सीनियर्स के साथ ज़बरदस्त थ्रीसम का मज़ा

हेलो दोस्तों, मेरी कहानी आपका लंड खड़ा कर देगी. ये मेरी कॉलेज की कहानी है. मैं नया-नया कॉलेज में अड्मिशन लिया था. कुछ सीनियर्स हम जूनियर्स को अपने साथ रात को एक बंद घर में ले गये. ये घर शहर के बाहर था. घर के पीछे स्विम्मिंग पूल था.

उन सब ने हमारे कपड़े उतार दिए और हमे स्विम सूट दे दिया. हमने स्विम सूट पहन कर स्विम्मिंग पूल में छलाँग लगा दी. कुछ देर बाद सब मुझे देख कर हासणे लगे. पहले मुझे कुछ समझ में नही आया.

फिर एक सीनियर ने कहा: बाहर आजा बताते है.

मैं बाहर आ गया. तो सब और ज़ोर-ज़ोर से हासणे लगे. फिर मेरा ध्यान नीचे गया. मैने जो सूट पहना था, वो गाल (डिज़ॉल्व) गया था. सीनियर ने जान-बूझ कर मुझे पानी में गलने वाला सूट दिया था. मैं सब के सामने बिल्कुल नंगा खड़ा था.

मैने झट से अपने हाथो से अपना लंड च्छुपाया. पर मेरी खुली गांद पर सब की नज़र थी. मैं शरम से पानी-पानी हो गया. फिर मैं अपनी चड्डी ढूँढने लगा, और इसलिए पुर पूल के पास नंगा हो कर भागने लगा. सब मुझे नंगा भागते देख कर हासणे लगे.

फिर मेरे हाथ टवल लगा तो मैने झट से टवल लपेट लिया.

कुछ ही देर में दो सीनियर्स मेरे पास आए, और उन्होने मेरा टवल खींच कर निकाला, और मुझे वापस नंगा किया. मैने अपने हाथो से आयेज से लंड को च्छुपाने की कोशिश की. पर अब तक मेरा लंड टाइट हो चुका था.

दोनो ने मस्ती मज़ाक में एक-एक करके मेरी गांद पर छमात मारना शुरू किया. उन्होने जैसे मेरी गांद को कोई सॉफ्ट टॉय समझ लिया था. दोनो ने कभी दबाना और पोक करना शुरू किया. सब देख कर मेरे मज़े ले रहे थे.

उन दोनो में से एक ने सब के सामने कहा की, “दोस्तों तुम लोग कंटिन्यू करो, मैं ज़रा इसकी ले कर आता हू”. ये कह कर उसने अपना लंड चड्डी के अंदर अड्जस्ट किया. दोनो सिर्फ़ चड्डी पर ही थे. दोनो ने मुझे गोद में उठाया, और एक छ्होटे से कमरे में ले गये. कमरे में आते ही दोनो ने एक-दूसरे को इशारा किया.

दोनो ने मुझे बीच में खड़ा किया, और आगे और पीछे से मुझे दबाने लगे. मैं दोनो के बीच सॅंडविच बन चुका था. दोनो के लंड चड्डी के उपर से मुझे चू रहे थे, और दोनो ही टाइट हो चुके थे. दोनो ने आयेज और पीछे से मुझे नेक और शोल्डर पर किस करना शुरू किया, और दोनो के हाथ नज़ाने कहा-कहा चू रहे थे.

कभी मेरा लंड इतने ज़ोर से दबाते की मेरी चीख निकल जाती, तो कभी मेरी गोतियाँ दबाते, कभी गांद सहलाते, तो कभी उंगलिया डालने की कोशिश करते. मैं बेचारा दोनो के बीच नंगा खड़ा हुआ ये सब करने देता.

कुछ देर में एक सीनियर बेड पर बैठ गया, और मुझे उसके उपर उसकी तरफ मूह करके उसकी जांघों पर बिताया. दूसरे ने झट से मेरे दोनो हाथो को पकड़ा, और मेरा मूह अपने दूसरे हाथ से बंद कर दिया.

