सिनिमा हॉल मे सग़ी बेहन को चोदा

मई मुंबई का रहने वाला हू और मेरी एक छोटी से फॅमिली है. जिस मे हम दो भाई बेहन और मों दाद रहते है. मेरी आगे 24 है और मेरी बेहन की अभी 18 साल की है.

मेरा नामे संतोष है और मेरी बेहन का नामे रेखा है. ये कहानी आज से 3 मंत पहले की है जब घर पर कोई भी नही था सेवे मेरे और मेरी बेहन के.

मेरी बेहन आज तक कोई मोविए सिनिमा हॉल मे नही देखी थी. सिर्फ़ कंप्यूटर पर या टीवी पर ही देखा था. आज उसका जानम दिन था और उसने मुझ से सिनिमा हॉल मे मूवी देखने की विश की. तो मैने कहा ठीक है दिखा दूँगा. लेकिन अभी तो कोई अची मोविए आई ही नही फिर कभी दिखा दूँगा.

लेकिन वो ज़्यादे ज़िद करने लगी और कहने लगी की अभी घर पर कोई नही है. और एक बार घर पर मों दाद आ गये. तो वो कभी सिनिमा हॉल मे मोविए देखने की परमिससिओं नही देंगे.

फिर मैने कूचा सोच कर कहा ठीक है तो कल चलते है. तो उसने कहा जनमदिन आज है और विश कल पूरी होगी, ये क्या बात हुई. मुझे तो आज ही देखनी है. तो मैने कहा बेहन आज शाम हो गयी है और यहा कोई सिनिमा हॉल मे कों सी मोविए लगी है ये मुझे नही पता.

बेहन ने कहा इस से कोई फ़र्क नही पड़ता की मोविए कोंसि है, मुझे तो सिर्फ़ सिनिमा हॉल देखना है. आख़िर कर मई ने मोविए के लिए टायर हो गया. और कहा की वो भी टायर हो जाए रात मे 8 पीयेम से मोविए स्टार्ट हो जाती है.

फिर हम दोनो बिके से सिनिमा हॉल पहुच गये. वाहा पर विंडो एकदम खाली था. तो मैने दो टिकेट ली. उसने हमे बालकनी की टिकेट दी जो की कोने की थे.

हम अंदर गये और आपनी आपनी सीट पर बैठ गये. बेहन पहली बार सिनिमा हॉल मे गये थी. इसलिए चारो तरफ घूम घूम कर देख रही थी और बहुत खुश थी.

बालकनी मे सिर्फ़ 7 लोग ही बैठे थे. वो भी हमसे बहुत दूर थे. शायद मोविए आची नही थी या फिर बहुत पुरानी मोविए होगी. इतने मे लाइट ऑफ हो गयी और मोविए शुरू हो गयी.

बेहन इतने बड़े पर्दे पर मोविए चलते देख बहुत खुश थी. उसकी ख़ुसी देख कर मई भी बहुत खुश था. मोविए का नामे हटे स्टोरी था. मई इस मोविए के बारे मे तोड़ा बहुत जनता था.

तो मैने आपनी बेहन से कहा की ये मोविए आची नही है, चलो घर चलते है. तो वो उदास हो गयी और कहने लगी आप को अची नही लगती तो कोई बात नही. आज मेरा जानम दिन है और ये मेरा गिफ्ट है. तो मोविए तो मई आज पूरी मोविए डेकुंगी.

अगर आपको मोविए नही देखनी तो आप बाहर जेया कर मोविए ख़तम होने का इंतेजर करो या कोई माल घूम आओ. तब तक मई ये मोविए देख लूँगी.

लेकिन मैने वही बैठने का फिसला किया. क्यू की वाहा कम लोग थे और मोविए भी कुछ सेक्सी थी. तो मुझे दर था कही वो लोग कुछ ग़लत ना करे अकेला देख कर. मई वही रुक गया.

कुछ देर मोविए चलने के बाद एक सेक्सी सीन आ गया. वो सीन देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया. और मेरी बेहन की भी हालत खराब हो गयी थी. वो मूह फेड एक ताक मोविए देख रही थी.

