घूमने के लिए आई टूरिस्ट की चुदाई

उसने अपनी चोली खोली और फिर अपने नीचे लपेटा हुआ कपड़ा खोल दिया. वो अब वो बिलकुल ही नंगी थी. मैंने आज पहली बार किसी औरत को नग्नावस्था में देखा था. पहली ने अब दूसरी के गुप्तांग और जननांग को मेरी ऊँगली से टच कराया. मुझे दोनों जगहें बहुत गुदगुदी और गीली गीली लगी. अब दूसरी ने पहली वाली की चोली और चड्डी खोल दी. अब दोनों ने मुझसे कहा ” अब तुम हमारे साथ आ जाओ. हम तुम्हें सक्स करना सिखा देते हैं.” उन दोनों के गोरे गोरे और ग्द्गुदे जिस्म देखकर मेरे मुंह में पानी आ गया. मैं उनसे लिपट गया. वो दोनों मुझे चूमने लगी और मैं भी उनकी तरह उन्हें चूमने लगा.

अब उन दोनों ने मुझे दोनों तरफ से अपने कब्जे में लेकर दबाना शुरू कर दिया. मुझे यह बहुत अच्छा लगा. अब उन दोनों ने मेरे गुप्तांग को अपने हाथोसे धीरे धीरे सहलाना और दबाना शुरू किया. मेरा लिंग इससे कड़क; लंबा और एकदम खडा हो गया. पहली वाली ने अपने पास से एक पैक निकाला और उसे खोलकर मेरे लिंग को, यह कहते हुए कि इसे कोंडोम कहते हैं, उसमे घुसकर पूरा ऊपर तक ढँक दिया. दूसरी अपनी टांगें फैलाकर सो गई. पहली ने मुझे उस पर झुकने को कहा. अब पहली ने मेरे गुप्तांग को पकड़ा और दूसरी के जननांग में धीरे से डाल दिया और मुझे जोर लगाने को कहा. मैंने थोडा जोर लगाया.

धीरे धीरे मेरा गुप्तांग अन्दर की तरफ बढ़ने लगा और मुझे एक गुदगुदा अहसास होने लगा. अब पहली भी लेट गई. मैंने उसके अन्दर भी अपना गुप्तांग डाला. मैं एबारी बारी से दोनों के अन्दर अपने गुप्तांग को कई बार डाला. एक बार जब मैंने पहली के अन्दर से निकलकर दुसिर के अन्दर डालने जा ही रहा था कि दोनों ने बैठकर मुझे रोक दिया. उन्होंने मेरे गुप्तांग पर से कोंडोम हटा दिया.अब दोनों ने मुझे एक साथ चूमना और मेरे गुप्तांग को हाथों से सहलाना शुरू किया. तभी मेरे लिंग में से एक सफ़ेद गाढा दूध निकलना शुरू हो गया. उन दोनों न उसे अपने हाथों में ले लिया और अपने अपने गुप्तांग के अस पास उसे लगा लिया और नीच एलेट कट मुझे अपने गुप्तांग को उनके गुप्तांग से रगड़ने को कहा.एकदम च्पिचिपे और गीले जगहों पर मुझे गुप्तांग रगड़ने में बहुत मजा आया. उन दोनों ने देर रात तक मुझे अपने साथ ही लिटाया और चूमा चाटी करती रही. सवेरा होने तक मैं सेक्स की हर बात बारीकी से जान गया था.

