सौतेली माँ और नानी की चुदाई

हुम दोनो बिसतर पर आगये, मेरा लंड अभि सिकुदा हुवा था इसलिये माँ ने लंड को लेकर मुहा मे चूसना सुरु किया और मैं भि 69 कि पोसितिओन मैं उनकि चूत चतने लगा। येहा करिया करिब 10 मिनुतेस करते रहे और मेरा लंड तन कर विशलकय होगया, अब मैं े माँ कि गान के नीचे अपने तकिया लगया और उनकि दोनो तनगो को मेरे कनधे पर रख कर लंड पेलने लगा सुपरा जते हि बोलि है रे दैया कितना मोता है रे तेरा लंड । खुब मज़ा आयेगा और फिर मैं माँ को जोर जोर से चोद रहा था वो भि जयदा बुदि ना होने के करन मेरा खुब सथ दे रहि थि। पुरे कमरे मैं पाच पाच कि अवज़ आरहि थि। हुम करिब 1 घनते कै कै सतयलोन मैं चोदते रहे और लसत मैं मैं े माँ कि गानद भि मरि माँ को कफ़ि मज़ा आया।

अब रोज मैं दोपहर को नानी को चोदता था (कयोन कि उमर होने के करन कभि कभि सथ नहिन देपति थि और माँ तो रात मैं मदया रत्रि तक चोदथा था। कयोनि माँ बानज़ थि इसलिये उनहे कोइ दर नहि था और हुम लोग खूब चोदते थे।

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