सफ़र पूरा होने से पहले चुदाई और लंड चुसाई

तो ये कहानी के आखरी पार्ट में आपका स्वागत है. इसमे पढ़िए कैसे मैने जाते-जाते उन लोगों को फिरसे झाड़वा दिया. फिर उन लोगों का स्पर्म पी कर वाहा से निकल गया. पसंद आए तो लंड हिला-हिला कर पढ़िए. अब कंटिन्यू करते है कहानी को.

मैं नंगा सो गया था. क्यूंकी मेरे कॉमपार्टमेंट में हमारे अलावा और कोई नही था. तो वो लोग भी मेरे पास वाली सीट पे सो गये थे. मेरे मूह और मेरी गांद में से सिर्फ़ स्पर्म की स्मेल आ रही थी. उन लोगों के माल से नहा लिया था ऐसा लग रहा था.

दूसरी सुबह के 6 बजे आँख खुली. ट्रेन अभी भी अपनी स्पीड में चल रही थी. बाहर अंधेरा था. मैने देखा की कोई नही था मेरे अगाल बगल वाली सीट पे. मेरा फेस चिपचिपा लग रहा था, क्यूंकी रात में जो मेरा गंगबांग हुआ, उसमे बहुत सा स्पर्म मेरी गांद के अंदर और मेरे मूह में निकला था. सीट पे भी स्पर्म के दाग लग गये थे.

फिर मैं फ्रेश होने गया, और कपड़े पहन लिए. फिर मैने डोर से देखा की वही 3 साउत इंडियन लड़के कॉमपार्टमेंट के दूसरे कोने का टाय्लेट उसे कर रहे थे. मैं थोड़ी देर बैठा, और अपनी रात की चुदाई के बारे में सोच रहा था. मुझे रंडी की तरह कोई छोड़ता है तो मज़ा आता है. मैं बस इसी ख़याल में था.

थोड़ी देर में वो 3 लड़के मेरे पास आए, और मेरे पास वाली सीट पे बैठ गये. वो मुझसे बातें करने लगे.

1स्ट्रीट लड़का: ही, दो योउ नो तमिल?

मैं: नो, ई ओन्ली नो हिन्दी आंड इंग्लीश.

1स्ट्रीट लड़का: अछा तो हिन्दी आती है. ओक-ओक.

2न्ड लड़का: ओक चलो हिन्दी में ही बातें करते है.

1स्ट्रीट लड़का: वी अरे ऑल्सो गे, बुत वी अरे टॉप. हमे बॉटम लड़के छोड़ना पसंद है.

3र्ड लड़का: तुम क्या सिर्फ़ बॉटम हो या बोत?

मैं: फुल बॉटम.

3र्ड लड़का: ऑश नाइस. कल तुम्हे छोड़ कर बहुत मज़ा आया. तुम्हारा होल टाइट है. पेनिस घुसने में मज़ा आता है.

2न्ड लड़का: हा, हम बहुत बार पार्टीस करते है, फुल गे पार्टीस. अगर आपको आना पसंद है तो आना, हमारी गे पार्टीस में.

मैं: ऑश ऑफ कोर्स. और भी गे होते है.

2न्ड लड़का: हा बहुत सारे टॉप्स और बॉटम्स आते है. आप आओगे तो आपको बहुत लोग छोड़ेंगे.

मैं (सेडक्टिव एक्सप्रेशन के साथ): ज़रूर-ज़रूर, ई लोवे डिक्स

फिर हम लोगों ने और भी बातें की. मैने अपने बारे में बताया और वो लोग भी अपने बारे में बात किए. फिर उनके साथ नंबर एक्सचेंज किया, और उनकी डीटेल्स भी ली. वो लोग चेन्नई बेस्ड थे, और वाहा के गे कम्यूनिटी के मेंबर भी थे. फिर उन लोगों ने बताया की उन लोगों का स्टेशन 30 मिनिट में आने वाला था. तो वो लोग उतार जाएँगे. तभी वो 3र्ड लड़का बोला-

3र्ड लड़का: आपकी गांद बहुत अची थी, फुल रौंद आंड बिग. मैने कभी ऐसी गांद नही छोड़ी. आपको छोड़ने के बाद हमे बहुत मज़ा आया.

मैं: अछा, मुझे भी आप लोगों से चूड़ने का मज़ा आया.

3र्ड लड़का: एक और रिक्वेस्ट है आपसे.

मैं: क्या रिक्वेस्ट?

3र्ड लड़का: हम लोगों का अभी फिरसे खड़ा हो गया है. आप फिरसे लोगे हमारे स्टेशन आने से पहले?

मैं: अर्रे ज़रूर-ज़रूर.

