Chachi ke badan ka Maza

मेरा नाम रोहन है, मेरी उम्र 22 साल है और आज मैं आपके सामने अपनी एक सच्ची कहानी अन्तर्वासना के माध्यम से कहने जा रहा हूं।
बात उन दिनों की है जब मैं पढ़ता था, उन दिनों मेरी गर्मियों की छुट्टियाँ चल रही थी। अब मेरा सेक्स करने के बहुत मन करने लगा था पर तब तक मुझे कोई मौका नहीं मिल पाया था।

बहुत दिनों से मेरी नजर मेरी चचेरी चाची पर थी लेकिन तब तक कभी मैंने उनसे अपनी भावनाएँ अभिव्यक्त नहीं की थी।

चाची के बदन पर नजर

एक दिन मेरे एक दोस्त ने मुझे ब्लू फिल्म मोबाइल में दिखाई।
फिर क्या था, उस दिन मेरा लंड उफान मार रहा था और मैंने ठान लिया की आज तो चाहे कुछ भी हो जाए चाची को चोदना ही है।
चाची की उम्र लगभग 28 साल है, उनके दो बच्चे हैं एक की उम्र 7 और दूसरे की 9 साल के आस पास है, रंग सांवला, उभार का आकार मध्यम और गांड आकर्षक है।

मैं शहर में पढ़ता था तो जब भी उनको कुछ सामान मंगवाना रहता मुझसे ही बोलती थी, मैं भी ख़ुशी ख़ुशी उनका सामान ला देता था।

चाचा थोड़े दुबले हैं देखने में भी उतने ख़ास नहीं हैं और आए दिन उनकी तबियत को कुछ न कुछ हुआ रहता है।

चाची को देख कर लगता है कि चाचा उनको अच्छी तरह खुश नहीं कर पाते और वो प्यासी रह जाती है।

जीजा साली का चक्कर

चाची का एक जीजा है जो हमेशा उनके यहाँ आता जाता रहता है, कभी कभी चाचा बाहर रहते हैं और वो पूरा दिन और रात चाची के साथ उनके कमरे में रहता है।

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यह बात मेरे मन में कई दिनों से खटक रही थी और मैं हिम्मत करके उस दिन चाची को बोलना चाहता था कि मुझे भी थोड़ा रस पान करा दें।
मैं इतनी हिम्मत इसलिए भी कर पाया क्यूंकि मुझे उनके और उनके जीजा के बीच का सम्बन्ध ठीक नहीं लग रहा था और लगता था कि उनके और उनके जीजे के बीच शारीरिक सम्बन्ध है।
तो अगर वो नहीं मानती तो उन्हें ब्लैकमेल करने का यह अच्छा तरीका था।

उस दिन करीब दोपहर के 2 बज रहे थे, उनके घर में उनके अलावा और कोई नहीं था, दोनों बच्चे उनकी मासी के घर गए हुए थे और चाचा खेत गए थे।

चाची को बता दिया

मैं इसी मौके का इंतज़ार कर रहा था, उनका और हमारा घर पास में ही है। मैं उनके घर गया, दरवाजा खटखटाया।

उन्होंने दरवाजा नहीं खोला।
वो सो रही थी शायद!

फिर जब मैंने 2-3 बार खटखटाया तो उन्होंने दरवाजा खोला, उन्होंने जैसे ही दरवाजा खोला, मैं अन्दर घुस गया और अन्दर से कुण्डी बंद करते हुए उनका हाथ पकड़ के उन्हें भी अन्दर खींचते हुए ले गया और दीवार से उनकी पिछवाड़े को टिकाते हुए उनसे सट कर खड़ा हो गया।

तब तक वो डर सी गई थी।

मेरी साँसें तेज हो गई थी, मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मैं क्या करूँ!
फिर धीरे से सांस लेते हुये मैंने अपने आप को थोड़ा शांत किया और उनसे कहा- आप मुझे बहुत अच्छी लगती हो, मैं आपको जब भी देखता हूं उत्तेजित हो जाता हूँ यहां तक कि आप जब भी अपने कपड़े बाहर सुखाती हो मैं आपकी ब्रा में मुठ मारे बिना नहीं रह पाता। मैंने आज तक कभी किसी के साथ सेक्स नहीं किया है पर आज मेरा लंड उफान मार रहा है और मैं आपको जी भर कर चोदना चाहता हूँ प्लीज ना मत करना।

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