ट्रेन में मिले पति-पत्नी को चोदने की कहानी

अब स्टोरी पर आता हू. बात आज से एक मंत पहले की है. मुझे किसी काम के कारण मुंबई जाना पड़ा. एरप्लेन की टिकेट्स बहुत कॉस्ट्ली चल रही थी, तो मैने ट्रेन की 1स्ट्रीट क्लास एसी में टिकेट करवा ली.

शाम को 5 बजे मैं रेलवे स्टेशन आ गया. ट्रेन भी आ चुकी थी. मैं अपने कॅबिन में आ गया और बैठ गया. थोड़ी देर में ही ट्रेन चल पड़ी. मैं एक बुक निकाल कर पढ़ने लगा.

अब ट्रेन अंबाला स्टेशन पर आ कर रुकी. मैं अपनी सीट पर बैठा हुआ था. तभी कॅबिन के खुलने की आवाज़ आई. मैने देखा एक न्यू मॅरीड कपल अंदर आया.

अब मेरी नज़र उसकी वाइफ पर गयी. क्या सेक्सी बदन की मल्लिका लग रही थी. गातीले बदन में और भी सेक्सी लग रही थी. उसने गाउन पहना हुआ था. अब दोनो अंदर आ गये और सीट पर बैठ गये. मैने दोनो को ‘ही’ बोला. उन्होने भी ‘हेलो’ बोला.

फिर हम सब में नॉर्मल बात शुरू हो गयी. मैने उनके समान को रखने में भी हेल्प की. अब रात को 9:30 पर डिन्नर आ गया. हम सब ने डिन्नर किया. ओह सॉरी, उनका नाम बताना तो भूल ही गया. हज़्बेंड का नाम था राहुल और वाइफ का नाम था अलका.

अब मैं और राहुल बातरूम करने के लिए कॅबिन से बाहर आ गये. बातरूम के अंदर पहले मैं गया, और बातरूम करने लगा. तभी ट्रेन में एक झटका लगा, और बातरूम का डोर खुल गया.

राहुल डोर के पास ही खड़ा था, तो उसने मेरा लंड देख लिया. अब मैं बातरूम करके बाहर आ गया, और राहुल अंदर चला गया. मैं ट्रेन के मैं डोर के पास खड़ा हो गया. राहुल बाहर आया, और मुझे उसने सॉफ ही पूच लिया-

राहुल: भाई आपका लंड तो बहुत मस्त है. कैसे बनाया है इतना मस्त लंड?

तो मैं बोला: रोज़ आयिल मालिश करता हू.

राहुल बोला: भाई मेरा तो आपके लंड से आधा है. मेरी वाइफ को भी मेरे साथ मज़ा नही आता है.

मैं बोला: यार लंड के छ्होटे बड़े होने से कोई फराक नही पड़ता है. बस स्टॅमिना होना चाहिए औरत को सॅटिस्फाइ करने का.

अब हम बात करते-करते अपने कॅबिन में आ गये. फिर मैं अपनी सीट पर आ कर लेट गया. अलका उपर वाली बर्त पर पहले ही जेया चुकी थी, तो राहुल मेरे सामने वाली सीट पर लेट गया.

मुझे नींद आने लगी, तो मैं सो गया. काफ़ी दर बाद मुझे महसूस हुआ, की कोई मेरे लोवर के उपर से मेरा लंड सहला रहा था. मैं एक-दूं से उठ गया और लाइट ओं कर दी.

फिर देखा राहुल मेरे पास खड़ा हुआ था. वो मेरे लंड को सहला रहा था. राहुल ने मुझे चुप रहने का इशारा किया, और इस बार उसने मेरे लोवर को नीचे कर दिया. उसने अंडरवेर भी साथ में नीचे कर दिया, और मेरा लंड उसके सामने आ गया.

