शादी के बाद घर के हर कोने में चुदाई

रात भर मॅरतॉन चुदाई के बाद सुबह हम देर तक सोते रहे. करीब 9:30 बजे मेरी नींद खुली, तो मैं उठ गया. मैने रोहित को उठना ठीक नही समझा, क्यूंकी रात भर मेहनत करके तक गया होगा बेचारा. ये सोच के मैने उसे सोने दिया. वैसे भी मैं पत्नी हू, तो मुझे हो जल्दी उठ कर घर के काम करने होंगे. ऐसा सोच के मैं उठ गया.

मैं उठ के बातरूम गया, और फ्रेश होके घर के सॉफ-सफाई में लग गया. बाद में मैने नहा लिया, कपड़े पहन के गार्डेन में चला गया, और गार्डेन से फूल लिए. भगवान की पूजा आरती की, और भगवान से हाथ जोड़ कर कहा की “हे भगवान सब अछा करना”.

बाद में मैने किचन में प्रवेश किया. शादी के बाद किचन में मेरा पहला दिन था. इसलिए मैने सोचा की आज रोहित की पत्नी अपने हाथो से अपने पति रोहित के लिए कुछ उसकी पसंद का बनाएगी. फिर याद आया की मेरे रोहित को सूजी का हलवा बहुत पसंद है. तो मैने वही बनाया. फिर सब काम होने के बाद मैं हमारे कमरे में रोहित को उठाने के लिए चला गया.

मे: गुड मॉर्निंग बेबी, उठो 11:30 बाज गये है.

रोहित: क्या बेबी? सोने दो ना प्लीज़.

मे: उठो बेबी, हम दोनो को मिल के भगवान का आशीर्वाद लेना है, और मैने तुम्हारे पसंद का ब्रेकफास्ट बनाया है.

मैं उसे हिला-हिला के उठाने लगा, तो उसने मेरा हाथ पकड़ा, और मुझे अपनी तरफ खींचा. तो मैं उसपे जाके गिर गया. उसने मुझे बेड पे पलटा, और मुझे किस करने लगा, तो मैने कहा-

मे: पहले फ्रेश हो जाइए, बाकी सब बाद में करेंगे.

मैने उसे ज़बरदस्ती उठाया, और उसे बातरूम भेज दिया. मैं बेड को ठीक कर रहा था, की उतने में उसकी आवाज़ आई-

रोहित: आदि बेबी, मैं टवल भूल गया हू, ज़रा लाके देना प्लीज़.

मैं टवल लेके चला गया. उतने में उसने बातरूम का दरवाज़ा खोला, और मैने टवल देने के लिए हाथ आयेज किया. तभी उसने मुझे अपनी तरफ बातरूम में खींच लिया. मुझे पीछे से पकड़ के वो मेरे बूब्स को ज़ोर-ज़ोर से दबाने लगा.

मे: क्या तुम हर वक़्त लगे रहते हो. क्या खाते हो जो इतनी ताक़त है, और थकने और रुकने का नाम नही लेते?

रोहित: रोज़ सुबह ब्रेकफास्ट में देसी चने खाता हू, इसलिए मुझमे घोड़े जैसी ताक़त है. इसलिए ना तो मैं तकता हू, और ना रुकता हू. समझी मेरी प्यारी-प्यारी रानी?

उतने में वो पीछे से मेरी गांद पे अपना खड़ा लंड रगड़ने लगा. वो मुझे चुभ रहा था. मैने उसके लॉड को हाथ में लिया और कहा की-

मे: ये इतना बड़ा कैसे है?

रोहित: असली मर्द हू, इसलिए इतना बड़ा है. वैसे तुम्हारा भी बड़ा है.

मे: कहा तुम्हारा 8 इंच का, और कहा मेरा 5.5 इंच का.

रोहित: आपका लंबा ना सही, बुत मोटा ज़रूर है.

ये कह के उसने मुझे नीचे बिताया, और मुझे उसका लॉडा मूह में लेने को बोला. मैने माना कर दिया.

तो उसने कहा: सिर्फ़ दो मिनिट लेलो प्लीज़.

मैने कहा: तुम नही मानोगे. बुत सिर्फ़ 2 मिनिट्स के लिए.

उसने बोला: काफ़ी है.

फिर मैं नीचे बैठा, और उसका लॉडा मूह में लेके चूसने लगा. कभी उसका लॉडा, तो कभी उसके आँड जीभ से चाट-ता. 2 मिनिट्स होने के बाद मैने उसका लॉडा मूह से बाहर निकाला, और कहा-

मे: बस 2 मिनिट्स हो गये, बस अब और नही.

मैं बातरूम से बाहर निकालने ही वाला था, की उसने शवर ओं किया. मैं पूरी तरह से गीला हो गया.

