कामुकता मेरी मम्मी का यार

kamukta meri mummy ka yaar हाई मैं देल्ही मैं रहती हूँ मेरा नाम हेमा है. उमर अभी केवल 15 य्र्स. है. मैं एकलौती हूँ मेरी माँ अभी केवल 35 य्र्स की हैं. मेरे छ्होटे मामा अक्सर घर आया करते हैं. वे ज़्यादातर मम्मी के कमरे मैं ही घुसे रहते हैं. मुझे पहले तो कुच्छ नही लगा पर एक दिन जान ही गयी कि मम्मी अपने छ्होटे भाई यानी मेरे मामा से ही मज़ा लेती हैं. मुझे बहुत आश्चर्या हुवा पर अजीब सा मज़ा भी मिला दोनो को देखकर. मैं जान गयी मम्मी अपने भाई से फँसी है और दोनो चुदाई का मज़ा लेते हैं. मामा करीब 25 य्र्स के थे. मामा अब मुझे भी अजीब नज़रो से देखते थे. मैं कुच्छ ना बोलती थी.

घर के माहौल का असर मुझ पर भी पड़ा. मामा को अपनी चूचियों को घूरते देख अजीब सा मज़ा मिलता था. अगर पापा नही होते तो मम्मी मामा को अपने रूम मैं ही सुलाती. एक रात मम्मी के रूम मैं कान लगा दोनो की बात सुन रही थी तो दोनो की बात सुन दंग रह गयी. मामा ने कहा,

“दीदी अब तो शशि भी जवान हो गयी है. दीदी आप ने कहा था कि शशि का मज़ा भी तुम लेना.”

“ओह्ह मेरे प्यारे भाय्या तुमको रोकता कौन है. तुम्हारी भांजी है जो करना है करो. जवान हो गयी है तो चोद दो साली को. जब मैं शशि की उमर की थी तो कई लंड खा चुकी थी. 5 साल से सिर्फ़ तुमसे ही चुद्वा रही हूँ. आजकल तो लड़किया 14 य्र्स मैं छुड़वाने लगती हैं.” मैं चुपचाप दोनो की बात सुन रही थी और बेचैन हो रही थी.

“वह गुस्सा ना हो जाए.”

“नही होगी. तुम गधे हो. पहली बार सब लड़कियाँ बुरा मानती है पर जब मज़ा पाएगी तो लाइन देने लगेगी. ज़रा चूत छातो.”

यह कहानी भी पड़े  एक रात की कहानी पार्ट - 1

“जी दीदी.” वह मम्मी की चूत को चाटने लगा. कुच्छ देर बाद फिर मामा की आवाज़ आई,

“पूरी गदरा गयी है दीदी.”

“हां हाथ लगाओगे तो और गदराएगी. डरने की ज़रूरत नही. अगर नखरे दिखाए तो पटक कर चोद दो. देखना मज़ा पाते ही अपने मामा की दीवानी हो जाएगी जैसे मैं अपने भयया की दीवानी हो गयी हूँ. चॅटो मेरे भाई मुझे चटवाने मैं बहुत मज़ा आता है.”

“हां दीदी मुझे भी तुम्हारी चूत चाटने मैं बड़ा मज़ा मिलता है.” मैं दोनो की बात सुन मस्त हो गयी. मंन का डर तो मम्मी की बात सुन निकल गया. जान गयी कि मेरा कुँवारापन बचेगा नही. मम्मी खुद मुझे चुद्वाना चाह रही थी. जान गयी की जब मम्मी को इतना मज़ा आ रहा है तो मुझे तो बहुत आएगा. ममा तो अपने सगे भाई से चुद्वा ही रही थी साथ ही मुझे भी चोद्ने को कह रही थी. मम्मी और मामा की बात सुन वापस आ अपने कमरे मैं लेट गयी. दोनो चूचियों तेज़ी से मचल रही थी और राणो के बीच की चूत गुदगुदा रही थी. कुच्छ देर बाद मैं फिर विंडो के पास गयी और अंदर की बात सुनने लगी. अजीब सा पुक्क पुक्क की आवाज़ आ रही थी. मैने सोचा कि यह कैसी आवाज़ है. तभी मम्मी की आवाज़ सुनाई दी,

“हाए थोड़ा और. साले बहन्चोद तुमने तो आज थका ही दिया.”

“अरे साली रंडी अभी तो 100 बार ऐसे ही करूँगा.” मैं तड़प उठी दोनो की गंदी बातें सुनकर. जान गयी की पुक्क पुक्क की आवाज़ चुदाई की है और मम्मी अंदर चुद रही हैं. मामा मम्मी को चोद रहे हैं. तभी मम्मी ने कहा,

यह कहानी भी पड़े  अंकल ने कमसिन माँ की चुदाई की

” हाए बहुत दमदार लंड है तुम्हारा. ग़ज़ब की ताक़त है मेरी दो बार झाड़ चुकी है. आआअहह बस ऐसे ही तीसरी बार निकलने वाला है. आअहह बस राजा निकला. तुम सच्च मैं एक बार मैं दो तीन को खुश कर सकते हो. जाओ अगर तुम्हारा मंन और कर रहा हो तो शशि को जवान करदो जाकर.”

“कहाँ होगी.”

“अपने कमरे मैं. जाओ दरवाज़ा खुला होगा. मुझमे तो अब जान ही नही रह गयी है.” मम्मी ने तो यह कह कर मुझे मस्त ही कर दिया था. घर मैं सारा मज़ा था. मामा अपनी बड़ी बहन को चोद्ने के बाद अब अपनी कुँवारी भांजी को चोद्ने को तैय्यार थे. मां के चुप हो जाने के बाद मैं अपने कमरे मैं आ गयी. जान गयी कि मामा मम्मी को चोद्ने के बाद मेरी कुँवारी चूत को चोद्कर जन्नत का मज़ा लेने मेरे कमरे मैं आएँगे.

पूरे बदन मैं करेंट दौड़ने लगा. रूम मैं आकर फ़ौरन मॅक्सी पहनी. मैं चड्डी पहनकर सोती थी पर आज चड्डी भी नही पहनी. आज तो कुँवारी चूत की ओपनिंग थी. चूत की धड़कन इनक्रीस हो रही थी और चूचियों मैं रस भर रहा था. मॅन कर रहा था कि कह दूं मामा मम्मी तो बूढ़ी है. मैं जवान हूँ. चोदो मुझे. रात के 11:30 हो चुके थे. दरवाज़ा खुला रखा था. मॅक्सी को एक टाँग से ऊपर चड़ा दिया और एक चूची को गले की ओर से थोड़ी सी बाहर निकाल दी और उसके आने की आहट लेने लगी. मैं मस्त थी और ऐसे पोज़ मैं थी की कोई भी आता तू उसे अपनी चखा देती. अभी तक लंड नही देखा था. बस सुना था.

और मजेदार सेक्सी कहानियाँ:

Pages: 1 2 3 4

error: Content is protected !!