लंड का पानी पिलाने का पहला एक्सपीरियेन्स

हेलो मेरा नाम ज़ीया है, और मैं कोलकाता का रहने वाला हू. मेरी उमर 40 साल है. लेकिन ये कहानी तब की है जब मैं यंग था 18 साल का. उस वक़्त मुझे सेक्स के बारे में कुछ पता ही नही था, कुछ भी नही, बिल्कुल ज़ीरो नालेज.

मेरी हाइट बहुत कम थी, और मैं बहुत लीन बॉडी का था, और मेरी लुल्ली खड़ी होके 4 इंच की थी. और मेरी गांद गोल और थोड़ी हिप्स से बाहर और बदन पे बाल बिल्कुल नही थे.

मेरे घर के बगल वाले घर में एक बिंगाली फॅमिली रहती थी, मा, बाप, और 2 लड़के. छ्होटे लड़के का नाम बापी था, और मुझसे वो उमर में एक साल बड़ा था. हम दोनो में पास में रहने के कारण दोस्ती हो गयी थी, और हम साथ में ही खेला करते थे.

हम दोनो बहुत टाइप का खेल खेलते थे जैसे कभी क्रिकेट, कभी फुटबॉल, कभी ऑफीस-ऑफीस, कभी नों-सेक्षुयल रॉल्प्ले जैसे फॅमिली ड्रामा एट्सेटरा. बापी दिखने में बहुत क्यूट था. भरे हुए होंठ, चौड़ा सीना, बड़ी हिप्स, बदन एक-दूं स्मूद, और 6 इंच का लंड (जो मुझे बाद में दिखा) जो की 1 इंच मोटा था.

एक दिन सनडे के दिन हम दोपहर में मेरे घर पे मेरे रूम में रेसलिंग खेल रहे थे. बापी ने मुझे कमर से पकड़ा, और बेड पे गिरा दिया, और मेरे सीने पे चढ़ के बैठ गया. फिर मेरे दोनो हाथ मेरे सर के उपर करके पकड़ लिए.

बापी का चेहरा मेरे बहुत करीब था, और उसकी साँसे मुझे मेरे होंठो पे महसूस हो रही थी. लेकिन कोई सेक्स का ख़याल ही नही था मेरे मॅन में. मैं चुधने की कोशिश कर रहा था. लेकिन चुधवा नही सका, क्यूंकी वो मुझसे ज़्यादा ताकतवर था.

उस वक़्त हम सब अंडरवेर नही पहनते थे. इसकी वजह से बापी का लंड और बॉल्स मेरे सीने पे पुर फील हो रहे थे. लेकिन मैने उस बारे में सोचा नही, और बस चुधने की कोशिश करता रहा. तभी बापी ने मेरी नज़रों से नज़रें मिला कर मुझसे कहा-

बापी: तू बड़ा सेक्सी लगता है. बिल्कुल लड़की की तरह. ई लोवे योउ.

और ये बोल के उसने मेरे गालों पे किस कर दिया. मुझे थोड़ी शरम आई, लेकिन मुझे लगा की बापी मुझे दोस्ती में ई लोवे योउ कह रहा था. तो मैने भी उसे ई लोवे योउ टू कह दिया. फिर अचानक बापी ने मेरे होंठो पे एक किस दे दिया. उसके किस करते ही मुझे सेक्स की कोई फीलिंग नही हुई, लेकिन मैं चौंक गया.

लेकिन फिर मैने सोचा की ई लोवे योउ तो घर के सभी कोई बोलते है. क्यूंकी मैं सबसे छ्होटा था, और होंठो पे किस भी करते है, तो मैने कुछ और नही सोचा. तब तक खाना खाने का टाइम हो गया था, तो फिर बापी अपने घर चला गया.

दूसरे सनडे को बापी सुबह मेरे घर आया. तब मेरे पापा ऑफीस गये थे, और मम्मी किचन में थी, और मैं और बापी अपने रूम में ऑफीस-ऑफीस खेल रहे थे. तभी अचानक बापी ने कहा-

बापी: आज हम लोग शादी-शादी खेलते है.

तो मैने माना नही किया, क्यूंकी हम दोनो रोल-प्ले वग़ैरा खेलते थे.

बापी: मैं बड़ा हू तो मैं पति बनूंगा, और तू छ्होटा है तो तू पत्नी बनेगा.

