बॉस की बीवी की कुंवारी गांड चोदी

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम राहुल है। दोस्तों में एक बार फिर से आप सभी के चाहने वालों को अपने जीवन की एक सच्ची घटना सुनाने जा रहा हूँ, जो आज से करीब पांच महीने पुरानी बात है। में जब एक कोचिंग क्लास में चपड़ासी का काम करता था, मुझे जल्दी सुबह करीब 6.00 बजे जाकर क्लास को खोलने जाना पड़ता था। पूजा करके मेरे बॉस क्लास में बच्चों को पढ़ाने चले जाते और उसके बाद में उनके घर पानी लेने चला जाता, यह मेरा रोज़ का काम था। मेरे बॉस की पत्नी जिसका नाम निर्मला था, में उनको भाभी कहकर बुलाता था। वो दिखने में बहुत सुंदर होने के साथ साथ उनका स्वभाव भी बहुत अच्छा हंसमुख था। उनकी लम्बाई 5.2 इंच थी और गोरा रंग लंबे बाल 36 इंच आकार के बूब्स थे। उनकी पतली कमर गांड बड़ी चौड़ी थी और जब भी में उनके घर जाता तो में एकदम चकित होकर बस उनको ही देखता रहता था और इतने कम समय में वो भी मुझसे अब बहुत अच्छी तरह से घुल मिल गयी थी। ऑफिस में आकर में भाभी के बारे में सोचकर कभी कभी मुठ भी मार लेता और ऐसा करने पर मेरा वीर्य निकल जाने के बाद मेरा बस जोश ही ठंडा होता और मेरे मन से अपनी भाभी के विचार नहीं जाते थे। में हर समय उनके ही बारे में सोचने लगता और वो मुझे बहुत पसंद थी और मेरा उन पर दिल आ गया था।

एक दिन जब में सुबह पानी लेने उनके घर गया तो मैंने देखा कि उस समय दरवाजा खुला हुआ था और में बिना किसी आवाज, आहट से घर के अंदर चला गया, लेकिन मुझे भाभी कहीं दिख ही नहीं रही थी। तब मैंने सोचा कि शायद वो किचन में होगी यह बात सोचकर में किचन की तरफ जा ही रहा था, तभी बीच में मैंने देखा कि उनके बेडरूम का दरवाजा खुला हुआ था, इसलिए मेरी नज़र उसके अंदर चली गयी। अब मैंने देखा कि मेरी वो हॉट सेक्सी भाभी शायद अभी नहाकर ही आई थी। वो उस समय सिर्फ़ एक टावल को लपेटे हुए खड़ी थी और उन्होंने मुझे भी देख लिया था। वो मेरी तरफ देखकर मुस्कुराई और फिर झट से उन्होंने दरवाजा बंद कर लिया, थोड़ी देर के बाद वो साड़ी पहनकर अपने कमरे से बाहर आ गई। अब तक मेरा लंड वो मजेदार द्रश्य देखकर पहले से ही टाइट हो चुका था और उन्होंने भी बात मेरे लंड की तरफ देखकर वो समझ चुकी थी। अब भाभी ने मुझे पानी भरकर दे दिया। वो मेरी तरफ देखकर हल्का सा मुस्कुराने भी लगी थी और उसके बाद में क्लास में वापस आ गया और दोपहर के समय मुझसे मेरे बॉस ने कहा कि मुझे उनके घर से कुछ काम की फाईल लेकर आना है। फिर में उनके घर चला गया और भाभी ने दरवाजा खोल बाहर धूप बहुत होने की वजह से मुझे पसीना आ रहा था, भाभी ने मुझसे कहा कि अंदर आ जाओ, पानी पी लो थोड़ी देर बैठकर जाओ और फिर में अंदर चला गया। फिर भाभी मेरे लिए पानी लेकर आ गई, में अब पानी पी रहा था।

यह कहानी भी पड़े  तीन सहेलियाँ की सामूहिक चुदाई

उस समय भाभी मुझे लगातार देख रही थी, थोड़ी देर बाद वो मेरे सामने फाईल और दो गिलासों में एकदम ठंडा शरबत लेकर आ गई। तो एक गिलास उन्होंने मुझे दे दिया, में शरबत को पीते पीते उनकी तरफ ही लगातार देख रहा था क्योंकि मुझे उनके ब्लाउज में से उनके बड़े आकार के बूब्स बाहर उभरे हुए नजर आ रहे थे और उनके गोरे मुलायम पेट पर भी बल पड़ रहे थे, में वो मनमोहक द्रश्य बड़ा चकित होकर देख रहा था। दोस्तों शायद भाभी ने मेरी इस गंदी नजर को एकदम ठीक तरह से समझ लिया था कि में क्या और किस नियत से देख रहा हूँ? फिर मैंने वो शरबत खत्म किया और उठकर वो फाइल लेकर जाने लगा, तभी उन्होंने मुझे पीछे से आवाज़ दी कि सुनो अरुण। तो मैंने तुरंत पीछे पलटकर कहा हाँ जी भाभी? उन्होंने मुझे अपने पास बुलाया और मुझसे वो पूछने लगी, अरुण में दो तीन दिन से कुछ गौर कर रही हूँ? मैंने कहा, हाँ बताओ ना भाभी आप क्या गौर कर रही हो? तब उन्होंने कहा तुम ऐसा क्या देखते हो मेरे अंदर, तुम्हे ऐसा क्या अच्छा लगा? अब मैंने उनको कोई भी जवाब दिया नहीं और में मुस्कुराता हुआ वहां से बाहर चल पड़ा। फिर दूसरे दिन सुबह जब में पानी लेने दोबारा उनके घर गया तब मैंने देखा कि भाभी उस समय मेक्सी पहने हुए थी। फिर मैंने पानी का खाली जग उन्हे दे दिया और उसके बाद में भी उनके पीछे किचन में चला गया, मैंने देखा कि वो नीचे झुककर उस जग में पानी भर रही थी जिसकी वजह से उनके बूब्स मुझे साफ साफ नज़र आ रहे थे। तभी उन्होंने पलटकर देखा कि में उनके बूब्स की तरफ घूरकर देख रहा हूँ, उन्होंने मुझसे पूछा क्यों ऐसे क्या देख रहे हो? क्या कभी तुमने औरत की छाती नहीं देखी क्या? में उनके मुहं से यह बात सुनकर शरम से पानी पानी हो गया और तभी मैंने उनसे माफी मांगी।

यह कहानी भी पड़े  भाभीयों ने मुझे बर्बाद और फिर आबाद किया

Pages: 1 2 3 4

error: Content is protected !!