Tag «Gay Chudai»

नौकर ने मालिक को चुदक्कड़ रंडी बनाया

मेरा नाम अरबाब है. ये स्टोरी मेरी और मेरे एक नौकर की है. ये तब की बात है, जब मैं 18 साल का था. मैं तोड़ा मोटा सा था. मेरी टांगे और गांद बहुत मोटी थी. मेरी चेस्ट भी कुछ कम नही थी. मेरे मान बूब्स थोड़े लटके हुए थे. लंड तो मेरा काफ़ी छ्होटा …

दोस्त के भइया ने गांद मारी

सो महीनो बीट गये हम लोगों की बात नही हुई. फिर एक दिन मेरे दोस्त का कॉल आया की भाभी का एक्सटर्नल अफेर चल रहा है और भैया को बहुत परेशन कर रही है. तो बोला की मई भैया के पास आया हूँ तू भी आजा. मैने अपना ऑफीस का काम ख़तम किया और कॅब …

ट्रेन में मेरी पहली चुदाई

ही मेरा नाम अरबाब है और मेरी आगे 24 है. ये कहानी आज से 6-7 साल पुरानी है. मैं आपको बता डून की मैं एक दुबला पतला सा लड़का हूँ. मेरी गांद काफ़ी बड़ी है और मेरे बूब्स भी हैं थोड़े से. मेरा जिस्म बिल्कुल एक लड़की जैसा है, ना जिस्म पे बाल ना कुछ. …

सोनू का काला लंड-1

ही दोस्तो मेरा नाम पाराकश है. मई महारस्तर्क़ से हू, मेरी आगे 26 है, हाइट 5.6 है और दिखने मेी सावला हू. बुत मई जब भी कॉलेज मे था तब मुझे 3 लड़कियो के परोपोसे आए थे. मई पढ़ाई मे काफ़ी अच्छा था और मई हमेशा सफ्सुडारा रहता था. और मैने एक लड़की का परोपोसे …

बड़े मामा और मेरा किरायेदार-2

मामा – ये क्या तरीका है मेहमान नवाज़ी का?! चाचा – जी मैं कुछ समझा नही! मामा – टेबल पे रखे हुए ग्लास को उठा के बोले अकेले अकेले ही पी लेते हो मेहमानों को पूछते भी नही. चाचा – जी मैं जानता नही था की आप ड्रिंक करते हो. चाचा इतने मे उठे और …

बड़े मामा और मेरा किरायेदार-1

मेरा नाम शोयिब है 19 साल का हूँ, बचपन से ही मोटा सा हूँ, लाल गाल और गोल गांद है. मेरे आस पास के अंकल आते जाते गाल पकड़ते रहते हैं और चूतड़ पे हाथ फेरते रहते हैं. लेकिन मैं किसी से मूह नही लगता. देल्ही के जामिया मे रहता हूँ, घर मे मम्मी पापा …

सौतेले भाइयों को रंडी बनके सुख दिया-2

मेरी पिछली स्टोरी मई अपने पढ़ा कैसे मेरे सबसे बढ़े सौतेले भैया ने मेरी गांद मारी. आज मई उस कहानी को तोरा ओर आयेज बताता हूँ. तो अगर उपने मेरी पचली कहानी पढ़ी है तो उपको पता होगा कैसे मैने मेरे बारे सौतेले भैया मनोज से अप्नी गांद चुडवाई ओर कैसे मेरे ट्विन्स सौतेले भाइयों …

मेरा फर्स्ट गे सेक्स एक गे अंकल के साथ

दोस्तो यह मेरी पहली कहानी है जो मेरे साथ 2013 में घाटी थी. मेरी आगे 30 साल है, मई लुक्कणोव के पड़ोसी ज़िला से हू. यह कहानी तब की है जब मई मुंबई मे रहता था. डिसेंबर 2013 की सर्द रात थी, मई मुंबई से बंगलोरे एसी स्लीपर बस में सफ़र कर रहा था. मैं …


error: Content is protected !!