फिर पहले वाले ने अपना हाथ सीधा मेरी गांद पर रखा, और देखते ही देखते अपनी एक उंगली मेरी गांद पर घूमने लगा.

मैं कुछ कर पौ उतने में उसने अपनी उंगली मेरे अंदर डाल दी, और उंगली से मेरी चुदाई शुरू कर दी. मेरा मूह बंद था, और नीचे से मेरी गांद में उंगली थी. उसने एक-एक करके पहले एक, फिर दो, और फिर टीन उंगलियाँ डाली, और चुदाई करने लगा. 15-20 मिनिट तक ऐसे ही करने के बाद उन्होने मुझे आज़ाद किया.

उसमे से एक ने कहा, “हम सिगरेट लेके आते है, तब तक तोड़ा रेस्ट ले. फिर तो तेरी ऐसी लूँगा, की तू आज भूल जाएगा की तू मर्द है”.

5-10 मिनिट तक मैं कमरे में अकेला नंगा बैठा रहा. फिर दोनो वापस आ गये. दोनो सिगरेट पी रहे थे. उसमे से एक ने मुझे घुटनो पे बिताया और कहा, “चल मेरी जान चूस ले इसे”. मैं सुन के शॉक हुआ. मैने माना किया, पर अब मैं क्या ही कर सकता था.

उन्होने फिर मेरे मूह में लंड डाल दिया. पहले वाले का इतना बड़ा था, की मैं सिर्फ़ आधा ही ले पाया. मैने फिर उसका लंड चूसा. 5-10 मिनिट के बाद दूसरे ने मुझे डॉगी बना कर लंड चुस्वाया. मैने 5-10 मिनिट तक वो भी किया. फिर पहले वाले ने अपनी सिगरेट जो ख़तम होने वाली थी, उसे फेंक दिया, और मुझे लिटाया 69 पोज़िशन में.

उसने वापस अपना लंड मेरे मूह में घुसेध दिया. लेकिन इस बार उसने मेरा लंड भी मूह में लिया. जैसे ही उसने मेरा लंड चूसना शुरू किया, मुझे ज़बरदस्त आनंद मिला. मेरा रोना रुक गया, और मैं अपने लंड की चुसाई का मज़ा लेने लगा.

और यहा उपर मेरे मूह में लंड तो था ही, जो की सीनियर खुद शॉट्स दे कर मेरे मूह की चुदाई कर रहा था. इतने में दूसरे ने मेरी गांद को पकड़ा, और हल्का सा उपर किया. दोनो पैर फैलाए और अपनी जीभ से मेरी गांद के च्छेद को चाटने लगा.

मैं अब सातवे आसमान पर पहुँच चुका था. क्यूँ ना होता, मेरा लंड भी किसी के मूह में था. गांद चुसाई और मूह चुदाई सब एक साथ हो रही थी. 20-25 मिनिट तक ये सब चलता रहा. फिर दोनो रुक गये, और दोनो बाहर जाने लगे. फिर उनमे से एक वापस अंदर आया और कहने लगा, “क्यूँ रंडी, मज़ा आया ना?”

ये कहके वो मुस्कुराया. मैं शर्मा गया और मुस्कुराया. क्यूंकी लास्ट में मुझे भी मज़ा आया था. उसने कहा, “रुक जा गान्डू, आज ऐसा पेलुँगा तुझे, की कल चलना भूल जाएगा. आता हू मैं वापस तेरी गांद लेने”.

ये सुन के मेरी गांद फटत गयी, क्यूंकी मैं समझ गया की दोनो अब मेरी गांद मारेंगे. कुछ देर बाद दोनो वापस आए और दोनो के हाथ में बियर के बॉटल्स थी. उनमे से एक ने मुझे ज़बरदस्ती थोड़ी पीला दी. मेरा सिर चक्राया. मैं कुछ समझ पौ इसके पहले उन दोनो ने अपनी चड्डियान निकाल फेंकी, और मेरे सामने नंगे हो गये.

