लड़की ने अपने मॅनेजर से चूत और गांद फतवाई

मैं रानी आप सब का वापस से वेलकम करती हू अपनी कहानी में. जैसा की आपने पिछले पार्ट में पढ़ा की मेरे मॅनेजर ने मुझे कैसे सिड्यूस किया, और मुझे नंगा कर दिया. फिर मेरी वर्जिन छूट देख कर पागल हो गया. अब ज़्यादा आपको ना तड़पाते हुए जल्दी से स्टोरी शुरू करते है, की कैसे मॅनेजर ने मेरी टाँग उठा कर ली.

मॅनेजर मेरी वर्जिन पूरी गुलाबी प्लैइन छूट देख कर पागल हो गया. उसके मूह से पानी टपकने लगा. वो मेरी और आया, और मुझे अपनी गोद में उठा का दीवार में लगा कर किस करने लगा ज़ोरो से. मैं भी पुर जोश में थी. और मैं भी उसका पूरा साथ दे रही थी.

15 मिनिट किस करने के बाद मॅनेजर का शायद हाथ दर्द हो गया मुझे उठाने से. फिर मॅनेजर ने मुझे अपने टेबल पे लाके लिटा दिया, और मेरे उपर आ गया.

अब वो मेरे टाइट हारे-भरे दुधो के साथ खेलना लगा. मेरे दूध इतने बड़े थे की मॅनेजर के हाथ में तक नही आ रहे थे. फिर भी मॅनेजर मेरे बूब्स को ज़ोर-ज़ोर से दबाने और चूसने लगा. वो हल्का-हल्का पूरी बॉडी पे किस करते-करते नीचे मेरी पिंक छूट पर चला गया, और उसको चाटने लगा.

जैसे ही मॅनेजर ने अपनी टंग छूट के अंदर की, क्या ही काहु, कितनी ज़्यादा ज़ोर की आग लगी मेरी छूट में, की मेरी ज़ोरो की सिसकारियाँ निकालने लगी. मैं जोश में छूट उपर कर-कर के छूट चटवाने लगी.

करीब 10 मिनिट बाद मैं झाड़ गयी. मॅनेजर ने जूस जैसा मेरा माल पूरा पी लिया, और छूट को आचे से चाट का सॉफ कर दिया. फिर वापस किस रौंद स्टार्ट हुआ, और मैं मॅनेजर का मोटा लंड हाथ में लेके जगाने लगी.

कुछ ही मिनिट्स में लंड टाइट हो गया. पूरा मोटा और पूरा भयानक सा लंड देख बस दर्र रही थी मैं, की अंदर गया तो मेरा क्या हाल होगा. फिर बॉस मेरे टांगे फैला कर अपना टोपा छूट पे रगड़ने लगा. मैं उत्तेजित होने लगी, और अपनी गांद उठाने लगी, मॅनेजर का लंड अपनी गांद में लेने के लिए.

फिर मॅनेजर ने एक ज़ोरदार धक्का दिया. मेरी तो चीख पुर ऑफीस में गूंजने लगी. एक धक्के में मॅनेजर का टोपा ही अंदर गया, और मेरी छूट से खून निकालने लगा. मेरी आँखों से आँसू बहने लगे. मैं मॅनेजर से भीख माँगने लगी-

मैं: निकालो जल्दी, बहुत दर्द कर रहा है.

पर मॅनेजर ने मेरी एक ना सुनी. उसने मेरे दोनो हाथो को ज़ोर से जाकड़ लिया, और मुझे किस करने लगा मुझे शांत करने के लिए. साथ ही हल्का-हल्का ज़ोर लगाने लगा. दूसरे धक्के में आधा मोटा लंड मेरे अंदर समा गया.

थर्ड धक्के में पूरा अंदर समा गया, और टेबल पूरा खून से भर गया. मेरी आवाज़ पूरी गूँज रही थी रूम में. तभी मॅनेजर थोड़ी देर लंड अंदर ही रोक दिया और किस करने और दूध चूसने लगा. फिर थोड़ी देर बाद उसने झटके देना स्टार्ट किया, और मेरी छूट का पूरा भोंसड़ा बना दिया.

अब मुझे भी मज़ा आने लगा था. मैं भी गांद उठा-उठा के मरवाने लगी छूट. काफ़ी देर ऐसा ही चला, और अब मॅनेजर झड़ने वाला था.

मॅनेजर ने फिर अपना मोटा लंड मेरी छूट से निकाला, और सारा माल मेरे बूब्स और फेस पर डाल दिया. फिर तोड़ा देर मैं ऐसे ही पूरी खून से लथपथ टेबल पे पड़ी रही.

