ऑफीस में ड्राइवर के मस्त लंड से चूड़ने की कथा

ही फ्रेंड्स, मैं कोमल हू. मैं पुणे के बरमति एरिया से बिलॉंग करती हू. मेरी उमर 24 साल है, और मेरी एक छ्होटा सा ट्रांसपोर्ट का बिज़्नेस है. मैने 5 गाड़ियाँ ली हुई है, और 3 ड्राइवर मेरे पास काम करते है.

मेरी हाइट 5’6″ है, और रंग मेरा गोरा है. साइज़ मेरा 34द-29-35द है. ओवरॉल देखो, तो मैं काफ़ी सेक्सी लगती हू. ये कहानी पिछले साल की है. तो चलिए अब बिना टाइम वेस्ट किए सीधे कहानी पर चलते है.

स्टडीस पूरी करने के बाद मैने 6 महीने एक मंक में जॉब करी. 6 महीने की जॉब में मैं समझ गयी थी, की जॉब पर कितना भी काम कर लो, कितनी भी मेहनत कर लो, उसका कोई फ़ायदा नही है. क्यूंकी प्राइवेट जॉब्स में आपको कुत्तों की तरह काम करना पड़ता है, और आपकी ग्रोत बहुत स्लो होती है.

फिर मैने अपना बिज़्नेस करने का फैंसला लिया, और ये सोच कर मैने पापा से बात की. 6 महीने जॉब करके जो पैसे मैने कमाए थे, और थोड़े पैसे पापा से ले लिए, और बाकी बॅंक से लोन लेके मैने एक ट्रांसपोर्ट का छ्होटा सा बिज़्नेस शुरू किया.

मैने 2 गाड़ियाँ डाल ली थी, और 2 ड्राइवर्स भी रख लिए थे. एक ही महीने में मेरा काम चलने लग गया था, और मेरे पास काफ़ी कस्टमर्स आने लगे थे. मैं बहुत खुश थी, की मेरा काम चल गया था. अब मैं रोज़ ऑफीस से आने में लाते होने लगी.

एक दिन रात को 12 बाज गये थे क्लाइंट की वेट करते-करते. जब मैने टाइम देखा, तो घर पे फोन कर दिया की आज मैं ऑफीस में ही रहूंगी. फिर 1 बजे फोन आया की क्लाइंट नही आ पाएगा. मुझे बहुत गुस्सा आया.

फिर मैं सोफा पर लेट गयी, और सोने की कोशिश करने लगी. लेकिन मुझे नींद नही आ रही थी. मैं काफ़ी हॉर्नी फील कर रही थी, तो मैने मोबाइल पर पॉर्न वीडियो लगा ली. वीडियो देख कर मैं गरम हो गयी, और मेरा हाथ अपने आप ही मेरी छूट पर चला गया.

मैने जीन्स और शर्ट पहनी हुई थी, और मैं ज़िप के उपर से अपनी छूट दबा रही थी. ये सब करते हुए मैं भूल गयी थी की दुकान का गाते तो बंद था, लेकिन वो अंदर से लॉक नही था. ऐसे ही करते-करते मेरी स्पीड तेज़ हो गयी, और आँखें बंद हो गयी.

मुझे पता ही नही चला की कब मेरा ड्राइवर दुकान के अंदर आके मेरे सामने खड़ा हो गया. 10 मिनिट मैं आँखें बंद करके अपनी छूट सहलाती रही, और आ आ करती रही. जब मेरी छूट ने पानी छ्चोढा, तब जाके मेरी आँखें खुली.

जैसे ही आँखें खुली सामने अपने ड्राइवर हॅरी को देख कर मैं हैरान हो गयी. मैं जल्दी से सीधी होके बैठी, और अपनी शर्ट ठीक की. वो मेरी तरफ घूर-घूर कर देख रहा था.

इससे पहले मैं कुछ बोलती, उसने अपनी पंत की ज़िप खोली, और अपना लंड बाहर निकाल लिया. फिर वो मेरे पास आया, और अपना लंड मेरे मूह के आयेज कर दिया. मेरी नज़र उसके लंड पर ही थी.

