एक रात जवान मौसी के साथ की मजेदार चुदाई

मासी अपना मुँह मेरी तरफ करके लेट गई। मैंने मासी की लाल लाल होंठो को छूकर अपना होंठ मासी के होंठो पर रख दिया। मैं कुछ भी करता मासी कोई विरोध नहीं करती थी। मेरी हिम्मत बढ़ती ही जा रही थी। मासी के लाल लाल होंठो को पीना शुरू किया। मासी की होंठ का रस पीते पीते मैंने अपना हाथ मासी के समीज में पीछे नीचे से डाल दिया। मासी की समीज ऊपर उठ गई। मासी का चिकना गोरा पेट दिख रहा था। मासी की ढोंढ़ी बहुत ही अच्छी लग रही थी। मासी ने अपनी आँखे खोल दी। मुझे थोड़ा बहुत ही डर लग रहा था। मासी ने कहा- ये क्या कर रहे हो। मै चुपचाप उन्ही ब्रा का हुक पीछे से पकडे हाथ घुसेड़े रहा। मासी ने मुझसे न चुदवाने को कहा। लेकिन मेरे बहुत मनाने पर मासी मान गई। मैंने कहा हम लोग अपनी सेक्स किं प्यास बुझा रहे हैं कोई देख थोड़ी न रहा। मासी को अपने लंड को छूने वाली बात भी बताई। मासी को पता चल गया कि मैं ये सब देख रहा था। मैंने मासी की होंठ चूसना शुरू किया। इस बार मासी भी साथ दे रही थी। मुझे अब मासी के होंठ चूसने में बहुत मजा आ रहा था। मै मासी के होंठो को चूस चूस कर उनकी पीठ को सहला रहा था। मासी भी मुझे बड़ी कातिलाना नजरों से देख रही थी।

मासी और हम एक दुसरे के होंठो को बारी बारी से चूस चूस कर लाल कर दिया। मासी की होंठ गुलाब की पंखुड़ियों जैसे लाल लाल दिखने लगे। मै मासी की बूबा को दबाने लगा। मासिने भी मेरे लंड को सहला रही थी। मैंने अपना लंड मासी के करीब कर दिया। मासी मेरा लंड हाथ में ले के हिला हिला कर मजे ले रही थी। मासी को मैंने खड़ी होने को कहा। मासी खड़ी हो गयी। मैंने मासी के गले पर किस करते हुए मासी की समीज निकाल दी। मासी दीवाल से चिपकी खड़ी रही। मासी ब्रा में एकदम झक्कास लग रही थी। मैंने मासी के सलवार का नाड़ा खोला। नाड़ा खुलते ही सलवार नीचे गिर गया। मासी ने लाल रंग की ही ब्रा और पैंटी पहनी थी। मासी की सॉलिड बॉडी देखते ही मेरा लंड चोदने को बेकरार हो गया। मैंने भी अपना पैजामा निकाला और अपना बड़ा मोटा लंड मासी के सामने पेश किया। मासी मेरे बड़े मोटे लंड को देखकर चौक गई। अपने मुँह पर हाथ लगाकर बोली- बाप रे इतना बड़ा और मोटा लंड मैंने पहली बार देखा है। मुझे तो यकीन नहीं होता की तुम्हारा इतना बड़ा लंड है। मैंने मासी से लंड चूसने को कहा। मासी ने लंड चूसने स मना कर दिया। वो सिर्फ मेरे लंड को हाथों में लेकर खेल रही थी। मुठ मारते हुए मासी झुकी हुई थी। मैंने मासी की ब्रा को निकाल कर बिस्तर पर फेंक दिया। मासी ने जब अपना सर उठाया तो मैं उनकी चूंचियों को देखता ही रह गया। मासी की मैंने बिस्तर पर लिटाकर उनका दूध पीने लगा। मासी कक काले रंग का निप्पल बहुत ही आकर्षक लग रहा था। मैं मासी दोनों चूंचियों को जोर जोर से दबा दबा कर पी रहा था।

