कैसे मैंने नौकरानी को चोदा

कपड़े पहनने के बाद भी मेरे हाथ उसकी चूचियों को हल्के हल्के मसलते रहे। और मैं उसके गालों और होंठों को चूमता रहा।
एक हाथ उसके बुर पर चला जाता था और हल्के से उसकी चूत को दबा देता था।

‘साहब अब मुझे जाना होगा।’ कह कर वो उठी।

मैंने उसका हाथ अपने लंड पर रखा- रानी, एक बार और चोदने का मन कर रहा है। कपड़े नहीं उतारूंगा।

दोस्तों, सच में लंड खड़ा हो गया था और चोदने के लिये मैं फिर तैयार।

मैंने उसे झट से लिटाया, साड़ी उठाई, और अपना लौड़ा उसके बुर में पेल दिया।

अबकी बार खचखच चोदा और कस कर चोदा और खूब चोदा और चोदता ही रहा।

चोदते चोदते पता नहीं कब लंड झड़ गया और मैंने कस कर उसे अपनी बाहों में जकड़ लिया।

चूमते हुए चूचियों को दबते हुए, मैंने अपना लंड निकाला और उसे विदा किया।

Pages: 1 2 3 4 5

Leave a Reply

error: Content is protected !!