प्यार में डाल कर रांड़ बनाने की स्टोरी

हेलो फ्रेंड्स, उमीद है की सब ठीक होंगे. चलिए ज़्यादा टाइम ना लेते हुए मैं अपनी स्टोरी पे आता हू. ये स्टोरी नही बल्कि ये हक़ीक़त है जो मेरे साथ हुई है. ये कहानी का दूसरा पार्ट है. तो प्लीज़ पहला पार्ट ज़रूर पढ़ना, क्यूंकी आपको पूरी हक़ीक़त मालूम पद जाएगी. तो हक़ीक़त इस तरह से है.

वेट-वेट, पहले इंट्रो तो डेडू मेरा और मेरी हेरोयिन का. मैं फरहान कर्नाटका से हू. मैं 30 आगे का आवरेज लड़का हू. कोई भी मुझसे सीक्रेट रीलेशन रखना चाहते हो तो प्लीज़ मुझे मैल ज़रूर करे. डॉन’त वरी सब सीक्रेट रहेगा. मेरी मैल ई’द है 69फर्रू69@गमाल.कॉम.

तो मेरी हेरोयिन का नाम सैईस्ता है और उसका कमाल का फिगर 34-28-32 है, और उसकी आगे 27 की है. मैं बेसिकली हुबली से हू. तो लास्ट स्टोरी थी यहा तक.

सैईस्ता: प्लीज़ सिर, और नही. ये सब नही. किसी के साथ ऐसा करू ये मुझे पसंद नही. ये ज़्यादा हो रहा है.

मे: क्यूँ मैं तूमे पसंद नही हू क्या? और इतना सब होने के बाद तुम अब रोकॉगी तो मैं कैसे रुकुंगा. फिर भी तुम नही चाहती मुझे तो ठीक है. मैं आयेज कुछ नही करूँगा.

ये कह के मैं सीट पे से उठ जाता हू. तो वो मेरा हाथ पकड़ कर कहती है की-

सैईस्ता: मैं तो आपको पसंद करती हू सिर. लेकिन मुझे अभी ये सब नही करना है. मेरी फीलिंग्स को समझिए सिर. मैं अब ये सब के लिए रेडी नही हू.

मे: ओक, तो जब तुम रेडी होगी तो तब ही हम करेंगे. उससे पहले तुम्हे टच भी नही करूँगा.

सैईस्ता: अर्रे नही सिर. आप मुझे टच क्या किस भी कर सकते हो. लेकिन उससे आयेज अभी कुछ नही. ई लोवे योउ.

मे: ई लोवे योउ टू.

हम दोनो आचे से लीप-लॉक में एक-दूसरे में खो जाते है, और थोड़ी देर के बाद नींद लग जाती है. सुबा जब नींद खुलती है, तो हम बंगलोरे पहुँच जाते है, और दोनो की आँखों में एक अलग सी खुशी होती है. वो खुशी इस बात की थी, की जब हम ट्रॅवेल पे निकले तो एक-दूसरे के जूनियर सीनियर थे, और अब हम एक कपल हो गये थे.

हमने जाके 2 रूम लिए क्यूंकी पहले से ही रूम बुक्ड थे हमारी कंपनी की तरफ से. फिर हम रूम में चेक-इन करके फ्रेश होके बाहर क्लाइंट्स को मिलने चले गये. बीच-बीच में हम ऑटो में चिपक के बैठ-ते थे, और साथ में जब चलते थे तो एक-दूसरे का हाथ पकड़ के चलते थे.

तो इससे हमारे में विश्वास, प्यार, और रोमॅन्स भी बढ़ गया. साथ में हमने खाना भी खाया, और एक-दूसरे को खिलाया भी. तो इससे सैईस्ता और ज़्यादा मेरे करीब आई और प्यार करने लगी.

1स्ट्रीट दे का काम ख़तम करके हम फिर वापस अपने होटेल गये, और खुशी इस बात की थी, की अगले दिन कोई क्लाइंट मिलने वाला नही था. क्यूंकी वो कही बाहर गया हुआ था. इससे हमे रेस्ट भी मिला, और साथ में टाइम बिताने का मौका भी.

मे: सैईस्ता तुम फ्रेश हो जाओ, और ठीक 7:00 को नीचे रिसेप्षन में मिलो. कही माल चलते है.

सैईस्ता: ओक जी ( वो मुझे प्यार से अब जी बुलाने लगी थी, जो ज़्यादातर अपने हज़्बेंड को कहते है).

ठीक 7:10 को हम एक माल पहुँचे जो होटेल के करीब था. वाहा पे हमने बहुत मौज-मस्ती की, साथ में डिन्नर किया. कुछ रोमॅंटिक पल भी बिताए, जैसे की मैं भागता वो मुझे पकड़ने आती, और हम एक-दूसरे के गले मिलते. ऐसे ही करीब 10:30 तक हम साथ घूमे और रूम में गुड नाइट कहते हुए चले गये. थोड़ी देर के बाद सैईस्ता का मेसेज आया.

सैईस्ता: सोए क्या जी?

मे: नही, नींद नही आ रही है.

सैईस्ता: तो क्या कर रहे?

