मा बेटे ने हाइवे पर करी चुदाई

हम ड्राइव करते हुए सिटी से बाहर हाइवे पर जेया चुके थे इसलिए कोई ट्रॅफिक नही था. तभी उन्होने मेरे करीब आकर मेरी जीन्स की ज़िप खोल दी.

नील: आप क्या कर रही हो?

मम्मी ने कोई जवाब नही दिया और लंड बाहर निकाला और उसे सहलाने लगी.

नील: अरे मम्मी बताओ ना क्या करने वाली हो.

मम्मी ने लंड को थोड़ी देर हिलाया और उन्होने नीचे झुक के झट से उसे अपने मूह मे लिया. मेरी बॉडी मे ज़ोर से करेंट लगा. मैं उनकी हरकत को सॅटिस्फाइ नही कर पा रहा था. क्यू के अब तक मम्मी ने ऐसी कोई हरकत नही की थी. लेकिन अब ये देखकर लग रहा था के आयेज बहुत कुछ होने वाला है.

उन्होने लंड को होंठों मे पकड़ के चूसना शुरू किया जिससे मेरी सिसकारियाँ निकालने लगी. उन्होने झट से गाड़ी मे चल रहे सॉंग्स को बंद कर दिया जिससे अंदर सिर्फ़ लंड चूसने की आवाज़े सुनाई दे रही थी. मेरा लंड धीरे धीरे करके सख़्त होने लगा था. मम्मी बहुत जोश मे आ गयी और उन्होने लंड को अंदर बाहर करते हुए चूसना शुरू किया. अब मुझे बहुत दिक्कत हो रही थी गाड़ी चलाने मे. मम्मी मेरे दोनो पैरो के बीच मे सिर रख के लंड चूस रही थी जो मुझे जन्नत की सैर करवा रहा था. हाइवे पर था इसलिए गाड़ी भी रोक नही सकता था. मेरा कॉन्सेंट्रेशन डिसट्रॅक्ट हो रहा था.

उन्होने लंड की स्किन को पिच्चे सरका दिया और झट से उसे मूह मे लिया. मेरी ज़ोर से सिसकारी निकल गयी. ये सुनकर उन्हे बहुत मज़ा आ रहा था. मैने एक हाथ उनके सिर पर रखा और बालो को सहलाने लगा. मम्मी ने अपनी जीभ निकल के लंड को चाटने लग गयी. अब मुझसे बर्दाश नही हो रहा था इसलिए मैं उनका नाम लेकर ज़ोर ज़ोर से चिल्ला रहा था. मम्मी अपने सिर को ज़ोर ज़ोर से उपर नीचे करके अपना मूह छुड़वा रही थी. 10 मीं के ब्लोवजोब के बाद मेरे लंड से जोरदार पिचकारी निकली जिसे मम्मी का पूरा मूह कम से भर गया और वो उसे पीने लगी. मेरी आँखें बंद हो चुकी थी उनके ब्लोवजोब की वजह से.

मम्मी काफ़ी देर लंड को चूस के सॉफ करने मे लगी हुई थी. फिर उन्होने लंड को बाहर निकल के जीन्स मे डाल दिया और ज़िप बंद करके अपनी सीट पर बैठ गयी.

नील: आहह मम्मी आप ने तो मेरी जान ही निकल दी

वो मुझे देखकर हासणे लगी. उन्होने ग्लूब बॉक्स मे टिश्यूस लिए और खुद को सॉफ करने लगी.

मम्मी: उम्म 3 दिन से ये करने की बड़ी इक्चा हो रही थी लेकिन तुम हो के माना कर देते थे. इसलिए यही मौका था.

नील: मुझे आप से ये बिल्कुल एक्सपेक्टेड नही था… बुत मुझे बहुत पसंद आया.

मम्मी: ह्म तुम्हारी जेनरेशन को ऐसी सरप्राइज़स बहुत पसंद आती है. मैं भी सिख रही हूँ ये आदत.

नील: ह्म आप को पता है इस मामले मे निधि और आप एकदम सेम है.

मम्मी: वो कैसे?

नील: वो भी आप की तरहा ही है. आज कल उसका जब भी मॅन कर रहा है वो मेरा लंड चूसने लग जाती है.

मम्मी (हेस्ट हुए): सच मे?

नील: हन.

