मेरे मंगेतर ने मुझे शादी से पहले ही चोदा और प्रेग्नेंट भी कर दिया

हाय दोस्तों, मेरा नाम महक तिवारी है और मै सुल्तानपुर की रहने वाली हूँ। मेरी उम्र लगभग 20 साल है और मेरा कद 5.5 फीट है। मै की नियमित पाठिका रही हूँ। कोई ऐसी रात नही होती है जब मै इन सेक्सी कहानिओ को न पढूं। कहानी पढ़ते पढ़ते मेरे मन भी एक खुवाहिश थी की मै भी अपनी एक कहानी लिखू जो इस वेबसाइट पर लगे। आज मै आप सभी को अपनी कहानी को बताने जा रही हूँ। मुझे उम्मीद है आप सभी को मेरी कहानी जरुर जरुर पसंद आयेगी। मेरी कहानी तो बहुत पहले से शुरु हो चुकी थी लेकिन बस कुछ नया होने की देरी थी। मै आप को बता दूँ मै देखने में बहुत ही स्मार्ट और काफी सेक्सी हूँ और जो भी मुझे एक बार देखता है वो तो देखता ही रह जाता है। मेरी भी एक आदत है जब मै किसी को पसंद कर लेती हूँ तो मै बिना उसको पाए रह नहीं सकती। बहुत पहले की बात है , जब मै 10 वीं में पढ़ती थी। एक लड़का था जिसको मै बहुत चाहती थी और वो किसी दूसरी लड़की को चाहता था। मैंने उन दिनों का ब्रेकअप करवा कर उससे अपनी सेटिंग कर ली। जब मेरी उससे सेटिंग हो गई तो कुछ दिनों तक चली, एक दिन मै बहुत मूड में थी और मेरे घर पर कोई नही था। मैंने उसको अपने घर बुला लिया और फिर उस रात उसने मेरी खूब चुदाई की। और मेरी चूत को पूरी तरह से मार लिया। वो मेरी पहली चुदाई था, लेकिन मुझे दर्द तो हुआ ही पर मज़ा भी बहुत आया। उसके बाद मैंने उसी लड़के से कई बार चुदवाया और फिर धीरे धीरे मै और बड़ी हुई और मेरी पढाई भी पूरी हो गई। जब मेरी पढाई पूरी हो गई तो मुझे घर से बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिलता था। जिससे मेरा मन किसी से चुदने को करने लगा था। मेरा चुदने का बहुत मूड होता था तो मै अपने कमरे में चली जाती थी और फिर किसी मोटे चीज से अपने चूत में बार बार उसको डालती थी जिससे मुझे चुदाई जैसी फीलिंग आती थी। जब मै बहुत जोश में होती थी तो मै अपने चूत में और भी तेजी से किसी मोटे चीज को डालती थी तो मेरी चूत से कुछ ही देर में पानी निकलने लगता था। जब मेरी चूत से पानी निकलता था तो मुझे बहुत मज़ा आता था। ऐसा लगता था की मेरी चूत से क्या निकल रहा जो मुझे इतना राहत मिल रहा था।
कुछ महीने पहले की बात है, मेरी जवानी को देख कर मेरे घर वाले मेरे लिए लड़का देखने लगे थे। और उनको एक लड़का मिल गया और कुछ दिन बाद वो मुझे देखने के लिए अपने घर वो के साथ में आया। जब वो मेरे घर आया तो मम्मी और पापा बैठे हुए थे उन लोगो ने कुछ देर बातें की फिर पापा ने मुझको बुलाया। मै उनलोगों के लिए चाय लेकर आई, वो लड़का वहाँ बैठ था जिससे मेरी शादी होने वाली थी। मैंने उसको एक नजर देखा और उसने भी मुझको एक नजर देखा वो देखने में काफी स्मार्ट था और उसकी बॉडी को देख कर लगता था की वो जिम करता है क्योकि उसकी बॉडी काफी टाइट