अब मई मोविए ना देख कर अपनी बेहन को ही देखे जा रहा था. क्यू की वो भी किसे हेरोइन से कम नही थी. उपर से उसने पिंक कौलर का टॉप और जीन्स पहन रखा था.

मई उसके बूब्स को घूर रहा था की अचानक मेरी बेहन ने मेरी तरफ देखा. और उसने मेरी नज़रो को पकड़ लिया. की मई उसके बूब्स देख रहा हू.

तो उसने स्माइल पास किया और मोविए देखने लगी. फिर कुछ देर बाद एक और सेक्सी सीन आ गया. ये कुछ ज़्यादा ही सेक्सी था. अब मैने अपनी बेहन के हाथ को पकड़ लिया और सहलाते हुए आपनी तरफ खिछा.

मेरी बेहन मुझे घूर्ने लगी तो मैने उसे प्लीज़ कह कर उसका हाथ अपने लंड पर रखा. तो वो आपना हाथ हटा ली और फुसफूसी भाई ये क्या कर रहे है. मई आपकी बाहें हू. आप ऐसा कैसे कर सकते है?

मैने कहा प्लीज़ बेहन मुझे कुछ पता नही. ये मोविए देख कर मेरी हालत बहुत खराब है. प्लीज़ मेरी हेल्प कर दो. तो उसने कहा हालत तो मेरी भी खराब है. लेकिन आप मेरे भाई है उपर से यहा लोग है.

तो मैने कहा वो तो बहुत दूर है, उन्हे कुछ नही पता चलेगा. लेकिन मेरी बेहन अभी भी नही मान रही थी. फिर एक और सेक्सी सीन पर्दे पर चालू हो गया.

फिर मैने अपनी बेहन के कंधे पर हाथ रख दिया. और ढेरे ढेरे हाथ उसके बूब्स की तरफ बढ़ने लगा. उसने मेरी तरफ फिर देखा और कहा प्लीज़ भाई छोड़ दो ना. ऐसा मत करो मुझे शरम आ रही है.

लेकिन मैने उसकी बात सुनते हुई भी उसके बूब्स को पकड़ लिए और सहलाने लगा. मेरी बेहन ने आपने दोनो हाथ मेरे हाथ पर रख दिया. और प्लीज़ भाई असीसा मत करो कहने लगी और मेरा हाथ हटाने लगी.

मैने उसके बूब्स को ज़ोर से मसल दिया और उसकी सिसकी निकल गयी आउच. फिर कुछ देर बूब्स मसालने के लिए बेहन मान गयी. लेकिन कहा की इससे ज़्यादा कुछ भी ना करू और मई मान गया.

लेकिन अबकी बार मेरी बेहन ने अपना हाथ रखा मेरे लंड पर जो की मेरे बरमूडा के उपर से ही पता चल रहा था. आपनी छोटी बेहन की इस हरकत को देख कर मैने भी आपनी बेहन के टॉप को निकल दिया.

बेहन एकदम से शर्मा कर मुझ से गले लग गयी और कहने लगी भाई ये क्या किया, मुझे नंगा कर दिया. किसे ने देख लिया तो क्या होगा? तो मैने उसे बताया की अभी मोविए ख़तम होने मे टाइम है. इसलिए कोई प्रॉब्लम नही है. और उसके बूब्स को चूसने लगा.

बेहन के मूह से आनंदित करने वाली मादक सिसकारिया निकालने लगी आ आ ऊऊओ आ… भाई प्लीज़ आचे से चूसो, मज़ा आ रहा है. इतने मे मेरी नज़र मोविए पर गयी. मोविए लगभग ख़तम होने वाली थी. मैने आपनी बेहन को त-शर्ट पहनाया और कहा चल अपने आप को ठीक कर ले, मोविए ख़तम होने वाली है.

फिर हम घर को निकल गये. रास्ते मे मैने अपनी बेहन के काई बार बूब्स दबाए. और घर पहुच गये. उसके बाद हुँने खाना भी ऑर्डर कर दिया.

