मेरा नाम तुषार है. मैं पुंजब का 19 साल का लड़का हू. मेरे घर में मम्मी पापा और मेरी बड़ी बेहन रहते है. मेरे पापा मंक में काम करते है, तो मोस्ट्ली बाहर ही रहते है. वो हफ्ते में 1-2 दिन ही घर आते है और फिर चले जाते है.
मेरी मम्मी ज्योति जो की बहुत सेक्सी है, जिनकी पेयर शेप बॉडी है. मोटे बूब्स है उनके, और गंद इतनी सेक्सी की दिल करता है वहीं चाट लू, खा जौ, छोड़ डू. तो चलिए कहानी शुरू करते है.
ये बात कुछ महीने पहले की है, जब मेरा मम्मी के लिए इन्सेस्ट शुरू हुआ. 1 दिन मैं कॉलेज से आया और सीधा घर के अंदर आ गया. मम्मी को पता नही चला की मैं आ गया था. मैं उनसे मिलने गया तो देखता ही रह गया. वो अभी बातरूम से बाहर आई थी, बिल्कुल नंगी.
क्यूंकी घर पे कोई नही था, तो वो ऐसे ही गाते खोल के नंगी आ गयी अपने रूम में. बातरूम अटॅच है हर रूम से हमारे घर में. मेरा लंड खड़ा हो गया. मैने अपना फोन उठाया और उन्हे रेकॉर्ड करने लगा.
उन्होने पहले पिंक कलर की ब्रा पहनी, और फिर पिंक पनटी. दोस्तों जब मैने उनकी नंगी गंद देखी सच में मॅन कर रहा था की छोड़ डू. लेकिन मैने कंट्रोल किया. बूब्स नही देख पाया, लेकिन पीछे से सब देख लिया. जब उन्होने सारे कपड़े पहन लिए, मैं जल्दी से अपने रूम में आ गया. फिर अपने बातरूम में जाके पहली बार अपनी मम्मी के बारे में सोच के मूठ मारने लगा.
तो दोस्तों मैं आपको अपनी इमॅजिनेशन भी बताता हू. मैं सोच रहा था की मम्मी ने मुझे उन्हे रेकॉर्ड करते हुए पकड़ लिया, और बाहर आई ऐसे ही नंगी. फिर मुझे मेरे खड़े लंड से पकड़ कर अंदर ले गयी, और पूछा-
मम्मी: छोड़ना है मुझे?
और सीधा मेरा बॉक्सर नीचे करके लंड चूसने लगी.
मैने कहा: मम्मी मैं झड़ने वाला हू.
तो उन्होने सारा माल अपने चेहरे पे लिया और माल लिया. इतना सोचते ही मेरा काफ़ी माल निकल गया, इतना की मेरी मम्मी का सारा चेहरा और बूब्स मेरे माल से कवर हो जाते.
मैं बाहर आया तो वो किचन में थी. अब मैं उनको छोड़ने की नज़र से देखने लगा. अगले काई महीने मैं उनके नाम की रोज़ मूठ मारता रहा उन्हे नंगा देख-देख कर.
1 दिन मैने सोचा क्यूँ ना आज रात उनके साथ सो कर कुछ किया जाए. तो मैने उनको बहाने बना के उनके रूम में आ गया. जब मैने देखा की वो सो गयी, तो मैने सोचा क्यूँ ना कुछ कर लू. लेकिन बहुत दर्र भी लग रहा था.
मैने पहले अपने सारे कपड़े उतारे और नंगा हो गया. उन्होने नाइट सूट पहना हुआ था, तो मैं नाइट सूट के उपर से ही उनकी मोटी गंद पे अपना लंड रगड़ने लगा. फिर थोड़ी हिम्मत करके उनके नाइट सूट के बटन खोल के बूब्स पर हाथ लगाया.
जब मेरा निकालने वाला था, मुझमे पता नही कैसे एक-दूं से इतनी हिम्मत आई और मैने पाजामा नीचे करके पनटी के उपर सारा माल उनकी गंद पर निकाल दिया. मुझे बहुत मज़ा आया. फिर मैने सारा माल उनकी गंद पर माल दिया, और अपनी उंगली पे जो लगा था वो उनके लिप्स पे लगा दिया.