मम्मी: तुम्हारा लंड बहुत टेस्टी है… मुझे पहले ये गंदा लगता था लेकिन जब पहली बार किया तब से इसकी लत लग गयी है.

नील: ह्म अब अगले 3 दिन ह्यूम यही करना है.

ये सुनकर मम्मी बहुत खुश हो गयी. देखते ही देखते हम रिज़ॉर्ट पहुँच गये. रिज़ॉर्ट एकदम बढ़िया था. वहाँ स्विम्मिंग पूल, जिम, गार्डेन, पब, एट्सेटरा सब कुछ था. ये देखकर मम्मी बहुत एग्ज़ाइटेड थी. उन्होने मेरा हाथ पकड़ा और कहने लगी.

मम्मी: मैं बहुत लकी हूँ. अपने पहले हनिमून पर पति के साथ आई थी और दूसरी बार बेटे के साथ.

नील: और मैं भी लकी हूँ जो मुझे आपके साथ हनिमून पर आने का चान्स मिला.

मम्मी: हॅट पागल… ये चान्स नही है. ये तो लाइफ टाइम ऑपर्चुनिटी है तुम्हारे लिए. चान्स उसे कहते है जो एक ही बार मिलता है. लेकिन तुम्हे तो मैं रोज मिलती हूँ ना.

फिर हम दोनो एक दूसरे को देखकर हासणे लगे..

हम रिज़ॉर्ट के रिसेप्षन पर गये जहाँ रिसेप्षनिस्ट और मॅनेजर दोनो थे. उन्होने हुमारा वेलकम किया और हुमारी तारीफ भी की के हम दोनो साथ मे बहुत अकचे लग रहे है. मम्मी ने खुशी मे मेरा हाथ कस के पकड़ा हुआ था इसलिए उन्होने कहा

रिसेप्षनिस्ट प्रिया: सिर आप दोनो की लोवे मॅरेज है ना?

मम्मी ने खुश होकर मेरी तरफ देखा और कहा.

मम्मी: हन आपको कैसे पता चला?

प्रिया: मा’आम आप ने सिर का हाथ इतने ज़ोर से पकड़ा हुआ है.

मम्मी (हेस्ट हुए): ओह एस्स एस्स एस्स.

फिर उन्होने सेरवेंट्स से कहकर लगेज को हुमारे रूम की तरफ ले गये और हम उनके पिच्चे चले गये. वो थोड़े आयेज चले जिससे हम दूसरी लिफ्ट मे चले गये. लिफ्ट खाली थी इसलिए अंदर जाने के बाद लिफ्ट का डोर बंद होते ही मैने मम्मी को कोने मे ले गया और उनके उपर टूट पड़ा. उनकी गर्दन को हाथ मे पकड़ के उनके होंठों को चूसने लग गया. वो सिसकारियाँ लेते हुए मुझे ज़ोर से हग कर लिया. काफ़ी देर तक हम एक दूसरे मे खोए हुए थे. जैसे ही दरवाजा खुलने लगा तो हम नॉर्मल हो गये. लिफ्ट हुमारे फ्लोर पर आते ही हम रूम की तरफ चले गये.

वहाँ ऑलरेडी सेरवेंट्स हुमारा लगेज लेकर रूम के अंदर खड़े थे. हम अंदर गये तो देखा रूम पूरी तरहा से सज़ा हुआ था. कमरे मे हर जगह फूल लगे हुए थे और हनिमून कपल लिखा हुआ था. हर जगह हार्ट शेप्ड बेलून्स भी थे ये देखकर हम दोनो बहुत खुश थे. मम्मी रूम देखने लगी तो मैने उन्हे पैसे दिए और वो चले गये. उनके जाते ही मैने दरवाजा लगा दिया.

मम्मी: वाउ कितना खूबसूरत है ना ये सब?

नील: हन.

मम्मी: काफ़ी सालो बाद ये सब मेरे लिए हुआ है.

नील: हन और इस बार पहले से अक्चा होने वाला है.

ये सुनकर उन्होने मुझे ज़ोर से हग किया. उनके बूब्स मेरे चेस्ट मे डब चुके थे. मैने उनकी गांद पर हाथ रखा और सहलाने लगा. मम्मी काफ़ी देर तक मेरी बाहो मे थी. उनके बूब्स इतने मुलायम थे के मुझे उन्हे खुद से अलग करने का मॅन ही नही हो रहा था.