मॅनेजर कहना लगा: मज़ा आ गया. चल उठ अब गांद की बारी है. यही तो साली है जो इतनी टाइट जीन्स में मटकती हुई घूमती रहती है.

मैं सुन का माना करने लगी: नही मैं नही ले पौँगी इतना मोटा लंड गांद में. अभी ही इतनी हालत खराब है.

पर मॅनेजर ने एक नही सुनी. वो मेरे उपर आ गया, और किस करना स्टार्ट कर दिया. फिर मुझे टेबल से नीचे उतार दिया, और विंडो का पास ले गया. वो अब मेरी बॅक पे किस करना लगा, और मेरी गांद मसालने लगा. फिर किया था, मॅनेजर का लंड वापस तैयार हो गया.

उसने मेरी एक टाँग उपर की, और अपना लंड गांद पे सेट करके ज़ोरदार पूरा दूं लगा के धक्का लगा दिया. मेरी जान ही निकल गयी. मैं बेहोश सी होने लगी, पर मॅनेजर ने एक ना सुनी. वो अपना पूरा लंड अंदर डाल कर ज़ोरदार धक्के देने लगा. नेक पे किस करते हुए एक हाथ से मेरे बाल खींचने लगा, और मेरी गांद मारने लगा.

मेरे दोनो टाइट बूब्स विंडो के काँच में डब गये. पूरा रूम ठप-ठप की आवाज़ से गूँज रहा था. वो ज़ोर-ज़ोर से मेरी गांद मारने लगा झुका कर. साथ ही मेरे छूतदों पे हाथ मारने लगा. मुझे पूरी पाईं होने लगी. मेरी पूरी गोरी-गोरी बड़ी गांद को मार-मार का लाल कर दिया हरंखोर ने.

कब से मॅनेजर सेक्स का भूखा था. पता नही पूरी हवस मेरे पे निकाल रहा था. बहुत बेरेहमी से छोड़ रहा था मुझे. वापस से चरम पड़ाव में आके इस बार सारा माल मेरी गांद में झाड़ दिया, और लंड बाहर निकाल कर मुझे घुटनो पे भीता कर मूह में डाल दिया सॉफ करने के लिए.

मैं फिर उसको आचे से ब्लोवजोब देने लगी. मेरे बाल पकड़ के पूरा लंड मूह के अंदर डाल का रुक गया मॅनेजर. मेरी साँस फूलने लगी. उसने ज़बरदस्त तरीके से छोड़ा मेरा मूह और फिर लंड बाहर निकाला.

मॅनेजर हस्स के मज़ा लेने लगा. फिर हम वॉशरूम में जाके दोनो बात लिए, और पूरा खून सॉफ किया. फिर वापस अपने कपड़े पहने, और ऑफीस से जल्दी निकले मॅनेजर की कार में शॉपिंग के लिए. क्यूंकी मॅनेजर ने मेरी शर्ट जो फाड़ दी थी, तो मॅनेजर कार में शर्ट लेके आया. मैने कार में ही वेट की.

शर्ट वापस लाने के बाद मैने मॅनेजर से कहा: बाहर जाओ मैं चेंज कर लू.

पर मॅनेजर नही माना. फिर क्या था, मुझे उसके सामने ही चेंज करना पड़ा. पर मॅनेजर इतना आसानी से करने देने वाला नही था. जैसे ही मैने शर्ट खोली, वो वापस मेरे दूध पे टूट पड़ा, और चूसने लगा और काटने लगा.

मेरी पूरी बॉडी पाईं हो रही थी. निकलते समय चला भी नही जेया रहा था, इतने बुरे तरीके से छोड़ा था मुझे. पर अभी भी जाने नही दे रहा था, और पार्किंग में स्टार्ट हो गया. मेरे काफ़ी रिक्वेस्ट करने पे वो मान गया और शर्ट पहनने दी आराम से.

थोड़ी देर मैं ऐसे ही बैठी रही कार में उसके कंधे पर सर रख कर. थोड़ी देर में टाइम हुआ घर जाने का, तो फिर हग और किस किया, और वाहा से बाहर निकल गयी घर के लिए. फिर मॅनेजर ने नोटो का बंड्ल मूह पे मारा और कहा-

मॅनेजर: आज मज़ा आ गया. ऐसे ही मुझे खुश करती रह, मैं तुझे करता रहूँगा.

फिर मुझे ड्रॉप करके वो अपने घर चला गया.

तो दोस्तों आप सब को मेरी स्टोरी कैसी लगी, कॉमेंट करके बताए. और पढ़ कर मज़ा लीजिए. जिसे सच में मज़ा लेना है, कॉमेंट करे.

थॅंक्स फॉर रीडिंग.

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