दो टीचर्स के दो दो मोटे लौड़े चूत मे लिए

हेल्लो दोस्तों, मैं Kamukta पूजा गुप्ता आप सभी का  में बहुत बहुत स्वागत करती हूँ। मैं पिछले कई सालों से नॉन वेज स्टोरी की नियमित पाठिका रहीं हूँ और ऐसी कोई रात नही जाती तब मैं इसकी रसीली चुदाई कहानियाँ नही पढ़ती हूँ। आज मैं आपको अपनी स्टोरी सूना रही हूँ। मैं उम्मीद करती हूँ कि यह कहानी सभी लोगों को जरुर पसंद आएगी।

मैं बरेली की रहने वाली हूँ। मैं बहुत गोरी और सुंदर हूँ। मेरे घर के आसपास के लकड़े मुझे माल, सामान, आईटम, टोटा और ना जाने क्या क्या बुलाते है। मैं अच्छी तरह से जानती हूँ की वो मुझे बहुत पसंद करते है और मेरे मस्त मस्त मम्मे वो पीना चाहते है और मेरी रसीली बुर वो चोदना चाहते है। जब मैं किसी सड़क से निकलती हूँ तो लड़के मुझे बार बार पलट कर देखते है और मन ही मन मुझसे प्यार करने लग जाते है। मेरी एक एक मुस्कान पर कितने लड़कों का क़त्ल हो जाता है और उनका दिल उछलकर बाहर आ जाता है। सब मुझसे बात करना चाहते है और बस मिलने का कोई बहाना ढूँढना चाहते है। सभी मुझे बस एक बार जी भर के चोदना और खाना चाहते है।

मैं आपको जो कहानी सुना रही हूँ वो कुछ हफ्ते पहले ही है। मैं कॉलेज में पढ़ रही थी और बी कॉम फाईनल इअर में थी। मैंने फाइनल में कॉर्पोरेट एकाउंटिंग और ऑडिटिंग के पेपर लिए हुए थे। जय सिंह सर मुझे कॉर्पोरेट एकाउंटिंग और माधव सर मुझे आडिटिंग पढ़ाते थे। दोनों ही सर अच्छा पढ़ाते थे। धीरे धीरे मेरी दोस्ती जय और माधव दोनों सरो से हो गयी और मैं दोनों से प्यार करने लगी। इतना ही नही मैं दोनों के घर पर जाकर शाम को ट्यूशन पढ़ती थी। जय और माधव दोनों सर ने मुझे चोद लिया था। एक दिन जब मैं माधव सर के घर पर थी, हम दोनों प्यार कर रहे थे। वो मेरे मोबाइल से मेरी कुछ फोटो खींचने लगे और इसी बीच उन्होंने मेरी जय सर के साथ में कई नंगी तस्वीरे देख ली। माधव सर मुझे बहुत प्यार करते थे, इसलिए उन्होंने मुझसे कुछ नही कहा। पर अगले दिन उन्होंने जय सर का कॉलर पकड़ लिया और उसको २ ४ लपोटे मार दिए।

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“पूजा सिर्फ मेरी माल है। उसकी चूत सिर्फ मैं लूँगा। अगर दोबारा मेरी माल से मिलने की कोशिश की तो तेरे हाथ पैर तोड़ दूंगा!!” माधव सर बोले

जय सर के मुंह से खून बह रहा था। उनकी नाक टूट गयी थी। वो भी माधव सर को पलटकर मारने लगे और मामला बहुत आगे बढ़ गया। मुझे पता चला तो मैं भागी भागी वहां पहुची। दोनों एक दूसरे से कह रहे थे की दूसरा मुझसे ना मिले। मैंने दोनों सर को अलग अलग किया।

“आप लोग गली के कुत्तो की तरह लड़ना बंद करो!! सच तो ये है की मैं आप दोनों से प्यार करती हूँ। इसलिए मैं दोनों से मिलती रहूंगी और चुदवाती रहूंगी!!” मैंने कहा

उसके बाद जय और माधव सर में आपस में सुलह हो गयी। एक दिन मैंने दोनों से एक साथ चुदवाने का प्लान बनाया। मेरे घर से माधव सर का घर पास पड़ता था। इसलिए मैंने जय सर को माधव सर के घर पर आने को बोल दिया। कॉलेज का बहाना मारकर मैं घर से बाहर निकल आई और सीधा रिक्शा करके माधव सर के घर पहुच गयी। कुछ देर में जय सर भी वहां आ गये। उसके बाद हम तीनो आपस में प्यार करने लगे। पहले माधव सर ने मुझे बिस्तर पर लिटाकर मेरे रसीले होठ चूसे, फिर जय सर ने मेरे लब चूसे। फिर हम तीनो से अपने कपड़े उतार दिए। जय और माधव सर में आपस में सुलह हो गयी थी। मैं बोल दिया था की अगर वो आपस में किसी कुत्ते की तरह लड़ेंगे तो मैं किसी को भी चूत नही दूंगी। ये बात मैंने साफ साफ़ दोनों से बोल दी थी।

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हम तीनो नंगे हो गये और प्यार करने लगे। माधव सर को मैं जादा प्यार करती थी। मेरे भरे हुए जिस्म को दोनों बार बार ताड़ रहे थे और मजा ले रहे थे। मैंने अपने बाल खोल दिए थे, जिसमे मैं और भी सेक्सी और हॉट लग रही थी। मेरे मम्मे ३६” के थे जो बहुत जूसी और रसीले थे। ये बात सच थी की आज मैं दोनों से चुदवाना चाहती थी।

“पूजा बता तू किस्से जादा प्यार करती है!” जय सर ने पूछा। मैं हँसने लगी और दोनों की तरफ देखने लगे। जय सर सोच रहे थे की मैं उनका नाम लुंगी, पर माधव सर जानते थे की मैं उनसे जादा प्यार करती हूँ।

“मैं माधव सर से जादा प्यार करती हूँ, इसलिए मेरे मस्त मस्त दूध पीने का पहला हक माधव सर का है!!” मैंने कहा

इसके बाद मैं लेट गयी और माधव सर मेरे उपर लेट गये। उन्होंने मेरे रसीले दूध को मुंह में ले लिया और मजे लेकर पीने लगे। दोनों सर के लौड़े काफी लम्बे लम्बे थे, पर माधव सर का लंड तो ८” का था, जबकि जय सर का लंड ७ इंच का था। माधव सर के हाथ मेरे चुचियों को सहलाने लगे और होले होले दबाने लगे। जय सर ने मेरे दूध और निपल्स को १५ मिनट चूसा।

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