सुबा उठा तो सब नॉर्मल था. उन्हे कुछ भी नही पता चला और मैं सोच के खुश हो गया की उन्होने लिप्स से मेरा माल चख लिया होगा. फिर दोस्तों मैं कभी अगर मम्मी पानी मांगती, तो ग्लास में पानी डाल के फिर अपना लंड डालता था आचे से. पूरा लंड ग्लास में डालता था, ताकि उन्हे लंड का स्वाद भी आए. फिर मैं उन्हे पानी देता. पता नही क्यूँ मुझे इसमे बहुत मज़ा आता था.
फिर कुछ हफ्तों बाद मैं फिर से उनके साथ सोया रात में. उसके बाद जो मैं करने आया था शुरू कर दिया. लेकिन इस बार मैं और आयेज बढ़ना चाहता था. तो पहले मैं खुद पूरा नंगा हो गया. फिर मैने मम्मी का पूरा लोवर उतार दिया और गंद बिल्कुल नंगी कर दी.
आयेज से मैने फुददी देखी तो वो बिल्कुल क्लीन शेव थी. मैने उसपे अपना हाथ फेरा. फिर मैने उनकी गांद को फैलाया और च्छेद पे अपना लंड रगड़ना शुरू कर दिया. क्या मज़ा आ रहा था दोस्तों. मेरे मूह से तो आ निकल गयी. साथ में मैं उनकी गंद हल्की-हल्की मसल रहा था.
फिर मैने जब देखा उन्हे कुछ फराक नही पद रहा था. तो मैने उनके नाइट सूट के सारे बटन खोल दिए, और ब्लॅक ब्रा में से बूब्स निकाल कर निपल पर जीभ फेरने लगा. उनके निपल्स ब्राउन थे और बूब्स बहुत गोल और बड़े थे. बहुत मज़ा आया.
मैने अपना लंड भी उनके ब्राउन निपल्स पर रगड़ा. मेरी हिम्मत इतनी बढ़ गयी की मैने अपना लंड उनके लिप्स पर रगड़ना शुरू कर दिया. दोस्तों इतना अछा एहसास था शब्दों में कैसे बतौ? मेरा बहुत सारा प्रेकुं उनके लिप्स पर लगा, और आयेज जो हुआ जो मैने सोचा भी नही था.
मम्मी ने अपना मूह खोला और मेरा पूरा लंड अपने हाथो की मदद से मूह में ले लिया. मैं हैरान हो गया. मम्मी की तरफ देखा तो उनकी आँखों में चुदाई का नशा दिख रहा था. उन्होने मेरा लंड मूह से निकाला और कहने लगी-
मम्मी: बेटा ऐसे रग़ाद-रग़ाद के कब तक अपना माल निकालता रहेगा? मेरे मूह में डाला कर ना अपना माल (और सेक्सी स्माइल देने लगी).
उन्होने बोला: मैं इंतेज़ार कर रही थी कब तू मेरे चेहरे पे माल निकालेगा, तब तुझे पाकडूँगी. फिर चुदाई करने दूँगी. लेकिन तू तो मेरी गंद पे ही निकालता रहता है. इतनी पसंद है अपनी मम्मी की गंद?!
मैं: मम्मी आप हमेशा जागी होती थी?!
मम्मी: हा बेटा, तेरे लंड के एहसास को एंजाय करती थी, जहाँ से निकला है वहीं अपना लंड डालना चाहता है बदमाश!
मैं हल्का सा हासणे लगा: तो मम्मी आपको बुरा नही लगा?
मम्मी: मुझे पता है ये ग़लत है. तूने भी ये एक्सपेक्ट नही किया होगा. लेकिन तेरे पापा पूरा हफ़्ता बाहर रहते है, और जब आते है 1-2 दिन के लिए तो तक कर आते है और आराम करने लगते है. मुझे कितने समय से नही छोड़ा उन्होने. लेकिन जब तूने ऐसा किया तो मैने सोचा अगर तू ऐसा करना चाहता है तो तेरी मदद कर देती हू मैं (और हासणे लगी).
मैं: तो मम्मी आप मुझे छोड़ने दोगे ना?
मम्मी: क्यूँ नही बेटा, आज तो तेरे लंड को पूरा सुख दूँगी मैं.
ये कहते हुए मम्मी मेरा लंड सहलाने लगी.
इसके आयेज क्या हुआ, वो आपको अगले पार्ट में पता चलेगा.