मे: बस ऐसे ही, आज का बिताया हुआ टाइम तुम्हारे साथ, वो याद कर रहा था.

सैईस्ता: सो स्वीट जी. मैं भी वही याद कर रही थी.

मे: तो मैं आ जौ तुम्हारे रूम में. थोड़ी बात करते है. फिर मैं आके सो जौंगा.

सैईस्ता: मैने कब माना किया है जी. आ जाओ, सब आप ही का है.

मैं समझ गया की आग दोनो जगह लगी थी. बस दो जिस्म एक होने का टाइम आ गया था. जैसे-तैसे करके मैं रूम में गया. वो अपने बेड पे एक त-शर्ट और पंत पहन के लेती थी. हल्की सी एसी चालू थी, और नाइट लाइट में वो और ज़्यादा खूबसूरत लग रही थी. ऐसे ही नॉर्मल बातें स्टार्ट हो गयी.

फिर मैने उसे छेड़ा और टीवी का रिमोट उसके हाथो से लेते हुए उसे टच करने लगा. वो देने से माना कर रही थी, तो मैं ज़बरदस्ती लेने उसके पीछे पड़ा और एक-दूं से हम करीब आ गये. पता नही कब हम किस करने लगे. नॉर्मल किस कब जाके पॅशनेट हो गयी, पता ही नही चला, और अब हमारी टंग एक-दूसरे को टच हो रही थी.

कभी मैं उसका लोवर लीप सक करता, और वो मेरा अप्पर लीप. अचानक से किस्सिंग में काई दफ़ा उसके बूब्स मुझसे टच हो रहे थे. तो मैने वक़्त की नज़ाकत को समझते हुए उससे पूछा-

मे: सैईस्ता क्या मैं बूब्स पकड़ सकता हू?

तो उसने कोई जवाब नही दिया बल्कि और ज़ोर से किस्सिंग करने लगी. श ई लोवे तट. इसको मैने पॉज़िटिव्ली लेते हुए उसके बूब्स को पकड़ के दबा दिया, और उसकी सिसक निकल गयी.

सैईस्ता: आहह जी तोड़ा स्लो दब्ाओ, दर्द हो रहा है.

फिर मैने उसे बेड पे लिटाया, और उसके गले को किस करने लगा. किस भी कर रहा था, और बूब्स भी दबा रहा था. वो आहें भरने लगी. उसकी सिसकियाँ तेज़ हो गयी, और मैं उसकी त-शर्ट को तोड़ा उपर करके स्टमक पे किस करने लगा, और उसकी नेवेल पे टंग डालने लगा.

उपर जाते हुए मैने त-शर्ट के उपर से ही उसके बूब्स पे किस किए, और एक निपल पे काट लिया. तो उसने ज़ोर से आअहह की आवाज़ की. अब उसकी त-शर्ट मैं निकालने की कोशिश कर रहा था. तो अचानक उसने उपर उठ के अपनी त-शर्ट निकाल दी. वाउ क्या सीन था. रेड ब्रा में 2 वाइट बूब्स.

मुझसे रहा नही गया और मैने फिरसे उसके लिप्स पे किस करना शुरू कर दिया, और एक हाथ से बूब्स दबाना. वो आहें भर रही थी, और पुर रूम में आअहह उहह की आवाज़ गूँज रही थी. किस करते-करते उसके कान में मैने कहा-

मे: क्या ब्रा उतार सकते हू?

सैईस्ता: पूछो मत. जो करना है करो जी. मैं हमेशा के लिए अब आपकी हो गयी हू.

मैं समझ गया की अब ये चूड़ने वाली थी. फिर मैने किस करते हुए उसकी ब्रा को अनहुक किया और उसकी ब्रा को निकाल फेंका. वो शरम के मारे अपने दोनो हाथ से बूब्स च्छूपा रही थी, तो मैने उसके हाथ को किस करते हुए हाथ हटाया और उसके पर्फेक्ट वाइट बूब्स देख के होश खो बैठा.

वाउ, क्या बूब्स थे उसके. और वाइट बूब्स के उपर ब्लॅक छ्होटे निपल ग़ज़ब लग रहे थे. फिर मैने उसे किस करते हुए उसके सॉफ्ट बूब्स को दबाना शुरू मिया, और थोड़ी देर बाद नीचे जाके उसके रिघ्त बूब को अपने मूह में लेके स्लोली सक करने लगा. इससे वो काँपने लगी.

मैं उसे संभालते हुए अब तोड़ा ज़ोर से बूब सक कर रहा था. साथ में लेफ्ट बूब दबा रहा था. उम्मह आहह, अब नेक्स्ट उसके लेफ्ट बूब को लेके चूसने लगा, और नीचे एक हाथ से उसकी पंत के उपर से छूट को टच करने लगा. पता चला की उसकी छूट पूरी गीली होके पंत भी गीली हो गयी थी.

ये स्टोरी जब मैं लिख रहा हू तो मेरा 6.5 इंच का लंड पूरा खड़ा है उसकी याद में. आयेज क्या हुआ नेक्स्ट पार्ट में. आपके रिप्लाइ की वेट करूँगा.

यह कहानी भी पड़े  बस में मिली आंटी के मज़ा देने की कहानी


error: Content is protected !!