मुझे एक कॉल आया जिसपर मैं बात करने लगा तो मम्मी बाल्कनी मे चली गयी. कॉल ख़तम होने पर मैं भी बाल्कनी मे चला गया. बाल्कनी से रिज़ॉर्ट का पूरा नज़ारा दिख रहा था. स्विम्मिंग पूल मे सब लोग एंजाय कर रहे थे जिनमे से काफ़ी कपल्स थे जो एक दूसरे मे लगे हुए थे. ये देखकर मैने मम्मी की कमर मे हाथ डाल के उन्हे पिच्चे से हग किया.

मम्मी: मुझे बहुत मज़ा आ रहा है यहाँ.

नील: इतनी जल्दी? अभी तो कुछ किया भी नही.

मम्मी: धात्ट बदमाश…

नील: ये स्विम्मिंग पूल देखकर मुझे कुछ याद आ गया.

मम्मी: क्या?

नील: कुछ दिन पहले हम शाम को हुमारे टेरेस के पूल मे नंगे थे.

मम्मी (शरमाते हुए): हन जहाँ तुमने मुझे पागलो की तरहा छोड़ा था.

नील: हन. आप बहुत खूबसूरत लग रही थी तो मुझे कंट्रोल ही नही हुआ.

मम्मी: कंट्रोल करने की कोई ज़रूरत भी नही है. फीलिंग्स को दबाकर मत रखो उन्हे एंजाय करो.

नील: अक्चा जी… तो हम एंजाय करे?

मम्मी: क्या?

इतना बोल के मैने उन्हे अपनी तरफ घुमाया और फिर से उनके गुलाबी होंठों को चूसने लगा. मम्मी भी शरमाते हुए धीरे धीरे मेरे होंठ चूस रही थी. हम दोनो काफ़ी देर तक लगे रहे. बस एक दूसरे से अलग होना नही चाहते थे. सारी मे उनकी खूबसूरती गजब ढा रही थी. मैने उन्हे अपनी गोद मे उठाया और बेडरूम मे ले गया. बेड के साइड मे बहुत सारे कॉनडम्स रखे हुए थे जिसे देखकर हम दोनो हासणे लगे.

मम्मी (शरमाते हुए): ये सब देखो… अब इन्हे कौन समझाए हुमारे रिश्ते के बारे मे.

नील: समझने वाला कोई नही है इसलिए रहने दो हम सिर्फ़ एक दूसरे मे ही खो जाते है.

मम्मी: ठीक है… जैसा आप कहे.. मेरे पातिदेव.

नील: हाई ये शब्द आपके मूह से सुनकर मेरा लंड फॅट जाएगा.

मम्मी: अरे नही नही… ऐसा कुछ नही होगा. मैं उसे बहुत प्यार करूँगी. उसे खुश रखना ही मेरा धर्म है.

नील: ह्म इन्न 3 दीनो मे मैं आपके सारे च्छेद मे लंड डाल के आपकी चीखे निकलना चाहता हूँ.

मम्मी (शरमाते हुए): आहह पिच्चे तोड़ा दर्द होगा ना… लेकिन दूसरी बार हनिमून पर आई हूँ. दर्द नही होगा तो हनिमून किस बात का.

नील: वाहह क्या बात है!!

इतना बोल के मैने उन्हे बेड पर लिटा दिया. वो बिल्कुल किसी कामदेवी जैसी हॉट लग रही थी. मैं उनके उपर आ गया और उन्हे हर जगह चूमने लगा. धीरे धीरे करके उनके बदन के हर हिस्से को चूमने लगा. कुछ देर बाद मैने उनकी सारी को उपर उठा दिया जिससे उनके गोरे चिकने लेग्स नंगे हो गये. उन्हे देखकर लग रहा था के मम्मी ने कल ही क्लीन किया था.

नील: लगता है आप ने कल ही सारी तैयारी कर ली थी.

मम्मी ने मुझे बेड पर खीच के लिटा दिया और खुद मेरे उपर आकर लेट गयी.

मम्मी: हन… मुझे पता है मेरा बेटा मुझे जनवरो की तरहा प्यार करेगा इसलिए तुम सब पसंद आए इसलिए रेडी कर लिया.

नील: अक्चा जी.

मम्मी: हन जी.

