बस में मिली आंटी के मज़ा देने की कहानी

हेलो दोस्तों, मेरा नाम रीना है, और मेरी उमर 22 है, और मैं आमेडबॅड से हू. अगर कोई आमेडबॅड से है, और अगर लेज़्बीयन सेक्स में इंट्रेस्टेड हो, तो मैल या फीडबॅक ज़रूर देना.

इस कहानी में आप पढ़ोगे की कैसे एक आंटी ने मुझे सिड्यूस किया, और मेरे साथ सेक्स किया, और सेक्स करने से पहले बस में मेरे साथ क्या-क्या किया. अगर लिखने में ग़लती हो जाए, तो माफ़ करना.

मेरे बारे में बतौ तो मेरा नामे रीना है, और मेरा फिगर 32-34-36 है. और मैं एक लेज़्बीयन हू. लड़कों की तरफ ज़्यादा ध्यान नही जाता मेरा. मुझे आंटीस ज़्यादा पसंद है, जो मुझे डॉमिनेट करे.

मैं हमेशा आंटीस को ताड़ती रहती हू. मुझे फीमेल के साथ सेक्स छत करना बहुत पसंद है. चलिए अब स्टोरी पर आते है. मैं कॉलेज में पढ़ती हू, और मेरा कॉलेज सिटी में है, जहा मुझे बस पकड़ कर जाना पड़ता है.

बस हमेशा भारी हुई रहती है. लेकिन एक दिन जब मैं कॉलेज के लिए निकली, और बस स्टॅंड पहुँची, तो वाहा रोज़ की तरह ज़्यादा ही पब्लिक थी. फिर जब में जैसे-तैसे करके बस में चढ़ि, तो वाहा बहुत भीड़ होने के कारण मैं बस में जगह नही ले पाई और खड़ी रही. मेरे घर से कॉलेज 1 अवर की दूरी पर है. और मेरे पीछे एक औरत जो 35-40 के बीच की थी, खड़ी थी.

एक लड़का भी था, जो लगभग 22-26 का होगा. फिर कुछ देर बाद मुझे मेरी गांद पर ऐसा लगा, की कोई हाथ लग गया हो. मुझे लगा की भीड़ के कारण लग गया होगा, पर ऐसा बहुत बार हुआ.

फिर मैने पीछे मूड के देखा, तो वो कोई लड़का नही बल्कि वो औरत थी. अगर वो लड़का करता तो तोड़ा अजीब लगता, लेकिन जब वो आंटी ने हाथ लगाया, तब मेरे शरीर में एक करेंट जैसा दौड़ने लगा.

आंटी के बारे में बतौ तो उनका फिगर 34-34-36 था, और वो बहुत हॉट लग रही थी. पूरी इंडियन विमन आंटी ने सारी पहन रखी थी ब्लॅक कलर की. और वो पूरी वाइट थी चेहरे से लेकर हाथ तक.

फिर जब मैने उन्हे देखा तो वो मुस्कुरा दी. मैने भी मुस्कुरा दिया. फिर आंटी ने उनका एक हाथ मेरे कमर पर रख दिया. कोई देखे ना इसलिए मैने मेरे बाग को सेफ्ली आयेज किया. और फिर आंटी ने फिरसे दूसरा हाथ मेरी आस पर रख दिया, और बीच की उंगली मेरे अशोल में घुसने की कोशिश करने लगी.

मैं सलवार कमीज़ पहनती हू, इसलिए वो उंगली अंदर डाल रही थी. आस में उंगली घुसने के कारण मुझे तोड़ा दर्द भी हो रहा था. पर मज़ा भी बहुत आ रहा था. मैं तोड़ा पीछे खिसकी ताकि और अंदर तक घुस सके. मैने एक हाथ से मेरा मूह बंद कर लिया था, ताकि मैं कोई आवाज़ ना कर साकु.

फिर आंटी मेरे पास आई और बोली: तुम लेज़्बीयन हो?

तो मैने हा में सर हिला दिया.

फिर दोबारा से आंटी ने पूछा-

आंटी: क्यूँ, मज़ा आ रहा है ना?

मैने धीरे से बोला: हा.

