मीना को रूम पर ले जा के उसकी चूत चूदि

मेरा नाम यश हे और मेरी उम्र 30 साल हे. मैं मुंबई में रहता हूँ और पिछले कुछ समय से इस साईट के ऊपर सेक्स की कहानियाँ पढ़ रहा हूँ. मेरी पहले एक गर्लफ्रेंड थी जिसका नाम ललिता था. मैंने उसको बहुत चोदा पर पिछले दिसम्बर में हमारा ब्रेकअप हो गया. वो अपने रस्ते चली और मैं अपने रस्ते.

मेरी लम्बाई पांच फिट और दस इंच हे और दिखने में मैं थोडा सांवला सा हूँ. मेरी बॉडी कोई हीरो जैसी नहीं हे लेकिन एवरेज हे. थोडा सा पेट बहार को आया हुआ हे. मैं एक कंपनी में सीनियर सेल्स पोस्ट पर हूँ. हम लोग वेस्ट रीजन की सेल्स स्ट्रेटेजी बनाते हे और फिल्ड में भी काम करता हूँ मैं सेल्स एग्जीक्यूटिवस के साथ में कभी कभी.

फिल्ड के दिनों ही में मेरी मुलाक़ात मीना से हुई. वो भी हमारे जैसे सेल्स फ़ोर्स में थी. सेल्समेन लोग अच्छे खाने के और नाश्ते के प्लेस जानते हे. मेरा वरली वाला सेल्समेन मुझे जिस केफेटरिया में ले के जाता था वही मीना भी आती थी. ऐसे ही हल्लो सल्लो और हाई साय होती थी कभी. मीना के साथ जो लड़का आता था वो मेरे सेल्समेन का दोस्त था तो हम लोग अक्सर एक ही टेबल के ऊपर बैठते थे.

कभी कबार साथ में लंच भी होता था. मीना मेरे में इंटरेस्टेड लग रही थी. और फिर हमने कुछ दिनों में नम्बर्स भी दे दिए थे एक दुसरे को. सच कहूँ तो कभी हिम्मत ही नहीं हुई आगे बढ़ने की. फिर मीना ने जॉब क्विट कर दिया और मेरा और उसका टच लॉस्ट हो गया.  तिन महीने के बाद मैंने उसे फेसबुक के ऊपर देखा और रिक्वेस्ट भेज दी. उसने उसी दिन मेरी रिक्वेस्ट एक्सेप्ट भी कर ली.

और फिर हम दोनों के बिच में नार्मल चेटिंग चालू हो गई. उसने मुझे बताया की उसका नम्बर बदल गया था. उसने मुझे अपना नया नम्बर दिया. फिर कुछ ही दिनों में हमने मिलने का फिक्स कर लिया. मेरी ऑफिस उसके घर के करीब में ही थी. उसने मुझे एक रेस्टोरेंट में मिलने के लिए कहा. वही पास में जुहू बिच भी था. हमने रेस्टोरेंट में मिलने के बाद कुछ समय बिच पर निकाला. फिर हम दोनों के बिच में ऐसे ही बातें होने लगी थी. कभी कभी तो हम दोनों लेट नाईट तक बातें करते थे.

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और फिर एक दिन हम दोनों के बिच के शर्म का पडदा जैसे हट गया. दरअसल चेटिंग के बिच में हमने मेरिज वाली बातें छेड़ दी. मुझे पता चला की मीना की शादी बहुत समय पहले हुई थी लेकिन उसका पति सनकी था इसलिए उसने ख़ुशी से डिवोर्स ले लिया. मैंने उसे कंसोल किया.

उस समय हलकी बारिश हो रही थी और हम दोनों बातें कर रहे थे. मैंने मीना को कहा देखो जो भी होता हे अच्छे के लिए ही होता हे. चलो अच्छा हुआ की तुम्हारा उस आदमी से पीछा तो छुट गया. और मैंने उसको कहा की देखो मीना तुम अपनेआप को कभी भी अकेला मत समझो, मैं तुम्हारे साथ हूँ और कुछ भी काम हो मुझे बेझिझक बता दिया करो.

मीना उस दिन से मेरे साथ खुल सी गई. हम दोनों के बिच में हलकी हलकी रोमांटिक चेटिंग होने लगी थी. जैसे की मैं किस कर रहा हूँ तुम्हे वगेरह वगेरह.

फिर एक दिन मीना ने मुझे मिलने के लिए बुलाया. मैं उसे पास के एक गार्डन में ले के गया. वो जगह पर सभी कपल्स ही आते थे. वहां पर मैंने मीना का हाथ पकड़ के उसे अपनी बाहों में ले लिया और फिर उसके गाल के ऊपर एक किस दे दिया. मीना भी मेरा पूरा साथ दे रही थी. मैंने उसके कंधे को दबाया और फिर अपने होंठो को उसके होंठो से लगाया. उसके होंठ आइसक्रीम के जैसे सॉफ्ट थे और उन्हें किस करने का बहुत मजा आ रहा था मुझे. कुछ देर तक किसिंग करते हुए फिर मैं अपने हाथ को उसके बूब्स के ऊपर ले गया. धीरे धीरे मैं उसके बूब्स प्रेस कर रहा था और उसकी सलवार के ऊपर से उसकी चूत को भी टच कर रहा था. मीना को भी अच्छा लग रहा था.

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फिर तो ऐसी मुलाकातें हमारे बिच में अक्सर होने लगी थी. वो सामने से मुझे बुलाती थी और मैं भी ख़ुशी ख़ुशी उसके बूब्स दबाने और चूत को टच करने के लिए चला जाता था. सच कहूँ तो मीना से ऐसे मिल के आने के बाद लंड को हिलाने में मजा आता था. अब मैं बेसब्री से उस मौके की तलाश में था की जब उसकी चूत को चोद सकूँ!

फिर एक दिन मैंने उस से कहा की हम बिच पर चलते हे. मुझे पता था की जुहू बिच के थोडा आगे एक जगह थी जहां पर कपल के लिए रूम्स मिलते थे. हम लोग बिच पर गए और फिर मैंने उसे किस करना चालू किया और उसके बूब्स भी प्रेस करने लगा. उस दिन उसने सफ़ेद टी शर्ट पहना था और निचे ब्लू जींस. उसके बूब्स बहुत ही टाईट थे और मुझे बहुत मजा आ रहा था उन्हें प्रेस करने में.

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