मैने उन्हे फिर से पकड़ लिया और उनका पल्लू गिरा दिया और उनकी गर्दन, बूब्स के पास हर जगह चूमने लगा. मम्मी हास रही थी और मैं उन्हे प्यार कर रहा था. हम सिर्फ़ रोमॅन्स कर रहे थे. चुदाई के लिए बहुत वक़्त पड़ा था. कभी मैं उनके उपर था तो कभी वो मेरे उपर थी इस तरहा हम एक दूसरे मे खोए हुए थे.

अचानक से वो मेरे उपर आ गयी और उन्होने मेरे हाथ पकड़ के किस करना चालू कर दिया. काफ़ी देर तक हम एक दूसरे की आँखों मे देखकर चूम रहे थे. हम दोनो के होंठ लार से भीग चुके थे. फिर हम अलग हुए लेकिन मम्मी मेरे उपर ही थी और उन्होने मेरे हाथों को पकड़ रखा था. उनके बालो की लत उनके चेहरे पर आ गयी थी जो बेहद खूबसूरत लग रही थी.

नील: आपको हुमारे रिश्ते मे कुछ ग़लत नही लगता.

मेरा सवाल सुनकर वो थोड़ी सी सीरीयस हुई और कहने लगी.

मम्मी: सीरियस्ली अब मैं इसके बारे मे नही सोचती… शुरुवत मे बहुत सोचती थी और उससे मेरा दिमाग़ खराब हो जाता था. लेकिन जब मैने वो सोचना छ्चोड़ दिया तब मेरी ज़िंदगी ही बदल गयी.

नील: कैसे.

मम्मी: इस रिश्ते से पहले मेरी लाइफ बहुत सिंपल थी. तुम्हारे पापा की तरहा मैं भी हुमारे बिज़्नेस को संभालना चाहती थी बुत फिर मैने तुम्हारे और निधि के बारे मे सोचा और वो आइडिया ड्रॉप किया. फिर मेरी ज़िंदगी सिर्फ़ तुम तीनो मे ही थी. तुम, निधि और तुम्हारे दाद. काफ़ी सालो तक मैं खुश थी लेकिन जैसे जैसे उमर बढ़ रही थी मुझे अकेलापन महसूस होने लगा था. इस अकेलेपन मे मैं खुद को खुशी देने मे खो गयी. और इसी बीच मैं अपनी कांवासना से फिर से जुड़ गयी.

नील: अक्चा.

मम्मी: हन. मुझे हर वक़्त चूड़ने की इक्चा होने लगी थी. तुम्हारे दाद मेरी हर इक्चा पूरी करते थे और ये भी कर रहे थे लेकिन मुझे वो हुमारी जवानी वाली मस्ती को बहुत मिस कर रही थी. और उसके बाद मैं बहुत परेशन रहने लगी थी. तुम सब के साथ खुश रहती लेकिन अकेले मे फिर से वही सब दिमाग़ मे चल रहा था

नील: फिर.

मम्मी: फिर क्या… एक दिन तुम आ गये मेरे पास वो गफ़ ब्फ वाला आइडिया लेकर. और पहले मुझे ठीक नही लगा बुत बाद मे मज़ा आने लगा. वो वाइब मिल रही थी रिलेशन्षिप वाली. मैं तुमसे प्यार तो करती थी मा जैसा लेकिन उस रिलेशन्षिप मे मुझे बहुत कुछ साँझ आया. तुमसे भी बहुत कुछ सीखने को मिला. और पता ही नही चला के तुम्हे कब पसंद करने लगी.

मम्मी: और तुमने उसमे धीरे धीरे रोमॅन्स का तड़का लगा दिया जिससे वो और गहरा होता चला गया जिसने मुझे बाँध के रखा. मैं चाहती तो भी उसे माना नही कर पा रही थी.

मम्मी ने मुझे हर जगह किस करते हुए मेरे बालो को सहलाना शुरू किया.

नील: और जब हुमारी पहली किस हुई तब?

मम्मी: अफ वो पल बेहद खूबसूरत था. मैने उससे पहले कभी उतनी डीप किस नही की थी. तुमने वो झट से किया था जिससे मुझे कुछ पता नही चला और जब पता चला तब तक मुझे वो पसंद आ चुका था इसलिए मैं उसमे खो गयी. फिर पता चला के तुम मुझे छोड़ना चाहते हो. अचानक से मैं रुक गयी. मुझे रात भर नींद नही आ रही थी. तुम ही मेरी दुनिया थे और ये प्यार जब इस तरहा बदल जाएगा तब आयेज क्या होगा ये सोचने लगी.