थोड़ी देर मे खाना आ गया और हमने खाना खा लिया. फिर मैं बेहन से पूछा की मोविए कैसे थे? बेहन शरमाते हुए स्माइल की और कही भाई आप बड़े वैसे है. आज तो आप बहुत ग़लत काम किया. अपने तो मेरा पानी निकल दिया.

तो फिर मैने कहा क्या करू मेरी बेहन तुम इतनी हॉट हो. और मोविए भी इतनी हॉट थी की मई अपने को रोक नही पाया.

फिर मैने अपनी बेहन को बहो से पकड़ लिया और बेहन के गले लग कर उसके चूतादो पर हाथ लगाने लगा. रखी रूम की तरफ भागी. मई भी उसके पेचए पेचए भगा.

उसके गाते बंद करने से पहले मैने उसे रोक दिया और उसे कहा मेरी पायरी बेहन आज मेरा मूड खराब है. जब से सिनिमा हॉल से आया हू आज तो तुझे जनान्म दिन का एक और गिफ्ट दूँगा.

मेरी बेहन दरवाजे से डोर हो गयी और कहा – नही भाई सिनिमा हॉल मे जो हुआ सो हुआ, अब कुछ नही कर ना. और वैसे भी ये ग़लत है भाई बेहन के बीच.

मैने कहा – नही मेरी बेहन ग़लत तो तब होगा जब ये किसी को पता चलेगा. और इसके बारे मे हम मे से तो किसी को कुछ बताएगा नही.

बेहन कहने लगी – ग़लत तो ग़लत होता है.

तो मैने उसकी एक ना सुनी और उसे पकड़ कर कोने मे ले गया और उसे किस करने लगा. बेहन एयेए… छोड़ो ना क्या कर रहे हो. मैने उसके बूब्स पकड़ कर ज़ोर ज़ोर से मसालने लगा.

बेहन सिसक उठी और अपने होतप को बीते करने लगी. फिर मुझसे छुड़ाने की कोशिस करने लगी. लेकिन मैने उसे बेड पर खेच कर ले गया. और उसके उपर चाड कर उसके टॉप को निकालने लगा.

उसने टॉप पकड़ लिया तो मैने उसके लहगे को उपर कर दिया. और उसकी पेंटी को निकल दिया. ये देख कर मेरी बेहन शरम से लाल हो गयी और अपने पैर मोड़ ली.

वो कहने लगी – प्लीज़ भाई नही मत कर.

मई फिर से उसके उपर से ही उसके बूब्स दबाने लगा और उसका टॉप निकल दिया. अब मेरी बेहन उपर से नंगी थी और वो अपने को छुपाने की कोशिश कर रही थी. लेकिन मेरे आयेज उसकी एक ना चली.

मैने उसकी टॅंगो को फैला कर उसकी छूट को चाटना शुरू किया. वो सिसकिया लेने लगी, ऊऊ… भाई एयेए… नही… कितना मज़ा आ रहा था मेरी बेहन को उसके मेरे सेर को दबनसे ही पता चल रहा था.

फिर मैने अपना कपड़े खोल दिए और उसके उपर आ गया. उसने मेरे लंड को पकड़ लिया. और कहा ये तो बहुत बड़ा है भाई, मुझसे नही होगा.

तू चिंता ना कर, करूँगा तो मई… ये कहते हुए मैने उसकी छूट पे अपना लंड टीकाया और ज़ोर का धक्का लगाया. बेहन चीख पड़ी और रोने लगी. भाई ऊओह नूऊ… अब और अंदर मत करना.

लेकिन मैने उसकी आवाज़ को अनसुना किया और करीब 7 से 8 धक्के जल्दी जल्दी लगा दिए. मेरी बेहन की हालत बहुत ही खराब थी. उसकी छूट से खून निकल रहा था और वो रो रही थी.

मई उसे धीरे धीरे सहलाते हुए उसकी छूट मे झटके मार रहा था. थोड़ी देर मे उसका सारा दर्द ख़तम हो गया. अब वो भी मज़े लेने लगी. फिर मई उसकी छूट मे अपना पानी निकाला और उसके उपर ही लेट गया.

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