तो मैने भी लॉजिक समझ के हा कह दी.

बापी ने कहा: हम दोनो सुहग्रात मनाएँगे.

फिर उसने जल्दी से जाके मेरी मम्मी के कमरे से मम्मी का एक दुपट्टा लाके मुझे घूँघट लगा के बिस्तर पे बिता दिया. मैं भी रोल में आ गे. पर तब भी मुझे सेक्स का कुछ एहसास नही था. बापी जाके दरवाज़ा लॉक करके आया, और मेरे सामने बैठ गया, और मैं शरमाने लगा. हम दोनो एक-एक हल्की त-शर्ट और हाफ पॅंट्स पहने हुए थे विदाउट अंडरवेर.

फिर बापी ने मेरे दुपट्टे से बना घूँघट उठाया, और मैं शर्मा रहा था. मुझे पता नही था की आयेज क्या होने वाला था. मैं तो बस एक बीवी/लड़की बनने की आक्टिंग कर रहा था.

बापी ने मेरा घूँघट उठा के मेरे गालों को अपने हाथो से पकड़ के उठाया, और हमारी नज़रें मिली. फिर एका-एक साइलेन्स छा गया और पता नही क्यूँ मेरी धड़कन थोड़ी तेज़ हो गयी. अब बापी ने मेरे गालों को अपने हाथो में पकड़ के अपने होंठ मेरे होंठो से लगा दिए, और एक मिनिट तक मुझे किस करता रहा.

वो मेरे होंठो का रस्स चूस्टा रहा, और उसके होंठो के मेरे होंठो को छूने से मेरे बदन में एक करेंट दौड़ गया. मेरे मूह से एक हल्की सी ‘आ’ निकल गयी बापी के होंठो के अंदर, और मेरी लुल्ली में हलचल होने लगी जो कभी भी नही हुई थी. मुझे अनकंफर्टबल भी लग रहा था, और अछा भी लग रहा था.

एक लड़का मेरे उपर आधा झुक के मेरे गालों को अपने हाथो में पकड़ के मेरे होंठो को किस कर रहा था, और सेक्स की नालेज ना होते हुए भी मुझे मेरी पहली गे किस का मज़ा मिल रहा था. मैं खोता जेया रहा था.

एक मिनिट बाद बापी ने मेरे होंठो से अपने होंठ हटाए, और मेरे गालों को अपने हाथो से पकड़ के मेरी आँखों में देखने लगा. मैने उससे लड़खड़ते हुए पूछा-

मैं: बापी ये क्या कर रहे हो?

बापी: मैं अपनी बीवी को प्यार कर रहा हू.

मैं: लेकिन मुझे नही पता की हज़्बेंड और वाइफ में प्यार कैसे होता है. और वैसे भी हम दोनो लड़के है.

बापी: मैने अपने मम्मी और डॅडी को देखा है की हज़्बेंड और वाइफ क्या करते है. अगर मैं तुझे बतौन तो क्या तू मेरे साथ सुहग्रात मनाएगा? क्या तुम्हे अछा नही लग रहा है?

मैं: हा अछा तो लग रहा है (मैं अब तक उसके मुझे छूने से और किस करने से काफ़ी एग्ज़ाइटेड था, और मैने हा कर दी) ठीक है.

बापी: सुहग्रात की रात को हज़्बेंड अपने वाइफ को नंगा करके किस करता है, लिपट-ता है, प्यार करता है.

बापी के इतना कहते ही मेरे बदन में फिरसे करेंट दौड़ गया और मेरी लुल्ली थोड़ी फूलने लगी. मुझे भी एक लड़की की तरह फील होने लगा. बापी की बातों में खो रहा था.

मैं (हल्की सिसकती हुई आवाज़ में): और?

बापी: फिर लड़का लड़की को अपना लंड चुस्वता के अपने प्यार का रस्स पिलाता है.

मैं: ये लंड क्या है?

बापी मेरे हाथो को अपने हाथो से पकड़ के पंत के उपर से अपने लंड के उपर रख दिया, और कहा-

बापी: इसे लंड कहते है, और लड़कियों की यहा पे छूट होती है. मैं वो तुझे बाद में दिखौँगा.