थी और शर्ट के ऊपर ही दिख रही थी। आप ये खानी पर पढ़ रहे है। मै भी वहीँ पर बैठ गई, कुछ देर बाद सरे लोग बाहर चले गए। मै उसके साथ में अकेली थी, उसने मुझसे कहा – तुम्हारा नाम क्या है ?? तो मैंने कहा महक और आप का क्या नाम है?? तो उसने बताया कुलदीप। कुछ देर बात करने के बात मैंने उससे पूछा – क्या मै आप को पसंद आई ?? तो उसने कहा – आप को कोई एक बार देख ले तो मना नही कर सकता है तो मै कैसे आप को मना कर सकता हूँ। उसने मुझे अपना नम्बर दिया और मुझसे कहा हमारी शादी पक्की है। मुझसे फोन पर बात कर लेना। मै भी खुश हो गई और मेरे घर वाले ही खुश हो गए।
मैंने उससे बात करना शुरु कर दिया और हमारी शादी भी पक्की हो गई थी इसलिए मुझे कोई डर भी नही था उससे बात करने में। कुछ दिन वैसे बात हो रही थी लेकिन कुछ दिन बाद मै उससे गन्दी गन्दी बाते करने लगी। वो भी मुझसे फोन सेक्स करने लगा। कभी कभी तो उससे बाते करते करते मेरी चूत से पानी अपने आप ही निकलने लगता था। और कुलदीप भी जोश में मुठ मरने लगता था।
एक दिन मै बाजार के बहाने से कुलदीप से मिलने चली गई, उसने मुझे बहुत सामान ले दिया और मेरे लिये अपने पसंद के कलर का पैंटी और ब्रा लिय और मुझे दे दिया और मुझसे कहा – तुम इस में बहुत हॉट लगोगी इसे जरुर पहनना। मैंने उससे ब्रा और पैंटी ले लिया और उससे कहा तुम कोई अच्छी चीज नहीं ला सकते थे। उसने मुझसे कहा क्या हम शादी से पहले कुछ कर सकते है। तो मैंने कहा नहीं वो सब बाद में, पहले शादी फिर और सब काम। मेरा भी मन कह रहा था लेकिन मै मना कर रहा थी। उसने मुझसे फिर कहा – मेरा बहुत मन कर रहा है। तो मैंनेकहा ठीक है। लेकिन कहा करोगे , तो उसने कहा – मेरे दोस्त का रूम है तुम चाहो तो वहां चल सकते है। मेरा भी चुदने का मन था मैंने कहा ठीक है चलो। हम उसके दोस्त के रूम पर पहुंचे। उसने अपने दोस्त को समझाया तो वो घर से बाहर चला गया और कुलदीप ने दरवाज़ा बंद कर लिया। और मुझसे कहा चलो हो जाये एक राउंड। वो मुझ पर टूट पड़ा उसने मुझे कस कर पकड लिया और मेरे होठो को चूमने लगा और मेरे पूरे चहरे पर किस करने लगा था। धीरे धीरे मेरे अंदर की ज्वाला भी भड़कने लगी। मैंने भी कुलदीप को कस कर पकड लिया और उसको चूमने लगी। मैंने उसके होठ को चुमते हुए अपने मुझ में ले लिया और पीने लगी। और जोश में उसके निचले होठो को अपने दांतों से काटने लगी और उससे और भी चिपकने लगी। उसने मुझे किस करते हुए अपने एक हाथ को मेरे टॉप के अंदर डालने लगा और मेरे पीठ को सहलाते हुए वो अपने हाथो को मेरी चूचियो के पास लाने लगा था। और मै भी उसके पीठ को सहलाते हुए उसके होठो को पी रही थी। उसने मेरी चूचियो को अपने हाथ में ले लिया और जोर जोर से दबाते हुए मेरे होठ को काटने लगा और मै धीरे धीरे सिसकने लगी। हम दोनों ही बड़े जोश में आने लगे थे। आप ये खानी पर पढ़ रहे है। वो मेरी बड़ी और काफी मुलायम और चिकनी चूचियो को दबाने लगा था और मै उसके निचले होठो को बार बार काट रही थी।