नील: ह्म.

मम्मी: तुम इतने ज़िद्दी थे के मानने वेल नही थे. तुमने जैसे तैसे करके मुझे राज़ी कर लिया इन सब के लिए. जब पहली बार तुमने मुझे बारिश की रात मे गाड़ी मे छोड़ा था तब तुम्हारे प्यार मे पद गयी. तुमने उस रात मुझे इतना प्यार किया जिसके लिए मैं तरस रही थी.

नील: हन मुझे याद है. आपकी सिसकारियों की आवाज़े बहुत तेज थी.

मम्मी: हन तुमने मुझे इतना सिड्यूस करके छोड़ा था के मेरे पास कोई ऑप्षन ही नही छ्चोड़ा. जब पहली बार तुम्हारा लंड देखा तो बस पागल हो गयी उसे देखकर. यकीन नही हो रहा था के मेरे बेटे का लंड इतना लंबा और मोटा है जो मेरे लिए इतना पागल है. बस वो देखने के बाद मैने बाकी सब सोचना बंद किया और पहली बार अपने छूट की सुनी.

नील: आपको कैसा लगा जब पहली बार मैं आपको छोड़ रहा था.

मम्मी: अफ पुच्च्ो मत.

नील: प्लीज़ बताओ ना.

मम्मी: ठीक है. पहली बात तो मैं एक गाड़ी मे थी जिसमे आज तक कभी मैने किस भी नही की थी. तो मेरे लिए ये सबसे अलग और बेस्ट एक्सपीरियेन्स था. जब तुमने मेरे कपड़े उतरने शुरू किए तो मैं शरम से पानी पानी हो चुकी थी.

नील: हन और आपको शरमाते हुए देखकर मैं और ज़्यादा पागल हो रहा था.

मम्मी (हेस्ट हुए): पता है! तुम भी ना बहुत बोल्ड हो. तुमने वो माहॉल इतना रंगीन बना दिया के मैं काई बार वो सब याद करके झाड़ जाती हूँ. मेरी ज़िंदगी का सबसे बेस्ट सेक्स था वो.

नील: मेरा भी.

मम्मी: तुम्हारा लंड जब पहली बार मेरे अंदर चला गया तो बहुत दर्द हुआ. ऐसा लगा जैसे आज मेरी छूट फाड़ दोगे तुम. मैं रोने लगी थी लेकिन तुमने मुझे इतना अकचे से संभाला के मुझे बहुत अक्चा लगा. फिर बस मैं भूल ही गयी थी के तुम मुझे छोड़ रहे हो. मैं सिर्फ़ तुम्हारा साथ देते हुए छुड़वा रही थी.

नील: बारिश की वजह से आप बहुत भीग चुकी थी उस सारी मे. इसलिए आप बहुत हॉट लग रही थी. मैं बहुत पहले से आपको छोड़ने का सोच रहा था लेकिन आपको भीगते हुए देखने के बाद मुझसे रहा नही गया और बस हो गया.

मम्मी: ह्म अब मुझे कभी अकेला फील नही होता. मेरी नीड्स को तुम बहुत अकचे से सॅटिस्फाइ कर देते हो. कभी कभी तो हद से ज़्यादा छोड़ते हो फिर बदन दर्द करने लगता है लेकिन उस प्यार के सामने वो कुछ भी नही लगता

नील: मैं आपको जब भी देखता हूँ तो मेरा मॅन करता है के हम दोनो इस बेडरूम मे रहे और दिन रात मैं आपको प्यार करता राहु. योउ नो आपकी कामुक आवाज़ो वाली सिसकारियाँ सुनने मे बहुत मज़ा आता है. मेरा जोश बढ़ जाता है.

मम्मी: मुझे पता है… और मैं दोनो तरफ से तुमसे प्यार करती हूँ. एक मा के हिसाब से और एक गफ़ के हिसाब से भी. तुम्हारी चिंता भी है और तुमसे छुड़वाने की हवस भी.

इतना बोल के उन्होने मेरी गर्दन को अपनी जीभ से चाटना शुरू कर दिया और मैं लेते हुए सिर्फ़ आहह आहह वाली आवाज़े निकल रहा था.

तो बे कंटिन्यूड…

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