फिर उन 3 लड़कों ने अपना पंत नीचे किया, और अपना लंड बाहर निकाला. मैं भी अपनी पंत खोल कर अपनी गांद उनको दे दिया. फिर एक लड़के ने मेरी गांद छाती, और लंड घुसा कर छोड़ने लगा, और दूसरे तरफ मैं 2 लड़कों का लंड चूस रहा था.

फिर बाकी के 2 लड़कों ने भी गांद मारी, और फिर मैं ज़मीन पे बैठ गया, और 3 लड़कों का एक साथ लंड चूस रहा था. एक का लंड चूस्टा, तो कभी दूसरे का, तो कभी तीसरे का. ऐसे ही उन तीनो का लंड चूस रहा था, और वो लोग मेरे मूह में झाड़ गये. मेरे फेस पे उन 3 लड़कों के माल से फेशियल हो गया था. फिर मैने उन तीनो का लंड चूस के सॉफ किया, और तब तक उनका स्टेशन आ गया.

फिर वो लोग अपनी-अपनी पंत पहने, और लगेज लेकर निकल गये. मुझे बाइ बोल कर, और मेरी गांद पे थप्पड़ मारते हुए निकल गये. मेरे फेस पे अब उन लोगों का स्पर्म था. मैं फिर अपना फेस सॉफ किया, और मूह धो कर अपनी सीट पर बैठ गया. अब 2 घंटे में मेरा स्टेशन आने वाला था.

मैं सोच रहा था की मैं गुस्सा हो रहा था की मेरे कॉमपार्टमेंट में बहुत कम लोग थे. पर अभी मुझे अछा लग रहा था, क्यूंकी मुझे गंगबांग करवाने का मौका मिला फिरसे. और आप सभी को तो पता है मुझे रंडियों की तरह छुड़वाना बहुत पसंद है. तो ऐसे ही सोचते-सोचते मेरा स्टेशन आने वाला था.

तभी वो टीटी भी आ गया. अब कॉमपार्टमेंट में मैं और वो अकेले थे सिर्फ़. फिर उसने मुझे हग दिया, और मेरी गांद दबा दी. उसने मुझे लिप्स पे भी किस किया.

टीटी: यार तुझे मिस करूँगा. तेरी गांद को सबसे ज़्यादा मिस करूँगा.

मैं: अछा इतना मज़ा आया आपको?

टीटी: हा अपनी ज़िंदगी में तेरी तरह गांद नही देखी. मज़ा आ गया तुझे छोड़ कर.

मैं: अछा, क्या करे, मेरी गांद है ही चुड़क्कड़.

टीटी (मेरी गांद पे थप्पड़ मारते हुए): अर्रे हा मेरी रंडी.

मैं: चलो अब बाद में मिलेंगे. मेरा स्टेशन आ गया.

टीटी: अर्रे रुक ना 2 मिनिट प्लीज़. मेरा लंड फिरसे खड़ा हो रहा है.

मैं: अर्रे नही, मुझे जाने दो. आज एक इंटरव्यू है. ऑलरेडी ट्रेन लाते थी.

टीटी: अछा एक बार चूस तो ले मेरा लंड.

उसने अपना लंड बाहर निकाल लिया, और मुझे दिखाने लगा. फिर मैने झुक कर उसका लंड मूह में ले लिया, और ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगा. अब मैं फुल फोर्स से उसका लंड चूस रहा था. उसके लंड को अपने हाथो से हिला भी रहा था.

टीटी: आअहह बहनचोड़ चूस, चूस और मेरा माल निकाल.

मैं (फुल चूसने के मूड में): उम्म एमेम एम्म यॅ स्लर्प स्लर्प स्लर्प स्लर्प स्लर्प.

मैने ज़ोर-ज़ोर से उसका लंड चूसा, और वो 2 मिनिट में ही झाड़ गया. उसने सारा माल मेरे फेस पर निकाला. फिर मैं उसके लंड को चूस कर बाकी का माल (स्पर्म) पी गया, और चूस कर उसका लंड सॉफ किया.

अब उसकी हवस शांत हुई. फिर मैं मूह को पोंछ कर निकल जाता हू. वो मुझे बाइ बोल देता है. अब वो वापस उसी ट्रेन में जाने वाला था.

मैं निकला और अपने रास्ते निकल गया.

तो ये रही मेरी फुल गंगबांग की स्टोरी. ये रियल स्टोरी है क्यूंकी मैं कुछ दिन वही गया था. अगर ये स्टोरी पसंद आए तो कॉमेंट्स या मुझे मेसेज (इंटेस्टाइनल.टूट86@गमाल.कॉम) में ज़रूर करे.

मुझे आप लोगों के मेसेज पढ़ कर मज़ा आता है. बहुत लोग मेरे नाम की मूठ मारते है, और मुझसे बात करते है.

यह कहानी भी पड़े  चाचा की मालिश से भतीजे के गरम होने की हिंदी सेक्स कहानी


error: Content is protected !!