माँ का भोसड़ा और दादी की गांड चोदी

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम अमन है। दोस्तों यह कहानी घर के चार लोगों की है। दोस्तों जब में 18 साल का था तो मेरे पिता जी की म्रत्यु हो गयी थी। हम लोग ज्यादा अमीर तो थे नहीं हमारे पास थोड़ी सी ज़मीन थी। घर पर में मेरी माँ उनकी उम्र 30 साल मेरी छोटी बहन और मेरी दादी जिसकी उम्र 55 साल। फिर मैंने उस समय अपना स्कूल छोड़ दिया और में भी अपनी माँ के साथ काम करने लगा अपनी छोटी बहन को पढ़ता रहा। में और माँ सुबह उठकर दूध धोहती और उसके बाद हम खेत में काम करने चले जाते। ऐसे ही कब 9 महीने निकल गये मुझे इस बात का पता भी नहीं चला और अब में उम्र बढ़ने के साथ साथ थोड़ा सा सयाना भी हो गया था। मेरी माँ का शरीर भरा हुआ था और उनके बूब्स बड़े बड़े और थोड़ी सी मोटी गांड वो हमेशा साड़ी पहनती थी। वो गर्मियों के दिन थे हम सुबह उठे और दूध निकालने की तैयारी करने लगे। मैंने देखा कि उस समय माँ ने सिर्फ़ पेटीकोट और ब्लाउज ही पहना हुआ था। उसके अंदर ब्रा नहीं पहनी थी जिससे माँ के बूब्स के निप्पल साफ नजर आ रहे थे। अब हम काम करने लगे। माँ उस समय अपने पकड़ो को लेकर बिल्कुल बेफिक्र थी, वो यह सोचती थी कि में अभी छोटा हूँ और हमारे घर पर सिर्फ़ में ही एक मर्द था।

अब ऐसा तो हर दिन होने लगा। एक दिन हम सुबह काम खत्म करके खेत में काम करने चले गये। वहां भी हमने काम किया और दोपहर के समय माँ मुझसे बोली कि चल बहुत हुआ अब थोड़ा सा आराम करते है, यह बात सुनकर में मुहं हाथ धोकर बैठ गया, लेकिन मेरी माँ वहीं पर नहाने लगी और उन्होंने मुझे भी आवाज़ देकर कहा कि में भी नहा लूँ। फिर में भी यह बात सुनकर वहां पर चला गया और तब मैंने देखा कि उन्होंने सिर्फ़ अपने बदन पर साड़ी लपेट रखी थी, जो गीली होने की वजह से जिस्म से चिपक चुकी थी और उनके बूब्स मुझे साफ साफ नजर आ रहे थे, लेकिन मैंने कोई ध्यान नहीं दिया और उन्होंने मुझे अपने पास बुला लिया और फिर मेरे सारे कपड़े उतार दिए जिसकी वजह से में उनके सामने बिल्कुल नंगा खड़ा हुआ था। मेरा लंड करीब पांच इंच का था जो अभी लटका हुआ था। फिर वो मुझे अब नहलाने लगी और नहलाते हुए उनकी साड़ी नीचे उतर गयी, जिससे उनके बूब्स नंगे हो गये और मुझे नहलाते समय गलती से उनका एक हाथ बार बार मेरे लंड पर लग रहा था, जिसकी वजह से कुछ देर बाद मेरा लंड अब खड़ा होना शुरू हो गया और थोड़ी ही देर में मेरा पूरा लंड तनकर खड़ा हो गया और वो बड़े गोर से मेरा लंड देखने लगी। कुछ देर बाद उन्होंने मुझे नहलाकर भेज दिया और वो खुद भी नहाकर जल्दी ही वापस आ गई। फिर उसके बाद हम दोनों ने साथ में बैठकर खाना खाया और अब वो बोली कि में सो रही हूँ। तो मैंने उनको बोला कि आप सो जाए में बाहर बैठा हुआ हूँ, दोस्तों हमने हमारे खेत में एक छोटा सा कमरा बनाया हुआ है। तो में बाहर आकर बैठ गया और थोड़ी देर बाद कमरे से मुझे एक आवाज आने लगी। फिर मैंने अंदर जाकर देखा तो एकदम चकित हो गया, क्योंकि मेरी माँ का एक हाथ अपने पेटीकोट में और अपने दूसरे हाथ से वो अपने बूब्स दबा रही थी। फिर मेरे देखते ही देखते करीब पाँच मिनट में वो शांत भी हो गयी और उसके बाद सो गयी।

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दोस्तों अब ऐसा हर दिन होने लगा, एक दिन खेत पर काम ज्यादा था और गर्मी भी ज्यादा थी वो मुझसे बोली कि चल खाना खाते है। फिर मैंने उनको बोला कि आप खा लो, में कुछ देर के खा लूँगा, उन्होंने जाकर मुहं हाथ धोकर खाना खा लिया और मेरे लिए रख दिया। उसके बाद वो भी काम पर वापस आ गई। फिर करीब आधे धंटे के बाद में मुहं हाथ धोकर खाना खाने चला गया। मैंने कमरे में देखा, लेकिन खाना नहीं था तो मैंने उनसे पूछा कि खाना कहाँ है? तो वो बोली कि कमरे में है उसके बाद वो अंदर आ गई और देखकर बोली कि कोई जानवर ले गया होगा। में तुझे घर से खाना लाकर देती हूँ। फिर मैंने मना किया बोला रहने दो इतनी दूर जाना, कोई बात नहीं और उसके बाद में दोबारा से काम करने लगा और अब करीब दोपहर के दो बज चुके थे इसलिए मुझे तेज भूख भी लगने लगी।

अब वो बोली कि चल थोड़ा आराम करते है हम नहा धोकर बैठ गये और अब मुझे पेट में दर्द होने लगा यह बात मैंने माँ से कहा, वो बोली कि भूख की वजह से हो रहा होगा। फिर उसी समय वो मुझसे पूछने लगी क्या तू दूध पियेगा? मैंने उनसे पूछा कि कहाँ है दूध? उसी समय उन्होंने अपने एक बूब्स पर हाथ रखकर वो बोली चल आ जा। अब में उनके पास चला गया उन्होंने मुझे अपनी गोद में बैठा लिया और अपने ब्लाउज के बटन खोलने लगी। कुछ देर में सारे बटन खुल गये और उनके दोनों बूब्स नंगे होकर मेरे मुहं पर आ गये। अब उन्होंने अपने एक निप्पल को पकड़कर मेरे मुहं में दे दिया, जिसको में चूसने लगा, जिससे रस निकलने लगा। में ज़ोर ज़ोर से चूसने लगा जिससे उनके मुहं से सिसकियों की आवाज़ निकलने लगी और में अपने दूसरे हाथ से दूसरे बूब्स को मसलने लगा। फिर कुछ देर बाद वो बोली कि तू अब लेट जा और में लेट गया। साइड में आकर बूब्स को मुहं में लेकर चूसने लगा, कुछ देर बाद उन्होंने अपना एक हाथ अपने पेटीकोट में डाल दिया और कुछ देर बाद मैंने भी अपना एक हाथ उनके पेटीकोट में डाल दिया।

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