लगभग 20 मिनट तक मेरे होठो को चूसने के बाद वो मेरे गले को पीते हुए मेरे कान को काटने लगा और धीरे धीरे मेरे गले से नीचे उतरने लगा। वो मेरी चूचियो की तरफ बढने लगा और मेरे चूचियो के बीच में अपने मुह को रगड़ने लगा। मै काफी कामातुर हो गई थी और मदहोश हो रही थी। उसने पहले मेरे टॉप को निकल दिया और फिर मेरे जीन्स को भी निकाल दिया। उसने अपने कपडे भी निकल दिए और मेरे ब्रा को पकड लिया और मेरे ब्रा के अंदर अपने हाथ को डाल कर मेरी चूचियो को मसलने लगा। मुझे भी मज़ा आ रहा था, कुछ देर बाद उसने मेरा ब्रा निकाल दिया और मेरी गोरी गोरी चूचियो को निहारते हुए मेरे मम्मो को दबाने लगा और फिर कुछ ही देर में उसने मेरे मम्मो को अपने मुह में ले लिया और बच्चो की तरह मेरी चूचियो को पीने लगा। वो मेरी चूचियो को दबा दबा कर पी रहा था और मेरे मम्मो के काले और हलके भूरे निप्पल को अपने दुसरे हाथो से सहलाते हुए गोल गोल कर रहा था जिससे मै और भी मदहोश हो रही थी। वो मेरी चूचियो को बड़ी तेज तेज से खीच खीच कर पी रहा था जिससे मै “आआआआअह्हह्हह..ईईईईईईई.ओह्ह्ह्हह्ह.अई..अई..अई..अई..मम्मी…” करने लगी थी। लेकिन फिर भी वो मेरी चूचियो को मस्ती से पी रहा था। कभी कभी तो इतने जोश में आ जाता था की बहुत जल्दी जल्दी मेरे मम्मो को पीने लगता था जिससे उसके दांत मेरी चूचियो में लग जाते थे।
बहुत देर तक मेरे मम्मो को पीने के बाद उसने वो अपने हाथो को मेरे पूरे शरीर पर सहला रहा था और कुछ ही देर बाद उसने मेरी चूत को भी सहलाना शुरु कर दिया। उसने कुछ देर तक तो मेरी पैंटी पर ही मेंरी चूत को सहलाता रहा और फिर कुछ देर बाद उसने मेरी पैंटी को भी निकाल लिया और मेरी चूत को भी सहलाने लगा। जब उसने मेरी चूत में हाथ लगी तो मै तो मचल गई और अपने मम्मो को सहलाने लगी। कुछ ही देर में कुछ ही देर में उसने मेरी चूत को सहलाते हुए उसमे अपनी उंगलियो को डालने लगा जिससे मै बहुत ही कामोत्तेजित होने लगी, वो अपनी उगालियो को मेरी चूत में इस तरह से डाल रहा था जैसे कोई गीली चीज में जल्दी जल्दी अपनी उंगलियो को डाल रहा हो। मै तो धीरे धीरे .. अहह हहह ओह ओह्ह्ह्ह्ह ओह्ह्ह ऊह उफ्फ़ उफ्फ्फ्फ्फ़ .. करके सिसकने लगी थी। लेकिन मुझे बहुत मजा भी आ रहा था। कुछ ही देर में वो अपने उंगलियो से मेरी चूत को फैला कर अपने जीभ से चाटने लगा था और साथ साथ मेरी चूत में उंगली भी कर रहा था जिससे मै बहुत ज्यादा मचल कर तड़प रही थी और कुलदीप मज़े लेते हुए मेरी चूत को चाटने के साथ उंगली भी कर रहा था और मै ..उनहू उनहू उनहू . अहह अहह उफ्फ़ उफ़ उफ़ करके धीरे धीरे चीख रही थी। लगातार मेरी चूत में उंगली करने से मेरी चूत तड़प गई और मेरी चूत से धीरे धीरे पानी निकलने लगा। वो मेरी चूत में उंगली करे कि रफ़्तार और तेज कर दी जिससे मेरी चूत से तेजी से पानी निकलने लगा। वो जितनी तेज उंगली करता मेरी चूत से उतना ही पानी निकलता।