मे: क्या तुम बेबी, भिगो दिया मुझे. पुर कपड़े गीले हो गये मेरे. बहुत शरारती हो गये हो आप.

रोहित: चलो लॉडा चूसना नही है तो ना सही, अपने मुलायम हाथो से अपने पति को नहला दो. आज मैं तुम्हारे हाथो से नहाना चाहता हू बेबी.

मे: तुम नहा लो अपने हाथो से.

रोहित: देखो आदि डार्लिंग, अब मैं तुम्हारा पति हू, और तुम मेरी पत्नी. अब आयेज से मैं जो कुछ बतौ, वो सब करना तुम्हारा कर्तव्या ही नही धरम भी है.

मे: क्या करना होगा मुझे?

रोहित: मुझे नहलाना होगा, मेरी सेवा करनी होगी. मेरे हाथ-पैर दबाने होंगे तुम्हारे प्यारे-प्यारे हाथो से. मुझे खाना खिलाना होगा, और जो मैं बोलू वो.

मे: बाप रे इतना काम? इतने सारे काम मैं करूँगा, तो तुम क्या करोगे?

रोहित: मैं बाहर जाके पैसे कमौँगा, और रात को बिस्तर पे गरम करके तुम्हे छोड़ूँगा, और तुम्हे खुश करूँगा. ये है मेरा पति धरम.

मे: इतने काम करेगी मेरी जूती.

रोहित: अर्रे-अर्रे, मेरी बीवी तो नाराज़ हो गयी. मैं तो मज़ाक कर रहा था. मैने रानी बनाने का वादा किया था, रानी बना के रखूँगा. तुम्हे जो काम पसंद आए तुम वही करना.

मे: सच!

रोहित: मच!

मैने उसके पुर बदन पे साबुन लगाया, तो उसने मुझे अपने लंड पे साबुन लगाने का इशारा किया और मुझे आँख मारी, और हम दोनो हासणे लगे. मैने उसे अपने हाथो से नहलाया. फिर दोनो ने शवर लिया, और कमरे में आके कपड़े पहन के रेडी हो गये.

घर के मंदिर में जाके दोनो ने भगवान का आशीर्वाद लिया, और भोग लगाया. अब हम दोनो किचन में आ गये. मैने हलवा गरम करके उसे प्लेट में दिया. हलवा देख के रोहित बहुत खुश हुआ, और बोला-

रोहित: हलवा, अर्रे वाह! हलवा मी फॅवुरेट.

मे: शादी के बाद पहली बार मैने मेरे हाथो से कुछ मीठा बनाया है. ऐसा रिवाज़ होता है की शादी की बाद जब पत्नी किचन में प्रवेश करती है, तो कुछ मीठा बनती है.

ये कह के मैने मेरे हाथो से उसे हलवा खिलाया.

रोहित: वाउ, यम्मी! मज़ा आ गया. कहा से सीखे हो इतना टेस्टी बनाना?

मे: ये सब मेरे हज़्बेंड का कमाल है. उनसे ही सीखा है.

रोहित ने मेरा हाथ चूमा, और मुझे ई लोवे योउ बोला. मैं आप सब से बताना चाहूँगा की रोहित एक अछा कुक है. सिटी में हुए बहुत सारे कुकिंग कॉंपिटेशन्स में बहुत बार विन्नर रह चुका है. कूक्क्िंग, स्पोर्ट, डॅन्स, पढ़ाई, सब में हमेशा नो.1 रहा है मेरा रोहित. और नेचर भी लविंग, केरिंग है. एक तरह से सराब-गुण-संपन्न है.

ब्रेकफास्ट के बाद हम दोनो हॉल में चले गये, थोड़ी देर टीवी देखा, अपने-अपने मोबाइल देखे, और आराम किया. दोपहर के दो बाज गये थे. मैं उठा, और किचन में गया लंच की तैयारी करने के लिए. उतने में रोहित भी किचन में आया, और बोला की क्या हो रहा है?

मे: लंच की तैयारी. बहुत भूख लगी है, कुछ बनाते है.

रोहित: तो क्या है आज का मेनू?

मे: जो हम दोनो का फॅवुरेट है.

रोहित: वो क्या है?

मे: गेस.

रोहित: या तो पालक पनीर या तो पुलाव.

मे: दोनो, पुलाव भी, और पालक पनीर भी, और चपाती. तुमने सही पहचाना.

बोलते-बोलते रोहित ने मुझे पीछे से पकड़ा, और उसका हाथ मेरी कमर में डाल के मेरी कमर को सहलाने लगा. वो मेरी नेक पे किस कर रहा था, मेरे कानो को अपने दांतो से हल्के-हल्के काट रहा था.

मे: अब तुम किचन में भी शुरू हो गये. हे भगवान, ये कितने चुड़क्कड़ इंसान के गले बाँध दिया मुझे. कही भी शुरू हो जाता है.