राहुल ने अब लंड के उपर किस किया. फिर मेरे लोवर और अंडरवेर को पूरा नीचे कर दिया. अब राहुल सीट के नीचे बैठ गया, और मेरा लंड अपने मूह में लेकर चूसने लगा. मुझे भी बहुत मज़ा आ रहा था. राहुल पूरा रंडी की तरह लंड चूस रहा था.

मैं भी राहुल के सर के उपर हाथ फेरने लगा. राहुल कभी पूरा लंड मूह में ले लेता तो कभी मेरी गोलियाँ चूसने लगता. हम दोनो फुल एंजाय कर रहे थे, पर उपर से अलका सब देख रही थी.

अब अलका एक-दूं से नीचे आ गयी. राहुल ने लंड को मूह से बाहर निकाल दिया, और मैं लंड को च्छुपाने लगा. अलका ने कुछ नही बोला और राहुल को पीछे करके खुद मेरे नीचे बैठ गयी.

फिर उसने लंड से मेरे हाथ हाता दिए, और लंड को अपने मूह में लेकर चूसने लग पड़ी. काफ़ी देर बाद मेरा पानी निकल गया, जो अलका पूरा पी गयी, और लंड को चाट कर सॉफ कर दिया. अब अलका राहुल के सामने ही अपना गाउन उतार दी.

अब अलका ब्रा पनटी में आ गयी. सच बोलू दोस्तों, अलका का जिस्म दूध के जैसा गोरा था. उसके बूब्स 34″ के थे, और ब्रा से बाहर निकल रहे थे, और गांद 36″ की थी. क्या मस्त सेक्सी लग रही थी वो.

अब अलका ने राहुल को बोला: मेरी ब्रा पनटी उतरो.

राहुल ने भी बिना टाइम वेस्ट किए ब्रा और पनटी उतार दी. अलका की छूट देख कर मुझसे रहा नही जेया रहा था. दिल कर रहा था अभी चाट लू उसकी छूट को. अब अलका ने मेरे सारे कपड़े उतार दिए, और मुझे लीप किस करने लगी. मैं भी उसका साथ देने लगा. अपना एक हाथ मैं उसकी गांद पर फेरने लगा.

राहुल हम दोनो को देख रहा था. फिर राहुल भी खुद नंगा हो गया, और नीचे बैठ कर अलका की छूट चाटने लग पड़ा. कभी वो अलका की छूट चाट-ता, तो कभी मेरा लंड मूह में ले कर चूसने लगता.

अब मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया था. मैने अलका को सीट पर लिटा दिया, और खुद अलका की टाँगो को फैला कर छूट के पास आ गया.

अब मैने अलका की छूट पर लंड सेट किया, और उसके लिप्स को अपने लिप्स पर लगा कर एक झटका दिया. लंड छूट को फड़ता हुआ अंदर चला गया. अलका तड़प उठी, और उसकी आँखों से आँसू निकालने लग गये. राहुल पास की सीट पर बैठ कर अपनी लुल्ली हिला रहा था.

अब मैं थोड़ी देर अलका के उपर ऐसे ही लेता रहा. अलका नॉर्मल हुई तो अपनी गांद उठा कर लंड लेने लगी. अब मैने भी छूट को छोड़ना शुरू कर दिया. मैं ज़ोर-ज़ोर से अलका की छूट छोड़ रहा था. अलका भी चुदाई में मेरा पूरा साथ दे रही थी.

राहुल भी हम दोनो की चुदाई देख कर लुल्ली हिल्ला रहा था. अलका की छूट एक बार पानी छ्चोढ़ दी थी. अब मेरा लंड और आराम से अलका की छूट में जेया रहा था, और मेरे धक्को की आवाज़ सॉफ सुनाई दे रही थी. 25 मिनिट के बाद मेरा पानी निकालने वाला था. तो मैने अलका को पूछा-

मैं: कहा निकालु?

तो अलका बोली: मेरी छूट में ही निकाल दो.