बापी का लंड छूटे ही मुझमे अलग मदहोशी छाने लगी. ज़िंदगी में पहली बार मैने किसी और का लंड च्छुआ था, पंत के उपर से ही सही. मैं उसके लंड को अपने हाथ पे फील करके उसके लंड के उभार की तरफ एक अजीब प्यास से देखने लगा.

मुझे ये पता नही था की ये क्या हो रहा था. पर मुझे अछा बहुत लग रहा था. उसके पुर पत्थर जैसे तनने हुए लंड को छूने से मेरी भी लुल्ली में हुलचूल होने लगी, और पूरी खड़ी हो गयी थी. मेरी लुल्ली पानी छ्चोढने लगी, जो बापी ने मेरी पंत में दाग से देख लिया.

फिर बापी ने मेरे कंधे पर हाथ रखा तो मुझे होश आया और मैं बापी की आँखों में देखा तभी बापी ने मुझसे कहा-

बापी: मेरी पंत उतार के पकड़ लो डार्लिंग.

तो मैने शर्मा के अपनी नज़रें नीची कर ली. बापी तोड़ा पीछे हुआ, और अपनी पंत उतार दी. तब मेरी नज़र नीची थी, और मैने बापी की पंत को अपने पैरों से झुक के हटते हुए देखा. बापी फिर तोड़ा मेरी तरफ आयेज आया, और अपने 6 इंच के तनने हुए लंड तो मेरी आँखों के सामने रख दिया, जो अचानक मेरी आँखों के सामने आया, और मैं खुशी से चौंक गया.

मुझे सेक्स के बारे में कुछ पता नही होने पे भी मुझे उसका लंड बहुत रसीला लग रहा था. मेरे मूह में पानी आ रही था, पर मैने अपने फेस को शरमाते हुए साइड पे कर लिया. बापी के लंड के गुलाबी टोपे से निकलता 1 बूँद प्रेकुं बहुत सेक्सी लग रहा था.

फिर बापी ने अपनी त-शर्ट उतरी, और पूरा नंगा हो गया, और मैं अभी भी त-शर्ट और हाफ पंत पहने हुए था. बापी का नंगा बदन मेरी नज़रों में पड़ते ही मेरे जैसे होश खो गये. उसपे उसका तन्ना हुआ तरकता लंड मुझे पागल कर रहा था. ज़िंदगी में पहली बार मैं किसी को पूरा नंगा देख रहा था, और पहली बार किसी के सेक्षुयल टच को फील कर रहा था. मैं तो पागल हो रहा था.

फिर बापी मेरे पास आया, और मुझे कंधे से पकड़ के उठाया, और खड़ा कर दिया. उसके बाद फिर घुटनो के बाल मेरे सामने बैठ गया. फिर उसने मेरी त-शर्ट उतरी, और मेरी पंत भी एक झटके में उतार दी. मैं पहली बार किसी को नंगा देख रहा था, और किसी के सामने खुद नंगा था, और मुझे शरम आने लगी.

बापी अब सच मच एक डॉमैनेटिंग हज़्बेंड बन गया था, और मेरे बदन को अपने इशारो पे नाचा रहा था, और मैं नाच रही थी. मैं लड़की होने का एहसास कर रही थी, और मेरा पानी निकल गया. 2 शॉट पानी ज़मीन पे गिर गया. फिर बापी ने झट से मेरी लुल्ली को अपने मूह में भर लिया, और मेरा बाकी का निकलता हुआ पानी पीने लगा. मुझे लगा मेरा टाय्लेट निकल गया तो मैने थोड़ी ज़ोर आवाज़ में सिहारते हुए कहा-

मैं: मेरा टाय्लेट निकल रहा है, मूह में मत लो.

लेकिन बापी ने अपना मूह नही हटाया और मेरी गांद को दोनो तरफ से अपने हाथो से पकड़ के मेरा रस्स पीटा रहा. जब मेरा निकलना बंद हो गया, तो बापी ने सारा पानी पीने के बाद अपना मूह हटाया, और मेरी तरफ देखते हुए कहा-

बापी: ये टाय्लेट नही है शोना, ये तुम्हारा प्यार का रस्स है.

इससे आयेज की कहानी अगले पार्ट में. एमाइल मे अट सिरोक्कोस्टरर69@गमाल.कॉम

यह कहानी भी पड़े  मेरा फर्स्ट गे सेक्स एक गे अंकल के साथ


error: Content is protected !!