फिर आंटी ने कुछ नही देखा, और इस तरह मेरे निपल्स को पिंच कर दिया, जिससे मेरी हल्की सी आह निकल गयी. वो तो अछा हुआ की किसी ने सुना नही.

फिर आंटी धीरे से अपना एक हाथ मेरी छूट के पास ले गयी, जिससे मैं तोड़ा दर्र गयी, पर अंदर से मज़ा बहुत आ रहा था, और फिर आंटी ने कान में कहा-

आंटी: छूट में डालु?

मैने हा में मंडी हिला दी. फिर आंटी मेरी छूट को मसालने लगी, और मेरा पूरा शरीर काँप रहा था. मानो जैसे मैं जन्नत में पहुँच गयी थी. मैं अंदर ही अंदर बोल रही थी “और डालो, और ज़ोर से, पूरा डाल दो. फाड़ दो इस छूट को. कब से प्यासी है”.

फिर जब आंटी ने मेरी आस पर पिंच किया, मेरी तो जैसे जान ही निकल गयी. मैने पीछे देखा और उन्होने मुझे कहा-

आंटी: अभी तो शुरुआत है.

फिर आंटी हस्स दी. आंटी अपना एक हाथ मेरे बूब्स पर ले गयी, और धीरे से रख दिया, और मसालने लगी. भीड़ ज़्यादा होने के कारण मैं किसी को नज़र नही आ रही थी. और मैने बाग से अपने आप को कवर कर लिया था.

जब वो निपल्स पे रौंद-रौंद उंगली फिरा रही थी, तो क्या बतौ मुझे कितना मज़ा आ रहा था. फिर एक-दूं से आंटी ने मेरा बूब पिंच किया. मैने थोड़ी सिसकारी मारी ह.

फिर आंटी ने एक हाथ पीछे से मेरी सलवार में डाला, और मेरी पनटी तक पहुँचा दिया. अब वो मेरी गांद पे हाथ फेरने लगी, और मेरे कान में कहा-

आंटी: तेरी गांद मुझे पसंद आय, बहुत सॉफ्ट-सॉफ्ट है.

मैं मुस्कुरा दी. फिर हाथ बाहर निकाल दिया, और आयेज कमीज़ के अंदर मेरी कमर पर हाथ रख दिया, और मेरी छूट पर उंगली करने लगी. क्या बतौ मैं आपको कितना मज़ा आ रहा था. और फिर आंटी ने मेरी पीठ पर एक किस किया.

मुझे बहुत सेक्सी फील हो रहा था. मुझे भी आंटी को किस करना था, पर क्या करती, बस थी. अगर कोई सुनसान जगह होती तो टूट पड़ती आंटी पर मैं. फिर वो धीरे से मेरी छूट के हल्के-हल्के बाल पर हाथ फेरने लगी, और कभी बाल ज़ोर से पकड़ लेती जिससे मेरी आवाज़ निकल जाती अहह्ा की.

फिर आंटी ने अपना हाथ बाहर निकाल दिया, और स्मेल करने लगी, और मुझे भी स्मेल करवाया. तभी मेरा स्टॉप आ ही गया था. तो मैने आंटी का हाथ हटाया, और मैने उनको बोला-

मैं: कल इसी बस में मिलते है. आंटी ने मुझे हा कहा, और बोली: कल पनटी मत पहन कर आना.

मैने पूछा: क्यूँ?

तो उन्होने बताया: कल तुम्हे जन्नत की सैर करवानी है. और कल मैं तुम्हारी छूट में और आस में कुछ डालूंगी, और तुम भी मेरी आस में अपना हाथ डालगी.

अब अगले पार्ट में पढ़िए कैसे आंटी ने मेरे अंदर क्या-क्या डाला, और कैसे मेरा नंबर लिया, और मेरे साथ डॉमिनेंट आंड रफ सेक्स किया.

इस स्टोरी का फीडबॅक आप इस ईद पर दे सकते है, और कोई लेज़्बीयन है आमेडबॅड में से, और सेक्स छत करना चाहती हो, तो ये ईद पर मैल कर सकती है. दोस्तों अगली कहानी के लिए फीडबॅक ज़रूर देना. बाइ, गुड नाइट.

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