उसका लंड तकरीबन 7 इंच लंबा, और 2.5 इंच मोटा होगा. मैं तो पहले से ही गरम थी, और उपर से उसका लंड देख कर मैं बहक गयी. मैने सोचा की उसने अब देख तो लिया ही है मुझे, तो कुछ कर भी लूँगी उसके साथ तो कोई फराक नही पड़ेगा.

ये सोच कर मैने उसके लंड को अपने हाथ में लिया, और सहलाने लग गयी. फिर मैने अपनी जीभ उसके लंड पर लगा कर उसको छाता, और उसको अपने मूह में डाल लिया. अब मैं उसके लंड को चूस रही थी, और उसमे मुझे बहुत मज़ा आ रहा था.

उसने भी अपने हाथ शर्ट के उपर से मेरे बूब्स पर रखे, और उनको दबाने लगा. इससे मैं और गरम हो गयी. वो मेरे बूब्स दबा रहा था, और कमर हिला-हिला कर मेरे मूह में धक्के दे रहा था.

फिर उसने अपना लंड मेरे मूह से बाहर निकाल कर मुझे खड़ा कर लिया. उसके बाद वो मेरी शर्ट के बटन खोलने लगा, और उसको उतार दिया. अब मैं उसके सामने ब्रा और जीन्स में थी. फिर उसने मुझे अपनी बाहों में भरा, और मेरी क्लीवेज, शोल्डर, और कंधो को चूमने लगा.

उसके बाद उसने मुझे लीप-लॉक करा, और मेरी गांद को दबाने लग गया. मैं पूरी तरह से चूड़ने के लिए तैयार हो चुकी थी. फिर उसने मुझे घुमाया, और मेरी पीठ पर किस करने लगा, और उसको चाटने लगा.

उसने मेरी ब्रा का हुक खोला, और ब्रा नीचे गिर गयी. फिर पीछे से उसने मेरे बूब्स पकड़े, और उनको दबाते हुए वो मेरे साथ चिपक गया. अब उसका लंड मुझे मेरी गांद पर फील हो रहा था.

वो मेरे बूब्स दबाए जा रहा था, और कंधों पर चूमे जेया रहा था. फिर वो अपने हाथ मेरी कमर से होते हुए मेरी जीन्स के बटन पर लेके आया. उसने बटन खोला, और मेरी जीन्स नीचे उतार दी.

अब मैं उसके सामने सिर्फ़ पनटी में थी. उसने अपने कपड़े उतार दिए, और नंगा होके सोफा पर बैठ गया. मैं उसके सामने खड़ी थी. उसने मेरा हाथ पकड़ कर मुझे अपनी तरफ खींचा, और मेरी छूट पर पनटी के उपर से किस करने लगा. इससे मेरी आहें तेज़ हो गयी.

उसके बाद उसने मेरी पनटी उतरी और मेरी छूट चाटने लगा. मैं उसके सिर को अपनी छूट में दबा रही थी. मेरी छूट से ताप-ताप पानी तपाक रहा था. फिर वो पीछे होके बैठ गया, और उसने मुझे उसके लंड पर बैठने का इशारा किया.

मैं अपनी टांगे खोल कर उसकी गोद में बैठी, और उसके लंड को छूट पे सेट करके उसके उपर बैठने लगी. हम दोनो की आ निकली, और उसका मोटा लंड मेरी गरम चूत में रग़ाद खाता हुआ समा गया. फिर वो मेरे बूब्स चूसने लगा, और मैं धीरे-धीरे उपर नीचे होने लगी.

फिर उसने मेरे छूतदों पर हाथ रखा, और मुझे उपर-नीचे होने में सपोर्ट करने लगा. अब मैं तेज़ी से उसके लंड के उपर उछाल रही थी. उसका लंड मेरी नाभि तक जेया रहा था. वो भी नीचे से ज़ोर के धक्के मार रहा था.

ऐसे ही 20 मिनिट तक हम मज़े से चुदाई करते रहे. फिर हम दोनो के पानी निकल गया. इसके आयेज क्या हुआ, वो आपको अगले पार्ट में पता चलेगा. कहानी का मज़ा आया हो, तो लीके और कॉमेंट ज़रूर करना दोस्तों.

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