मी रियल फॅंटेसी (ऑफीस सेक्स)

ही, मई संजय बहोट साल के बाद अपनी कहानी लिख रहा हू गलतो हुई तो माफ़ करना. आपको ज़्यादा बोर ना करके डाइरेक्ट्ली जंप करता हू कहानी पे. मुझे किसिको कुछ फीडबॅक देना हो तो, मी ईद – [email protected] पर मैल कर देना या हणगौट म्स्ग.

यह कहानी है कुछ आज से 2 साल पहले की जब मे नया नया कम पे लगा था. तब मुझे सेक्स के बारे मे बहोट उत्सुकता थी बुत हिलने के अलावा कभी किसिको छोड़ा नही था बहोट बार मौका मिला बुत कही कर नही पाया.

सो 2 साल पहले जब मे ऑफीस मे काम मे लगा वाहा एक खूबसूरत लड़की थी एकद्ूम गोरी चित्ति उसके होन्ट एकडम रसीले अगर बोसी की बात करू तो मे फेक लिखना नही चाहूँगा बुत उसका बूब्स 34 का था कमर 30 की थी और आस था कीच 36 का क्यू की मैने हमारी चुदाई के बाद उसके लिए लाइनाये करिक्दे बर्तडे गिफ्ट करी थी.

तो जब मैने उस लड़की नाम उसका संपदा था जैसे मैने कहा दिखने मे हॉट थी और हमारे ऑफीस मे जाड़ा करके लड़किया थी और गिन चुनके 4 लड़के थे क्यू की मे एक छोटी सी कंपनी मे काम करता था. तो जब उसको मैने पहली बार देखा मुझे उसको देखके ऐसा लगा बस यही होती है रियल विमन की बॉडी बस अब इससे बात कैसे चलौ रहता था.

एक दिन मुझे मौका मिला जब सीनियर ने मुझे जाके वो लड़की से कुछ ऑफीस के डॉक्युमेंट्स लाने भेजे. वो लड़की सीनियर थी आगे था उसका 28 आंड मेरा 26 उसका खुद का अलग कॅबिन था.

तो मई डोर नॉक करके अंदर गया. जैसे ही उसको देखा कुछ देर के लिए उसको निहारता रहा. बाद मे मेरा होश खुले तो मैने उससे अपना काम करके रिटर्न अपने जगह आ गया.

अब एसे ही कुछ काम निकल कर मे उससे ही हेलो करता था फिर नंबर एक्सचेंज हुए बुत बात नही होती थी.

एक दिन मैने मॅन बना लिया की आज उससे जाके बोल डू क्यू की अब मेरे से रहा नही जेया रहा था. तो वो अपने टाइट चूचे आंड गांद मटका के मुझे पागल करती थी. उसने मुझे बहोट बार देखा था उसको तड़ते हुए. तो मैने उसको म्स्ग करने का सोचा की ई लोवे योउ संपदा बुत बाड़मे मैने म्स्ग डेलीट कर दिया उसको सेंड नही किया.

सो दूसरे दिन हम फिर ऑफीस मे मिले यूयेसेस दिन बहोट सारे लोग ऑफीस नही आए थे. बिकॉज़ बारिश थी ट्रेन बंद थी और हमारा दोनो का घर ऑफीस से कुछ हार्ड्ली 30 मीं का था. सो वो मे और कुछ स्टाफ थे वाहा.

मई पूरा दिन उसके बारे मे सोचता रहा और जब ऑफीस से घर निकालने का टाइम आया. तब मे उसके कॅबिन मे गया. मुझे देखके वो थोड़ी चोंक गयी. उसने पूछा-

संपदा: क्या हुआ संजय?

मे: कुछ नही मैने सोचा आज बारिश बहोट है तो आपको पुचलू साथ मे छोड़ देता हू.

संपदा: नही संजय डॉन’त वरी मे चली जौंगी.

मे: ओक, बुत….