मेरी चूत से पानी निकलने ले बाद उसने अपना लंड बाहर निकाला, उसका लंड काफी बड़ा था मै तो देख कर ही डर गई देखने मे इतना बड़ा है जब चोदेगा तो मेरी चूत तो फट जायेगी। आप ये खानी पर पढ़ रहे है। कुछ देर बाद उसने अपने लंड को मेरे हाथो में रख दिया और मैंने उसके लंड को पकड लिया और चूसना शुरू कर दिया जिससे वो बहुत ही जोश से तड़पने लगा था। मै उसके लंड को काट काट कर चूसने लगी जिससे वो और भी मचल रहा था।
बहुत देर तक उसके लंड को चूसने के बाद उसने अपने लंड को मेरे मुह से निकाल लिया और मेरी चूत में रगड़ने लगा। उसके लंड के रगड़ से मेरी चूत में बहुत दर्द हो रहा था, कुछ देर बाद उसने अपने लंड को जोर से ताकत लगा के मेरी चूत में डाल दिया। जब उसका लंड पहली बार अंदर गया तो मेरी मुह से चीख निकाल पड़ी क्योकि बहुत दर्द हो रहा था। वो मुझे चोदने की रफ़्तार धीरे धीरे बढ़ाने लगा और अपने लंड को जल्दी जल्दी मेरी चूत में डालने लगा, जिससे उसके मोटे लंड से मेरी चूत की दीवार में एक रगड़ पैदा हो रही थी और मेरी चूत के एक अजीब दर्द हो रहा था लेकिन मज़ा भी आ रहा था। लेकिन जब कुछ देर बाद वो मुझे बहुत तेजी से चोदने लगा तो मेरी चूत तो फटने लगी और मै जोर जोर से . “.आह आःह्ह्ह हा हह उफ़ उफ्फ्फ …मम्मी.मम्मी..सी सी सी सी.. हा हा हा …ऊऊऊ ..ऊँ..ऊँ.ऊँ.उनहूँ उनहूँ..ही ही ही ही ही…अहह्ह्ह्हह उहह्ह्ह्हह.. उ उ उ.प्लीसससससस….प्लीसससससस, उ उ उ उ ऊऊऊ ..ऊँ..ऊँ.ऊँ. माँ माँ..ओह माँ.. बहुत दर्द हो रहा है.. आराम से” कुछ देर बाद जब मेरी चूत से गीला और चिपचिपा पदार्थ निकला और वो कुलदीप के लंड में पूरी तरह से लग गया। जिससे उसके लंड से मेरी चूत में ज्यादा रगड़ नही हो रही थी और वो भी काफी जोश में मेरी चुदाई करने लगा था। मुझे भी मज़ा आ रहा था, कुछ देर बाद कुलदीप ने मुझे अपनी गोदी में उठा लिया और अपने लंड को मेरी चूत में लगा कर मुझे गोद में लिए हो चोदने लगा। वो लगातार मेरी चुदाई किये जा रहा था और मै भी मज़े से अपने चूत को चुदवा रही थी। कुछ देर बाद कुलदीप मुझे इतनी तेजी से चोदने लगा की ऐसा लगा जैसे कोई मशीन चल रही हो।और कुछ ही देर में उसने मेरी चूत में झड दिया। उसे लगा की उसने अपना लंड बाहर निकाल लिया है लेकिन उसके माल मेरी चूत में गिर गया था।
उस दिन चुदाई के बाद मै घर चली आई लेकिन कुछ दिन बाद पता चला मै प्रेग्नेंट हूँ। तो मैंने कुलदीप से कहा – उसने कहा अबोसन करवा लो। मै अपने बच्चे का अबोशन नही करवाना चाहती थी। इसलिए मैंने मना कर दिया। मैंने पूरी बात अपने और उसके घर वालो को बताया। घरवालो ने मिलकर मेरी शादी जल्दी करवा दिया। आप ये खानी पर पढ़ रहे है।

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