मेरा सिर चक्राया, पर उनको नंगा देख के मेरा लंड खड़ा हो गया. इतने में उनमे से एक ने मुझे बेड पर लिटाया, और मिशनरी पोज़िशन में अपना लंड सेट किया. धीरे-धीरे उसका लंड मेरी गांद फाड़ने लगा. मैं चिल्लाया.

दूसरे ने एक चड्डी मेरे मूह में तूस दी, और 3-4 मिनिट में ज़ोर से धक्के दे कर उसने अपना लंड मेरी गांद में डाल दिया. मेरी आँखों से आँसू बाहर निकल गये थे. कुछ ही देर में मेरी चुदाई शुरू हो गयी.

पहले तो एक सीनियर मेरे उपर था, जिससे मैं हिल नही पा रहा था, और दूसरे ने हाथ पकड़ रखे से. गांद चुदाई ने ज़ोर पकड़ लिया था. 15-20 मिनिट तक मेरी गांद की चुदाई हुई. और फिर उसने सारा माल मेरे पेट पर निकाला.

कुछ देर बाद मुझे लगा की सब हो गया. पर दूसरे सीनियर ने मुझे डॉगी बनाया. मैने माना किया, “प्लीज़ मत करो, दर्द हो रहा है, गांद फटत जाएगी मेरी”. पर वो कहा मानने वाला था. उसने डॉगी बना के मेरी कमर को पकड़ा, और अपना लंड सेट किया. उसने एक झटके में आधा लंड डाल दिया. मेरी चीख निकल गयी.

मेरी आवाज़ को रोकने के लिए पहले वाला मेरे सामने आ गया. अब तक उसका लंड तोड़ा खड़ा हो गया था. उसने अपना लंड मेरे मूह में डाल दिया. और यहा पीछे से ज़ोरदार धक्के के साथ दूसरा लंड मेरी गांद के अंदर प्रवेश कर गया.

कुछ ही मिंटो में दोनो और से चुदाई शुरू हुई, और देखते ही देखते दोनो ने अपनी स्पीड बधाई. मेरी आँखों से, मूह से पानी आ गया. मेरा शरीर ढीला पद गया. मुझमे शक्ति नही बची थी.

मैने अपना शरीर उन्हे दे दिया. उन दोनो ने खूब जाम कर 20-25 मिनिट तक चुदाई और चुसाई की. फिर एक ने अपना माल मेरी गांद पर निकाला, और दूसरे ने मेरे मूह पर फेशियल किया. दोनो मेरे बाजू में आके सो गये, और मैं छ्होटे बच्चे जैसे उन दोनो को लिपट के सो गया. कुछ देर बाद हम उठे, और हमने अपने आप को क्लीन किया.

अब मैं सच में चल नही पा रहा था. जैसे-तैसे मैं हॉल में आके बैठा, सब लोग मुझे देख रहे थे. और सब को पता था की मेरी जाम के ली गयी थी. मेरे जूनियर फ्रेंड्स कुछ देर में वाहा आ गये. उनकी भी यही हालत थी. मैं भी समझ गया की आज सब जूनियर्स की गांद ली गयी थी.

तब मुझे अछा लगा की ये सब के साथ हुआ था, और मेरी शरम चली गयी. इसके बाद ऐसे ही काई बार सीनियर्स के थ्रू हम चुड़े, और सीनियर्स को भी छोड़ा है. अकेले में आज थ्रीसम का मज़ा लिया.

लेकिन काई बार सिर्फ़ दो जानो के मज़े किए, तो किसी रोज़ ग्रूप में पेलने का मौका मिला. आउटडोर और रॅगिंग के वक़्त के कहानिया सब से मज़ेदार थी. अगर आपको ये कहानी पसंद आई है तो आप मुझे “जवानिकजोश@आउटलुक.कॉम” पर मैल करे. और कहानी का नाम पहले बताए और फिर अपनी प्रतिकारिया दे. मैं और एक्सपीरियेन्स शेर करूँगा.

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