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मासी की साँसे गरम गरम बाहर निकल रही थी। जब भी मै मासी का निप्पल काटता मासी..अई.अई. अई..अई. .इसस्..स्स्स्..स्स्..स्स् करने लगती। मैंने मासी की चूत पर बार बार अपनी हाथ को फिर रहा था। मासी बहुत ही गर्म हो चुकी थी। मासी की पैंटी को मै चूंचियां पीते पीते ही निकाल रहा था। मासी भी अब मजे ले ले लेकर मेरे लंड को आगे पीछे कर रही थी। मैंने भी अपनी टी शर्ट उतारी। मासी की पैंटी निकाल कर उनकी टांगो को फैला दिया। मासी की चूत के दर्शन होते ही मेरा लंड लोहे के रॉड की तरह हो गया। मासी की चूत को मैं चाटने लगा। मासी सिमट सिमट कर मुझे अपने चूत से चिपका रही थी। मासी की चूत भी बहुत सॉफ्ट और गोरी थी। मासी के चूत का दाना सारी लड़कियों से कुछ बड़ा था। मै मासी की चूत अंदर तक जीभ को लंबी करके चाट रहा था। मासी की चूत ने थोड़ा सा पानी छोड़ा। मै उस पानी को चाट गया। मासी की चूत बहुत टाइट दिख रही थी। मासी ने अभी तक शायद कम से कम ही चुदवाया होगा। मासी की चूत को चाटकर मै मासी को तड़पा रहा था। मासी की चूत में जीभ डालते ही मासी सी.सी..सी.ई..ई करने लगती। मासी- और कितना चाटोगे मेरी चूत। बस भी करो। मैंने अपना लंड मासी की चूत पर रख कर ऊपर से नीचे की तरफ रगड़ने लगा। मासी अपना मुँह इधर उधर कर रही थी।

मैं उन्हें खूब तड़पा के चोदना चाहता था। मासी की मुँह से कुछ बोल ही नहीं पा रही थीं। मैंने मासी की छूट के छेद से अपना लंड लगाकर उनकी बुर में धकेल दिया। मासी की चूत बहुत टाइट थी। मेरे लंड को बाहर फेंक दिया। मैंने बार बार थूक लगाकर कोशिश की। आखिर कर मेरा लंड जबरदस्ती मासी की चूत में घुस गया। मासी जोर जोर स चिल्लाने लगी। मासी-“आआआअह्हह्हह.ईईईईईईई.. ..ओह्ह्ह्. .अई.अई.अई..अई..मम्मी…” करने लगी। मैंने मासी को धीऱे धीऱे चोदना शुरू किया।मासी की दर्द धीमा होने के इंतजार में मै मासी को धीऱे धीऱे चोद रहा था। मासी की चूत धुकुर धुकुर कर रही थी। मासी की चीख धीऱे धीऱे कम होने लगी। मैंने जोर से धक्का मार के मासी की चूत में अपना पूरा लंड घुसा दिया। मासी की आवाज निकलने से पहले ही मैंने मासी की होंठ पर होंठ रख के आवाज को दबा दिया। मासी की चुदाई अब पूरे लंड को अंदर बाहर डाल के कर रहा था। मासी को भी कुछ दर्द हो रहा था। लेकिन फिर भी उन्हें मजा आ रहा था। मासी की चूत को फाड़ दिया। मासी की चूत लाल लाल ही गई। मासी ने भी कमर उठा उठा के चुदवा रही थी। मासी अपनी चूत के ऊपर उँगलियों को रख कर मसल रही थी। मैं मासी की चूत में अपना लंड धका पेल पेल रहा था। मासी-“…अई..अई..अई..अई.इसस्स्स्स्स्स्स्स्…उहह्ह्ह्ह..ओह्ह्ह्हह्ह..” की आवाजो के साथ चुदवा रही थी। मासी को चोदने में बहुत मजा आ रहा था। यहाँ न कोई डर था।

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