अब मैं पुर जोश से छूट छोड़ने लगा. 20-25 धक्को के बाद मैं और अलका एक साथ झाड़ गये. मेरा लंड अलका की छूट से बाहर आ गया. अब राहुल को मैं बोला-

मैं: चल अपनी बीवी का माल सॉफ कर मेरे लंड से.

तो राहुल मेरे लंड को मूह मैं लेकर चाटने लगा, और पूरा लंड सॉफ कर दिया. फिर वो अपनी बीवी अलका की छूट को भी चाट कर सॉफ कर दिया.

अब मैं और अलका एक साथ सीट पर सो गये. अलका मुझे किस किए जेया रही थी, और मेरे लंड को अपने हाथ में लेकर मसल रही थी.

राहुल सामने वाली सीट पर नंगा ही सोया हुआ था. मैं अलका के अब बूब्स अपने मूह मैं लेकर चूसने लगा. उसके बूब्स काफ़ी सख़्त थे. पर चूसने में बहुत मज़ा आ रहा था. मैने अलका को एक बार फिरसे छोड़ा. राहुल नींद में था, तो उसको कुछ पता नही चला. अलका ने भी चुदाई का पूरा मज़ा लिया.

अब सुबा होने वाली थी, तो राहुल ने कपड़े पहने और बातरूम को चला गया. अलका उठी, और कॅबिन का डोर अंदर से लॉक करके मेरे लंड को मूह में ले कर चूसने लगी.

फिर मेरा लंड खड़ा हो गया. मैने अब अलका को घोड़ी बना दिया, और लंड उसकी छूट में डाल कर अलका की चुदाई करने लगा. 10 मिनिट बाद अलका की छूट ने पानी छोढ़ दिया. पर मैं उसको लगातार छोड़ता रहा.

25 मिनिट बाद मैने अलका की छूट को अपने रस्स से भर दिया. अलका ने मेरा लंड चाट कर सॉफ कर दिया, और हम दोनो ने अपने कपड़े पहन लिए. राहुल अब बातरूम से आ गया. मैने कॅबिन का डोर खोला.

राहुल बोला: बहुत देर लगा दी डोर खोलने में.

तो मैं और अलका हासणे लग पड़े. राहुल समझ गया था, की हम दोनो चुदाई का मज़ा ले रहे थे.

अब अलका बातरूम चली गयी. राहुल मुझे देख रहा था तो मैने अपना लंड बाहर निकाला तो राहुल ने भी झट से लंड मूह में ले लिया.

वो ज़ोर-ज़ोर से मेरा लंड चूसने लगा, और मैने अपनी आँखें बंद कर ली. पता नही कब वो मेरे लंड के उपर बैठ गया, और मुझसे अपनी गांद छुड़वाने लगा.

मैं भी उसकी गांद में ज़ोर के धक्के देने लगा, और 10 मिनिट में अपना पानी उसकी गांद में ही निकाल दिया.

उसके बाद राहुल बोला: भाई हमारे साथ कुछ दिन एंजाय करो. हम गोआ जेया रहे है. आप भी हमारे साथ चलो.

तो मैं बोला: मुझे मुंबई में काम है. मैं गोआ नही जेया सकता.

तो राहुल बोला: भाई ठीक है, हम भी आपके साथ मुंबई में ही रहते है. आप काम भी कर लेना, और मेरी बीवी की चुदाई भी.

मैं उसकी बात सुन कर खुश हो गया. मैं फिर कॅबिन से बाहर आया, और फ्रेश हो कर फिरसे कॅबिन में चला गया. अब ब्रेकफास्ट आया, और हम सब ने ब्रेकफास्ट किया. अलका तो मेरे साथ ऐसे मिल गयी थी, जैसे वो राहुल की नही मेरी बीवी हो.

कैसी लगी हमारी स्टोरी. नेक्स्ट पार्ट मैं बतौँगा कैसे मैने अलका की गांद भी ट्रेन में मारी, और मुंबई में कैसे-कैसे उसको छोड़ा.

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