रोहित: घर की ऐसी कोई भी जगह नही छ्चोढुगा, जहा तुम्हारी चुदाई ना हुई हो.

ऐसा कह के उसने मेरा बॉक्सर और पंत नीचे खींची, और मेरे च्छेद को सहलाने लगा. मेरी गांद पे वो हल्के-हल्के थप्पड़ मारने लगा, और ज़ोर-ज़ोर से दबाने लगा. अब नीचे बैठ कर उसने मेरे दोनो छूतदों को अलग किया, और मेरी गांद के च्छेद को अपनी जीभ से चाटने लगा. मैं मोन करने लगा.

मैं मदहोश हो रहा था, और मेरे मूह से आहह आअहह निकालने लगा. उसने मुझे अपनी गोदी में उठाया, और मुझे डिन्निंग टेबल पे सुलाया. मेरी टांगे उपर कर दी, और उसके लंड को तोड़ा थूक लगाया, और मेरी गांद में घुसा दिया. लंड इस बार आसानी से अंदर चला गया. क्यूंकी दो दिन की चुदाई से गांद थोड़ी खुल गयी थी. अब वो मुझे ज़ोर-ज़ोर से छोड़ने लगा.

रोहित: इतना छोड़ूँगा मेरी रानी तुझे, इतना छोड़ूँगा, की तुझे प्रेग्नेंट बना के ही मानूँगा.

और वो ज़ोर-ज़ोर से मेरी गांद मारने लगा. मैं चुदाई के ज़ोर-ज़ोर के वार को सहन कर रहा था. मैं मज़े ले-ले के अपनी गांद छुड़वा रहा था, और वो मेरी गांद का भोंसड़ा बना रहा था. उसने मुझे टेबल से नीचे उतरा, और मुझे घोड़ी बना के छोड़ने लगा. छोड़ते-छोड़ते आधा घंटा हो रहा था, की उसने मुझे बोला-

रोहित: मेरा निकालने वाला है, कहा छ्चोढू?

मैने कहा: मेरी गांद में ही छ्चोढ़ दो, और बना दो मुझे प्रेग्नेंट. बना दो मुझे अपने बच्चे की मा. मैं आपके बच्चो की मा बनना चाहती हू.

उसने पूरा माल मेरी गांद में ही छ्चोढ़ दिया, और कहा: मेरे होने वाले बच्चो की मा, छ्चोढ़ दिया तेरे छूट में पानी.

फिर हम दोनो बातरूम में फ्रेश होने जेया रहे थे, की मेरा खड़ा लंड देख के बोला-

रोहित: इसे शांत कर डू क्या?

मैं बोला: मैं अपने आप शांत करूँगा इसे. भूख लगी है, पहले कुछ खाने का देखते है.

हम दोनो फ्रेश होके किचन में आए, और दोनो मिल के खाना बनाने लगे. मैने सारी तैयारी कर दी, और उसने खाना बनाया. खाना तैयार होने के बाद हम दोनो ने खाना खाया, और हॉल में चले गये. हॉल में आने के बाद रोहित ने टीवी ओं किया. फिर कुछ देर हमने टीवी पे न्यूज़ देखी. थोड़ी देर बाद रोहित मर्द पास आके सोफे पे बैठ गया.

रोहित: बेबी मेरे सारे सपने पुर हो रहे है. बस अब एक सपना बाकी है.

मे: कों सा बेबी?

रोहित: हमारे हनिमून का.

हनिमून का नाम सुनते ही मेरे चेहरा चमक गया, और एक खुशी मेरे चेहरे से छलकने लगी.

मे: बुत बेबी, इतने सारे पैसों का अरेंज्मेंट कहा से होगा?

और वैसे भी मम्मी पापा 4-5 दीनो में आ जाएँगे. हमे हनिमून के लिए एक हफ़्ता तो चाहिए.

रोहित: बेबी पैसों का अरेंज्मेंट हो जाएगा, तुम फिकर मत करो.

मे: बुत कैसे?

रोहित: बेबी मेरे स्कॉलरशिप के और पॉकेट मनी से मैने बहुत सारे पैसे बचा के उन्हे शेर मार्केट में इनवेस्ट किया था. और वो अब काई गुना बढ़े है. मेरे पास बहुत सारी अमाउंट जमा है. सो डॉन’त वरी! मैने सोचा था की ये पैसा मैं हम दोनो के हनिमून के लिए खर्च करूँगा. देख अब वो दिन आ गया है.

मे: बुत मम्मी पापा का क्या?

रोहित: ह्म, हा वो तो है.

उतने में मेरे मोबाइल पे मम्मी का फोन आया-

मम्मी: कैसे हो? खाना खाया क्या?