संपदा: क्या बुत…?

मे: कुछ नही.

संपदा: अरे बोलो तो क्या हुआ?

मे: कुछ नही कुछ बताना था बुत आप बुरा मॅन जाओगी.

संपदा:नही तुम बताओ तो सही.

मे: कुछ 2 मीं शांत रहकर बोला.

संपदा ई वॉंट तो किस योउ…

संपदा कुछ नही बोली. मे सडन्ली वाहा से भाग गया बाग उठाके डाइरेक्ट्ली घर.

फिर दूसरे दिन मे ऑफीस गया संपदा ऑफीस नही आई थी तो मे साद हो गया बुत मेरी फटी पड़ी थी की अगर उसने किसी को बताया होगा तो मेरी जॉब चली जाती.

कुछ देर बाद मैने अपने मोबाइल से उसको कॉल किया उसने तुरंत उठाया मे ज़िज़कार बोला कहा हो वो बोली घर पे आअज आई नही हा मेरी पीरियड्स आ गयी सो रेस्ट कर रही हू मैने बोला ओक टके रेस्ट सी उ.

2न्ड दे संपदा मेरे से पहले ऑफीस आई थी उसको देखके मे नज़रे हटा रहा था मुझे गिल्टी फील हो रहा था कुछ देर बाद मुझे बुआलावा आया की संपदा आपको कॅबिन मे बुला या है मे दर के मारे जेया नही रहा था मैने डोर नॉक किया.

संपदा: कम इन

मे: ही आपने बुलाया

संपदा : एस बैठो यहा

मे उसके सेम वाली चेर पे जाके बैठा

संपदा: संजय कल यूयेसेस दिन तुमने जो कहा

मे: सडन्ली उसको रोकते कहा सॉरी माँ

मुझे आंड नाउ अब उसने मुझे काटके खुद बोलने लगी

संपदा: क्या हुआ घबरा क्यू रहे हो तुमने तो अपने डिल की बात बताई इसमे क्या बुराई है मैने बुरन नही माना ना मुझे गुस्सा आया.

यह सुनते ही मेरे जान मे जान आई

मे उपर देख ही रहा था की संपदा अपने चेर से उठी और आअकए मेरे होंठ पे किस कर दिया मे तो पागल सा हो गया की हासू या रू. जैसे ही वो पीछे हुई उसने जाके सेबिन का डोर लॉक किया और फिर से मेरे पास मेरे थाइस पे आके बैठी और मुझे किस करने लगी मे भी उसका साथ देने लगा मेरे हाट उसके चूज़ और उसके आस पे घूम रहे थे.

वो हल्के से सिस्काई सस्सस्स…. मैने कहा क्या हुआ वो बोली कुछ नही जो कर रहे हो करो.

मे उसको दबाते गया वो मेरे बालो को नोचती रही और होंठ चुस्स रही थी जैसे कोई भूकी हो.

एसे कुछ 10 मीं चला फिर वो तोड़ा शांत हुई फिर में उसको स्माइल देके खुदके बाल सेट करके अपने सीट पे जाके बैठ गया.

अब यह रोज का सिलसिला था मे रोज जाके उसको किस करते उसके बाल और आस दबाता और एक दिन मैने उसके जीन्स मे हाट डाल दिया उसकी छूट हाईए…….. एकडम गरम जैसे पानी उबाल रहा हो और पूरी चिकनी स्टिकी हो गयी थी. उसने जैसे ही मेरा हाट मेहसून किया मुझे अपने बूब्स पे बड़ा दिया और बोली चूसो मे ज़ोर ज़ोर से एक हाट छूट के उपर दूसरे से बूब पकड़ के चूस रहा था.

उसने धीर से मेरे कान मे कहा बस अब नही हो रहा.

