और मूह हिलाए ख़ुसी का अनुभव कर रहा था पहली बार.

मेरा कॉन्फिडेन्स बढ़ गया था और मेरी बॉडी ख़ुसी से काँप रही थी और हार्टबीट तेज़ थी और दाँत कद कद से कर रहे थे. इतनी एक्षसितमेंट और ख़ुसी अंदर थी की जो मे सपने देख ता था वो अब असली मे उनके साथ कर रहा हू.

फिर मैने धीरे धीरे उनकी पूरी पिंडली पे होंटो से हूँना सुरू किया और नाक से रगड़ना. मोटी मोटी भीम जैसे भारी मांसल तगड़ी बड़ी छोड़ी पिंडली को चूमने मे जो मज़ा आ रहा था वो सबसे उपर था.

बिचारे प्रतीक जो नीचे ग़मे खेल रहा था को आइडिया ही नही था की उपर उसकी मों के मज़े ले रहा हू मे टांगे चूम चूम के. अब कुछ देर पिंडली के मज़े लेने के बाद मैने निघट्य ध्यान से उपर करता गया धीरे से. और देखते देखते मैने उनकी निघट्य उनकी अंडरवेर तक उँची पहुँचा दी.

उनकी भीम जैसे जबरदस्त मांसल मोटी बड़ी बड़ी झांगे देख कर तो पसीने निकल गए और बहुत ही ज़्यादा हवस जाग गयी. और मैने उनकी मोटी भीम जैसे झांगो पे चूमना सुरू क्लिया. क्या बतौ क्या मज़ा आ रहा था.

फिर इश्स वक़्त ये शुवर हो गया था की वो लागबभग उनकोंसीऔस है नींद मे. इसलिए उन्ही कुछ पता नही चलेगा. और मैने झांगो पे रग़ाद कर होंटो से और नाक से चूमना और चूसना सुरू किया.

बिचारी भोली मॉनिका आंटी अंजान सभी चीज़ो से. मुझसे मेरे होंटो और नाक से अपने टाँगो और झांगो और गांद के बट्स को चुस्वा रही थी. चुँवा रही थी. और मई उनकी पूरी टाँगो पेर से झांगो और अंगउते से लेकर उनके गांद तक प्यार की मोहर लगता गया कूस कूस के.

अब मैने धीरे से उनको तोड़ा सीधा किया और उनकी एक टाँग को विंडो के रेकक पे रखा और दूसरी टाँग को घुटनो से मोड़ दिया. क्यूकी कभी कभी मॉनिका आंटी सारी या लेग्गिंस या सलवार मे घुटने मोड़ कर बेत ती थी. तो मेरी नज़र जो उनकी पिंदलियो की मोटी शेप को गोर से इमॅजिन करती और घुटनो मुड़ने पेर उनकी पिंडली और भी ज़यादा मोटी हो जाती थी और फेल जाती थी ज़्यादा. जो मूज़े अक्चा लगता था.

तो मई अब उनकी एक टाँग को घुटनो से मोड़ कर बहुत क्लोज़ मूह ले जाके गोर से देखना लगा कुछ देर. क्या जबरदस्त भीम जैसे मोटी लग रही थी और बड़ी. और फिर मे पिंडली को रग़ाद कर चूसना और चूमना सुरू कर दिया जो घुटने से मूडी हुई थी.

अब मे दूरी टाँग जो विंडो रेकक पेर तोड़ा उठा के रखा था मूह विंडो रेकक पे ले जाके चूमा और चूसना शुरू किया उनकी टाँग की पिंडली को और हाट फेरता रहा.

फिर मैने अपने मूह को यूयेसेस टाँग की झांगे के नीचे डाल लिया जो विंडो रेकक पेर थी. इसलिए मॉनिका आंटी की झांग बेड से 8 – 10 इंच उपर उठी हुई थी. मूह उनकी झांग के नीचे डाल लिया.

क्या झांग थी इतनी जबरदस्त मोटी छोड़ी बड़ी भीम के की मेरे 3 – 4 मूह ईज़िली नीचे घुस जाए डूब जाए. इतनी बड़ी मोटी भीम के मांसल झांग मूह के उपर थी बहुत मज़ा आ रहा था और मेरा मूह नीच दबा हुआ.

मई मूह को पूरी तरह से उपर नीचे करने लगा और होंटो से और नाक से रगड़ने लगा उनकी झांग को नीचे दबे हुए मूह से.

और चूमते रगड़ते मे मूह से और बोलने लगा – आंटी आप मेरी हो. इतनी मोटी मोटी टांगे झांगे है आपकी. अब तो आपको जाने नही दूँगा. मई आपकी झांगो टॅंगो को चूम चूम कर सब ठीक कर दूँगा.

यूयेसेस रात बहुत बार कभी उनकी झांगे तो कभी गांद की चूमिया लेते हुए अपनी लुली से पानी निकाला अंडरवेर मे ही 4 – 5 बार निकल गया और अंडरवेर गीली होती गयी.

मुझे साँझ नही आ रहा था की पेसाब निकालने मे इतना मज़ा क्यू आ रहा है. पर मैने यूयेसेस रात पहली बार मॉनिका आंटी के मज़े लेते हुए 4 – 5 बार अपनी अंडरवेर मे ही लूल्यू से पानी या स्पर्म जो भी था उसका मिक्स्चर छोड़ डाला.

अब 3 – 4 घंटे हो चुके थे. सुबह क 5 से बाज रहे थे. मई अब मॉनिका आंटी को उन्हे फोरहेआद पे किस करके और फिर लिप्स को कस कर किस करके बोला – कल फिर ओँगा, रानी बन कर त्यार रहना मेरे लिए. आपका तो टाँगो झांगो गांद और बॉडी का जूस रोज़ पीने आना पड़ेगा अब टू.

और फिर उनकी निघट्य सही करके वाहा से चला गया और नीचे आ गया.

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