इधर-उधर की बातें होने के बाद उन्होने मुझे बोला: आदि बेटा, हम शादी होने के बाद सीधा तुम्हारे नाना जी के घर जाने वाले है. तुम्हारे नाना जी की तबीयत खराब है, और वो बार-बार मुझे याद कर रहे है. हमारे आने तक तुम दोनो अपना ख़याल रखना.

मैने कहा: आप और पापा भी अपना ख़याल रखना, और आराम से आना. हम दोनो अपना ख़याल रख लेंगे.

ऐसा कह के हमने फोन कट कर दिया.

रोहित: एस! थॅंक योउ भगवान जी, ई लोवे योउ भगवान जी. आज कल आप मुझपे बहुत मेहरबान है. मुझे च्चप्पड़ फाड़ के दे रहे हो आप. थॅंक योउ, थॅंक योउ सो मच भगवान जी, ई लोवे योउ सो मच.

रोहित खुशी के मारे फूले नही समा रहा था. वो खुशी में नाचने लगा. फिर मुझे अपनी बाहों में भर लिया. मुझे उसने गोदी में उठा लिया. वैसे तो मैं प्रेग्नेंट वाली बात और हनिमून वाली बात से बहुत हॉर्नी हो गया था. मुझ पर एक अलग ही मदहोशी च्छाई थी.

मैने मेरे होंठ रोहित के होंठो पे रख दिए, और मैं उसे किस करने लगा. वो भी मेरा साथ देने लगा, और अब हम दोनो सब भुला के एक दूसरे को किस करने लगे. थोड़ी देर बाद मैं उसकी गोदी से नीचे उतरा, और उसकी पंत नीचे करके उसका लॉडा घपा-घाप चूसने लगा. उसके टट्टो को चाटने लगा, एक अलग ही वासना मुझपे चढ़ गयी थी.

मैं उसका लॉडा अंदर-बाहर करके अपना मूह छुड़वा रहा था. उसके लॉड की महक मुझे दीवाना बना रही थी. उसके लॉड का टेस्ट मुझे अब अछा लगने लगा था.

उसका लॉडा गोरा और सूपड़ा बहुत गुलाबी है, और वो हमेशा उसको क्लीन शेव रखता है.

थोड़ी देर बाद हॉल में बिछाई हुई कार्पेट पे मैने उसे सुलाया, और मैं उसके लंड पे बैठ गया.

फिर उसे बोला: वॉट आ नाइस राइड जान.

उसने कहा: मेरे घोड़े की राइड लेलो.

और मैने उसके घोड़े की राइडिंग करना शुरू कर दी. मैं उछाल-उछाल के अपनी गांद मरवा रहा था. और वो भी नीचे से धक्के मार रहा था. मुझे दोहरा आनंद मिल रहा था. कुछ देर बाद मुझे उसने बाई करवट पे सोने को बोला, और मेरी एक टाँग उपर करके पीछे से ज़ोर-ज़ोर के धक्के देने लगा.

इस पोज़िशन में मुझे छोड़ने के बाद मुझे उसने मिशनरी पोज़ में लिया, मेरी गांद में लंड डाला, और मुझे उठा के वो खुद खड़ा हो गया, और मुझे छोड़ने लगा. 5 मिनिट्स तक उसने मुझे अपनी गोदी में लेके छोड़ा, और मुझे और नीचे रख दिया, और मिशनरी पोज़ में मुझे छोड़ने लगा.

मेरी वासना चरम सीमा तक पहुँच गयी थी. बिना हाथ लगाए, और बिना कुछ किए ही मैं झाड़ गया. पूरा मेरा माल मेरे पेट पे गिर गया. 3 मिनिट्स के बाद रोहित भी मेरी गांद में झाड़ गया. मेरे पेट पे गिरे हुए माल को उसने छाता, और वो सब निगल गया.

रोहित मेरे उपर आके गिर गया. हमारी साँसे तेज़ हो गयी, और पुर कमरे में उसकी आवाज़ गूंजने लगी.

करीब 10 मिनिट्स तक हम ऐसे ही पड़े रहे. हम दोनो बहुत चुके थे. कुछ देर बाद हमने एक-दूसरे को अलग किया, और बातरूम में जाके खुद को सॉफ किया. इस बार सेक्स की पहल मैने की थी. इस बात से रोहित बहुत खुश था. उसके चेहरे से खुशी सॉफ झलक रही थी. उसने मुझे एक किस किया, और ई लोवे बोला. मैने भी उसे ई लोवे योउ टू बोला.

अगले पार्ट में पढ़िए की हमने हमारी हनिमून की तैयारी कैसे की, और हमारा हनिमून कैसे मनाया. तब तक के लिए आप लोग अपना ख़याल रखना. ई लोवे योउ ऑल.

यह कहानी भी पड़े  लड़के के कॅंटीन वाले से गांद छुड़वाने की कहानी


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