मे समझ गया उधर ही ओफ्फिके टेबल का सारा समान हटा के उसको उपर लिटा दिया मेरा यह फर्स्ट टाइम था. मैने उसका टॉप उतरा उसके बूब्स अपने ब्रा के अंदर से मुझे निहार रहे थे की बस अब खोली और सब नीचे गिर जाए.

मैने उसकी जीन्स उतरी बहोट दिक्कत से वो बहोट टाइट जीन्स डालती थी. अब वो मेरे सामने सिर्फ़ मरून ब्रा आंड मॅचिंग पनटी जो नेट वाली थी. मे उसको देखके पागल हो गया. मेरा पंत मे खड़ा हो गया था.

मई उसको चूमते हुए नीचे गया उसकी छूट के रस्स्स से उसकी पनटी पूरी गीली हो गयी थी. मैने जैसे ही पनटी खोलने गया अंदर पूरा ट्रॅन्स्परेंट ग्रूल दिख रहा था जैसे किसने अंदर हेल्ली डाल दिया हो.

जैसे ही पनटी उतरी उसकी मादक खुश्बू उसकी छूट तो जैसे उसनेवकष किया था और एक बाल नही था. उपर से वो गीला वो स्मेल मैने बिना देर करे उसपे अपनी जीभ लगाई और चाटने लगा. हाई क्या स्वाद आ रहा था…

मैने पहली बार छूट देखी और टेस्ट करी थी बुत मे पागल हो गया था. उसकी छूट को मे 20 मीं छाता रहा. फिर सडन्ली उसने मेरे बाल नोचे और मुझे छूट पे दबा दिया.

मई सोच रहा था क्या हो रहा है, बाद मे पता चला वो ज़द रही है. उसकी गीली छूट से क्रीमी पानी आ रहा था और मे चाट रहा था. मुझे नही पता लड़कीो का क्या सीन होता है तब. बुत उसने उसके बाद मेरेको अपने उपर खिछा मेरी पंत से मे लंड जो टन कर हिल रहा था उसको अपने हाथ मे लिया, उससे पानी आ रहा था.

उसमे मुझे इशारे से कहा उपर आओ.. मे जैसे ही उपर गया उसने मेरा लंड मूह मे ले लिया, मी गूद्द्दद्ड!! फक क्याअ फीलिंग थी ऐसा लग रहा था अब ही ज़ढ़ जाएगा.

तो उसने उसको 2 मीं तक चूसे के गीला किया और पानी टाँगे फैलाए टेबल पे लेटके मिशनरी पोज़िशन मे आ गयी और बोली बस अब डाल दे.

मैने बिना देर करे लंड अंदर डाल दिया, लंड बिना किसी दिक्कत के अंदर सरकता गया. वो सिस्काई तब मैने उसके मूह पे हाथ रख दिया. वो भूल गयी थी के हम ऑफीस मे थे.

मई धीरे धीरे उसको छोड़ रहा था. 20 मीं के प्लेषर के बाद मे उसके अंदर ज़ढ़ गया. जैसे लंड बाहर निकाला तो मे दर गया उसके कहा डरो मत मे पिल्स ले लूँगी..

उसने फिरसे मेरे लंड को मूह मे लेके चूसा और अपने कपड़े पहेने लगी. मैने भी कपड़े पहें लिए बुत जब वो अपना टॉप डाल रही थी मैने उसका ब्रा से बूब्स फिर से खीच लिया और चूसने लगा.

वो बोली आज ही सब मज़ा लेगा क्या रुक जा.

मैने कहा पहली बार मिला है छोड़ूँगा तो नही.

वो हासणे लगी और मे भी हासणे लगा और हम फिर अपने काम करने लगा.

अब 2 साल हो गये उसकी शादी हो गयी यह 2न्ड लॉक्कडोवन् के बाद बस अब सब सूखा है.

तो दोस्तो यह थी मेरी कहानी अच्छी लगी हो तो प्लीज़ बताना और अगर कुछ पूछना हो तो कॉंटॅक्ट मे ओं [email protected]

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