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अब हमारा कार्यक्रम जैसलमेर के आस पास रेट के टीलों को घूमने का था. हमारे टेंट्स भी थे जो टीलों पट बाँध दिए जाते और टूरिस्ट रातें वहीँ बिताते. इस ग्रुप के लिए कुल चार टेंट्स लगाये गए. पूरा दिन हमने टीलों पर पूरे ग्रुप को खूब घुमाया. शाम को राजस्थानी नाच गाना भी हुआ. रात हो गई. सभी ने खाना खा लिया. चांदनी रात थी. चाँद की जबरदस्त रौशनी थी. मैं रेत पर ही लेट गया. एक एक कर एनी अलोग भी सोने चले गए. तम्बुओं में लालटेन जल रही थी. अन्दर से दिखती परछाइयों से मुझे पता चल गया कि सभी आपस में सेक्स करने लग गए हैं.
तभी मैंने देखा कि दो जोड़े तो बाहर रेत पर ही काम कर रहे हैं. उन्होंने चद्दर बिछाई हुई है और आपस में लिपटे हुए हैं. मेरा भी मन अब मचल रहा था. कुछ देर के बाद मैं उठा और उस तम्बू की तरफ गया जिसमे बाकी के युवक और युवतीयां थी. मैं जैसे ही उस तम्बू के अन्दर पहुंचा मैंने देखा कि अन्दर तो जैसे नंगे लोगों का मेला लगा हुआ है. सभी नंगे थे. कोई किसी से चिपक रहा था तो कोई किसी से. मुझे यह देख बड़ा अजीब लगा. मैं उन सभी देखने लगा. सभी युवतीयां अच्छे हौसले वाली थी जब कि मर्द कमजोर.

करीब एक घंटे के अन्दर तीनों मर्द थक कर सो गए. पाँचों युवतीयां अभी भी भूखी थी. उन्होंने मुझे देखा. कुछ इशारा किया. मैंने हाँ कहा. मैंने उन्हें रेत पर आने को कहा. पाँचों मेरे साथ बाहर आ गई. वे पाँचों नंगी थी. मैंने भी अपने कपडे उतार लिए. उनमे से एक ने मुझे कोंडोम दे दिया. अब मैं था और वो पांच. मुझे अपनी ताकत पर पूरा विश्वास था. ठंडी रेत पाँचों को बहुत पसंद आई. वे पाँचों रेत पट नंगी लेट गई. मैं एक एक के पास गया. जिसके साथ भी मैं होता; हम दोनों एक दूजे को खूब चूमते और फिर मैं अपने गुप्तांग को उसके जननांग के भीतर तक घुसाकर उसे खुश कर देता. इसी तरह मैंने सभी पाँचों को दो दो बार पांच पांच मिनट तक खुश किया. वे पंचों इतनी खुश हो गई कि उन्होंने मुझे होंठों पट खूब चूमा. मेरा मुंह मीठा हो गया.

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जब हम यह सब कर रहे थे तो टेंट के अन्दर विबाहित जोड़ों में से एक महिला ने हमें देख लिया. सवेरे उस महिला ने मुझ एआन्ख मारते हुए कहा कि मैं बहुत ही ताकत वाला हूँ और वो मुझे आजमाना चाहती ई. अब मैं उनके जैसा हो गया था. उसके साथ एक पेड़ के पीछे आ गया. वो पेड़ छोटा था और उसकी डालीयाँ जमीन छु रही थी. मैं डालियों के नीचे उसे लेकर इस तारा से लेटा कि किसी को हम नजदीक से भी दिखाई ना दे. मैंने उस औरत को नंगा कर दिया. अब मैंने अपने लम्बे और गरम गुप्तांग को उसके जननांग में जोर से डाल दिया. उसके मुंह से सिसकी निकली. उस औरत को जबरदस्त मजा आया. मैंने उसे आधे घंटे तक गरम रखा. उसने मुझे वहीँ रुकने को कहा और खुद कपडे पहनकर तम्बू में चली गई.
मैंने देखा कि वो मुझे तम्बू में आने का इशारा कर रही है. मैं तम्बू में चला गया. मैंने देखा कि वो महिला मुझे फिर से बिस्तर पर आने के लिए कह रही है. मैंने आव देखा ना ताव और उस महिला पर टूट पडा. वो महिला भी गज़ब की मजबूत थी. मैं जितना जोर लगता वो उसे सह जाती और वापस मुझे गरमगरम चुम्बन से जवाब देती. इसी बीच वो पाँचों युवतीयां भी अन्दर आ चुकी थी.

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